उपन्यास - अद्-भूत (संपूर्ण)
The horror, suspense, thriller online Hindi Novel based on my english screenplay 'Latched' registered with FWA.
आप यह उपन्यास अपने दोस्तोंको ईमेलभी कर सकते है.
उपन्यास - शून्य (संपूर्ण)
The suspense, thriller online Hindi Novel based on my published book.
You can also Email this Hindi Novel to your friends!
Showing posts with label premchand. Show all posts
Showing posts with label premchand. Show all posts

Thursday, February 21, 2008

Ch-41: मेडीयाके साथ पाला (शून्य-उपन्यास)

जॉन नार्थ स्ट्रीटको नियोलके अपार्टमेंटमें जानेके लिए अपने गाडी से उतरा, तभी उसे चारो ओरसे प्रेसने घेर लिया.

" मि. जॉन.... आपनेतो कहा था की खुनी मर चूका है... और केस खतम हो चूकी है..."

एक पत्रकार भिडमें अपना कॅमेरा संभालते हूए अचानक जॉनके सामने उसका रस्ता रोकते हूए खडा होगया. भिडसे रास्ता निकालकर वहां पहूचनेतक उस पत्रकारके सारे कपडे और बाल खराब हो चूके थे.

जॉनके पिछे, आजू बाजू सब तरफसे पत्रकार उसे घेरकर खडे थे. वह एकदम सामने आनेसे उसे आगे जानेका रस्ताभी बंद हूवा था. अब उस पत्रकारको कुछतो जवाब देकर कमसे कम अभीके लिए शांत करना जरुरी था. क्या बोला जाए जॉनको कुछ सुझ नही रहा था.

" लेट मी र्फस्ट इनव्हेस्टीगेट द केस ..." ऐसा कहकर जॉनने उसे बाजू हटाया और वह आगे जाने लगा.

पिछेसे वह पत्रकार चिल्लाया -

" सर यू कान्ट जस्ट इग्नोर अस धिस वे"

" यू हॅव टू अॅन्सर अस" दुसरा एक चिल्लाया.

" यस ... यस" बाकी पत्रकारभी चिल्लाकर उन्हे साथ देने लगे.

उसके पिछे सब पत्रकार गुस्सेसे चिल्लाते हूए दंगा करने लगे थे. जॉन ब्रेक लगे जैसा रुका. उसने पलटकर देखा. उसे सब पत्रकार मानो खानेको तैयार थे. जॉनका चेहरा बुझसा गया. वह समझ रहा था की गलती पुलिसकी थी.

अब उन्हे कुछ तो समझा बुझाकर शांत करना जरुरी था.

कॅमेरेके फ्लॅश उसपर चमक रहे थे. कॅमेरेके फ्लॅशकी वजहसे वह विचलितसा हूवा. बाकीके पुलिस बडी मुश्कीलसे उन पत्रकारोंको घेरा बनाकर रोके हूए थे.

" इस इनव्हेस्टीगेशनके बाद शामको मै एक प्रेस कॉन्फरंस लेने वाला हूं ... उसमें मै सब विस्तारसे बोलूंगा" जॉन हिंम्मत कर बोला और पलटर तेजीसे चलते हूए अपार्टमेंटमें घुस गया.

पत्रकार कमसे कम उस वक्तके लिए शांत हूए थे. जॉनको खुदकाही आश्चर्य लग रहा था.

उसके मुंहसे वह सब कैसे निकल गया इसका उसेही पता नही था.

वह प्रेस कॉन्फरंसके बारेमे बोला तो था लेकिन प्रेस कॉन्फरंसमें वह क्या बोलने वाला था?...

चलो कमसे कम अबकी तो बला टली. शामका शामको देखेंगे...

ऐसा सोचकर वह लिफ्टमें घुस गया. लिफ्ट बंद हूई. उसने लिफ्टमे बटनोंके लाईनमेसे ढूंढकर 10 नंबरका बटन दबाया.



क्रमश:...

