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Ch-2 आसमान गिर पड़ा (शून्य-उपन्यास)

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Hindi Suspense thriller Novel



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जब अँजेनीने अपनी कार अपार्टमेंटमें पार्किंगके लिए घुमाई उसे वहाँ वह शापींग करते वक्त रस्ते में दिखी पुलिस व्हॅन दिखाई दी. उसका दिल जोर जोर से धडकने लगा. क्या हूवा होगा? वह कार से उतरकर अपना शॉपींग किया हूवा सामान लेकर जल्दी जल्दी लिफ्ट की तरफ चल पडी. जब वह वहाँ पहूँची, लिफ्टका दरवाजा खुला और अंदरसे दो पुलिसके लोग बाहर आ गए. पुलीसको देखकर उसका दिल औरही बैठसा गया. उसने झटसे लिफ्टमें जाकर लिफ्टका बटन दबाया जिसपर 10 यह नंबर लिखा हूवा था.
लिफ्टसे बाहर आतेही जब अँजेनीने अपने खुले फ्लॅटके सामने लोगोंकी भीड देखी उसकेतो हाथ पांव कापने लगे. उसके हाथसे शॉपींगका सारा सामान निचे गीर पडा. वैसेही वह उस भीडकी तरफ दौड पडी.
'' क्या हूवा?'' उसने अंदर जाते हूवे वहाँ जमा हूई भीडको पुंछा. सब लोग गंभीर मुद्रामें सिर्फ उसकी तरफ देखने लगे. किसीकी उसको कुछ बताने की हिम्मत नही बनी. वह फ्लॅटके अंदर चली गई. सब पुलीसवालोंका बेडरुमकी तरफ रुख देखकर वह बेडरुमकी तरफ चली गई.
जाते जाते फीरसे उसने एक पुलीसवालेको पुछा, '' क्या हूवा?''
वह उससे आँखे ना मिलाते हूवे गंभीरतासे सिर्फ बेडरुमकी तरफ देखने लगा.
वह जल्दीसे बेडरुमके अंदर चली गई. सामनेका दृष्य देखकर जैसे अब उसकी बचीकुची जान निकल गई थी. उसके सामने उसके पती का खुनसे लथपथ शव पडा हूवा था. उसे अब सारा कमरा घुमता हूवा नजर आने लगा और वह अपना होशोहवास खोकर निचे गीर पडी. गिरते वक्त उसके मुंहसे निकल गया-
'' सानी...''
उसकी वह हालत देखकर बगलमें खडा जॉन झटसे उसे सहारा देने के लिए सामने आया. उसने उसे हिलाकर उसे जगाने की कोशीश की. वह बेहोश हो गई थी. लेकिन जब जॉनने गौर किया की उसकी सांसभी शायद रुक चूकी थी, उसने बगलमें खडे अलेक्स को आदेश दिया '' कॉल द डॉक्टर इमीडीएटली ... आय थींक शी हॅज गॉट अ ट्रिमेंडस शॉक".
अलेक्स तत्परतासे बगलमें रखे फोनके पास जाकर फोन डायल करने लगा.
डॉक्टर के आने तक कुछ करना जरुरी था लेकिन जॉन को क्या करे कुछ सुझाई नही दे रहा था.
"सर शी नीड्स आर्टिफिशीअल ब्रीदिंग" किसीने सुझाव दिया.
फिर जॉन अपने मुंहसे उसके मुंहमे सांस भरने लगा और बिच बिचमे उसकी रुकी हूई धडकन शुरु होनेके लिए उसके सिनेपर जोर जोरसे दबाव देने लगा. दबाव देते हूए 101,102,103 गिनकर उसने फिरसे उसके मुंहमें हवा भरी और फिरसे 102,102,103 गिनकर उसके सिनेपर दबाव देने लगा. ऐसा दो-तीन बार करनेके बाद जॉनने अँजेनीकी सांस टटोली. लेकिन एक बार गई हूई उसकी सांस मानो लौटनेको तैयार नही थी. उसके सारे साथीदार उसके इर्द-गिर्द जमा हुए थे. उनको भी क्या करे कुछ समझ नही आ रहा था. डॉक्टरके आनेतक एक आखरी प्रयास सोचकर जॉनने फिरसे एकबार अँजेनीके मुंहमे हवा भरी और 101,102,103 गिनकर उसके सिनेपर दबाव देने लगा.
हॉस्पीटलमें अँजेनीको इंटेसीव केअर युनिट में रखा गया था. बाहर दरवाजे के पास जॉन और उसका एक साथीदार खडे थे. इतनेंमे आय.सी.यू का दरवाजा खुला और डॉक्टर बाहर आगए. जॉन वह क्या कहते है यह सुननेके लिए बेताब उनके सामने जाकर खडा होगया. डॉक्टरने अपने चेहरेसे हरा कपडा हटाते हूए कहा-
" शी इज आऊट ऑफ डेंजर .... नथींग टू वरी"
जॉनके जानमें जान आगई. इतनेमें जॉनके मोबाईलकी घंटी बजी. जॉनने मोबाईलके तरफ देखते हूए बटन दबाते हूए कहा-
" यस सॅम"
उधरसे आवाज आई '' सर , हमने उसे सब तरफ ढुंढा लेकिन वह हमें नही मिला.''
''नही मिला.?.. उसके जानेमें और हमारे ढुंढनेमें ऐसा कितना फासला था? ....वह वही कही आसपास होना चाहिए था. '' जॉनने कहा.
''सर... शायद उसने बादमें अपने कपडे बदले होगे.. क्योंकी हमने आसपासके सभी पुलीस स्टेशनमें उसका हूलिया और पहनावेके बारेंमे खबर कर दी थी...'' उधरसे आवाज आई.
''अच्छा, अब एक काम करो...उसका स्केच बनानेके काममें जुड जावो... हमें उसे किसीभी हालमें पकडनाही होगा...'' जॉनने अपना दृढ निश्चय जताते हूए आदेश दिया.
'' यस सर ...'' उधर से आवाज आई.
जॉनने मोबाईल बंद किया और डॉक्टरसे कहा,'' अच्छा अब हम निकलते है... टेक केअर ऑफ हर ... और कोई मुसीबत या परेशानी हो तो हमें फोन करना ना भूलीएगा...''
''ओ.के...'' डॉक्टरने कहां.
जानेसे पहले जॉनने अपने साथीदारसे कहा,'' उसके रिश्तेदारके बारेमे मालूम करो...और उन्हे इन्फॉर्म करो...''
" यस सर" जॉनके साथीदारने कहा.
....(to be continued)

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5 comments:

  1. लिखते रहे,
    सुभकामनाएँ .................................

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  2. Sir aap madhurani ka bhi hindi verson complete karke post kijie na.

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    1. sir you r great....ultimate thinking

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