Wednesday, February 6, 2008

Ch-30B: प्रेस कॉंन्फरंन्स (शून्य-उपन्यास)

अब प्रेस कॉन्फरन्समें सिर्फ शहर पोलीस शाखाप्रमुखके आनेकी राह थी. इतनेमें टेबलके उस तरफ थोडी चहल पहल दिखाई दी. इधर टेबलके इस तरफ बैठे प्रेसके लोगोंमें खुसुरफुसुर शुरू हूई. प्रेसके लोगोंको शहर पोलीस शाखाप्रमुख आते हूए दिखाई दिए. अपने बॉसके पिछे पिछे जॉन अपने भारी कदमोंसे चल रहा था. आखीर टेबलके उस तरफ शहर पोलीस शाखाप्रमुख और जॉन ऐसे दो लोग खडे हूए. टेबलके इस तरफ प्रेसवालोंकी गडबड शुरु हूई. इतने दिनोंसे नासूर की तरह तकलिफ दे रहे सिरियल किलरके केसके बारेमें लोगोंको जानकारी देनेके लिए प्रेस कॉन्फरन्स बुलाई गई थी.

प्रेसवालोके सवालोंका तांता शुरु हो गया -

" खुनी कौन है?"

" उसे जिंदा क्यो पकडा नही गया?"

" उसे ढूंढनेके लिए इतना वक्त क्यों लगा ?"

शहर पोलीस प्रमुखने एक गहरी नजर सारे प्रेसवालोंपर डाली.

" वन बाय वन" शहर पोलीस प्रमुख अपने कडे स्वरमें बोले.

" यस यू" शहर पोलीस प्रमुखने एक गरीब दिख रहे प्रेसवालेके तरफ इशारा किया.

" सर, आप किस बातसे यह कह रहे है की बिल्डींगसे गिरकर मरा पाया गया आदमीही खुनी था ?" एक टीव्ही चॅनलवालेने सवाल किया.

" अबतक मिले तिनो डेड बॉडीसे मिली बंदूक की गोलीयां उसकेही बंदूकसे फायर कि हूई थी... यह हमारे टेक्नीकल टीमने साबीत किया है.. और खुनीके कोटकी जेबसे एक खंजर मिला... उस जेबके कपडेपर तिनो खुन किये गये लोगोंके खुनके दाग मिले..." शहर पोलीस प्रमुखने विस्तारसे सब बताया.

" पुलिस उस खुनीको जिंदा क्यो नही पकड पाये..?... अगर जिंदा पकड सकते तो और भी कुछ जानकारी मिली होती. जैसे खुन करनेकी वजह... इत्यादी... " दुसरे एक प्रेसवालेने झटसे अपना मुंह बिचमे घुसाकर सवाल पुछा.

" खुनकी जानकारी मिलतेही ताबडतोड हम घटनास्थल पहूच गए. ... जब हम वहां पहूंचे, खुन हो चूका था लेकिन खुनी बिल्डींगसे बाहर नही निकला था... फिर हमने बिल्डींगको चारो तरफसे घेर लिया... इसलिए खुनीके वहांसे भागनेके सारे रास्ते बंद होगये थे... और उसे सुसाईड करनेके सिवा कोई रास्ता नही बचा था... " शहर पुलिस प्रमुखने विस्तारसे बताया.

जॉनने अपने बॉसकी तरफ आश्चर्यसे देखा. बॉस झुट बोल रहा है इस बातका नही तो वह कितनी सफाईसे झुठ बोल सकता है इस बातका जॉनको आश्चर्य लग रहा था.

" क्या ? खुनीने सुसाईड किया ? लेकिन कुछ लोगोंके अनुसार वह उपरसे गिर गया होगा..." एकने प्रतिप्रश्न किया.

" टेरेसको साडेतीन फिट उंची दिवार होते हूए वह वहांसे गिर गया ऐसा कहना गलत होगा.." शहर पुलिस प्रमुखने अपना तर्क प्रस्तुत करते हूए जवाब दिया.

" खुनके बारेमें पुलिसको किसने जानकारी दी थी.?" एक न्यूजपेपर रिपोर्टरने पुछा.

" अब ये सारी बाते बताना जरा मुश्कील है. हमारे जासूस सबतरफ फैले रहते है... उसमेकेही एकने हमे यह जानकारी दी... कुछ लोग अपना नाम गुप्त रखना चाहते है... तो कुछ लोगोंकी उनका नाम जाहिर करनेमें कुछ दिक्कत नही रहती... कुछभी हो आखीर खुनी, मरा हूवा ही क्यो ना हो... पकडा गया यह सबसे महत्वपुर्ण ... इसलिए इसके बाद न जाने कितने खुन होने वाले थे वह टल गए है... और उसका पुरा श्रेय मै हमारे काबील पुलिस डिपार्टमेंटके बिना रुके किये परिश्रमको देता हूं. उनको उनके मजबुत नेटवर्ककी वजहसे जानकारी मिली... सिर्फ जानकारीही नही वे वहां वक्तपर पहूंच गए और खुनीको भागने के सारे रास्ते बंद हो गए... " शहर पोलीस प्रमुख अब वहांसे खिसकनेके प्रयासमें था.

वे वहांसे खिसकनेके लिए मुडनेहीवाले थे की और एक रिपोर्टरने सवाल किया -

" सर, उस खुनीका उद्देश क्या होगा?"

" सिरीयल किलर मतलब वह एक तरहका पागलही होता है ... नही क्या... उनको खून करनेके लिए कोई उद्देश वगैरे कुछ नही लगता... अब ऐसे दिमागसेही पागल लोगोंका क्या उद्देश होगा यह बोलना तो जरा मुश्कील है... " पोलीस शाखाप्रमुख मुस्कुराते हूए बोले... वह देखकर वहाके आसपासके बाकी लोगभी जिसने सवाल पुछा उसके तरफ देखकर व्यंगतापुर्वक हंसने लगे.

बेचारा सवाल पुछनेवाला मायूस होगया.

अब शहर पोलीस प्रमुख सिधा जवाब नही दे रहे थे.

" सर , खुनीके घरके काम्प्यूटरकी हार्डडिस्क किसीने गायब की ... क्या यह सच है...?" किसीने शहर पोलीस प्रमुखका ध्यान आकर्षित करनेका प्रयास करते हूए पुछा.

शहर पोलीस प्रमुख उसकी तरफ ध्यान ना देते हूए बोले,

" मुझे लगता है की मैने लगभग सारे सवालोंके जवाब दे दिए है... और इस केसकी सब जानकारी आप लोगोंको दी है... . थँक यू"

शहर पोलीस प्रमुख जो एक बार पलटकर वहांसे जानेको निकले की वे वहांसे बाहर निकलने तक रुकेही नही. उनके पिछे सर निचे झुकाकर जॉन चूपचाप चल रहा था.

क्रमश:...

Enter your email address to SUBSCRIBE the Hindi Novels:

आप HindiNovels.Net इस अंतर्जाल पर आनेवाले वे आगंतुक है

Next Hindi Novels - Comedy, Suspense, Thriller, Romance, Horror, Mystery

1. करने गया कुछ कट गयी साली मुछ (कॉमेडी)
2. मधूराणी (the story of femine power)
3. सायबर लव्ह (लव्ह, सस्पेन्स)
4. अद-भूत (हॉरर, सस्पेंन्स थ्रीलर)
5. मृगजल (लव्ह ड्रामा, सायकॉलॉजीकल थ्रीलर)
6. फेराफेरी (कॉमेडी)
7. लव्ह लाईन (लव्ह, कॉमेडी, सस्पेन्स)
8. ब्लॅकहोल (हॉरर, मिस्ट्री, सस्पेन्स)

About Hindi

Hindi is the name given to an Indo-Aryan language, or a dialect continuum of languages, spoken in northern and central India (the "Hindi belt")Native speakers of Hindi dialects between them account for 41% of the Indian population (2001 Indian census). That is the reason because of which the entertainment industry in India mainly use Hindi. And the idustry which is also called as bollywood is the second largest industry producing movies in the world. As defined in the Constitution, Hindi is the official language of India and is one of the 22 scheduled languages specified in the Eighth Schedule to the Constitution. Official Hindi is often described as Modern Standard Hindi, which is used, along with English, for administration of the central government. Standard Hindi is a sanskritised register derived from the khari boli dialect. Urdu is a different, persianised, register of the same dialect. Taken together, these registers are historically also known as Hindustani.