उपन्यास - अद्-भूत
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Monday, February 25, 2008

Ch-44: एक तिर दो निशाने (शून्य-उपन्यास)

जॉनका बॉस और जॉन जैसेही रिपोर्टरोंको आते हूए दिखाई दिए, उनकी भिड उनकी दिशामें उमड पडी. बिजली चमकने जैसे कॅमेरोंके फ्लॅश उनके चेहरेपर पडने लगे. वहां खडे पुलिसने एक बडा घेरा बनाकर रिपोर्टर लोगोंको काबूमे रखनेकी कोशीश की. तोभी पिछे सब गडबड चल रही थी.

" क्वायट प्लीज" बॉसका कडा स्वर गुंजा.

सब तरफ सन्नाटा छाया. कुछ रिपोर्टर आगे आनेके लिए अधीर होकर गडबड करने लगे थे. बॉसने आत्मविश्वासके साथ चारोतरफ एक नजर डाली.

" यस्स" बासने रिपोर्टरोंको सवाल पुछनेके लिए इशारा किया.

सामने खडे रिपोर्टरकी भीड गडबड करने लगी. बॉसको सिर्फ शोर सुनाई दे रहा था. कौन क्या पुछ रहा था कुछ समझ नही आ रहा था.

" आय वुईल इन्शोर दॅट दी लास्ट पर्सन इज ऑल्सो अॅन्सर्ड... वन बाय वन प्लीज" बॉसने खंबीरतासे कहा.

जॉनने आश्चर्यसे बॉसकी तरफ देखा. उसे बॉस इतना बिनदास कैसे रह सकता है इसका आश्चर्य हो रहा था.

" तुम्हारा वह खुनीतो मर गया था... फिर क्या अब फिरसे जिवीत हो गया है.. ?" एक पत्रकारने व्यंग और आवेशसे से कहा.

" पुलिस डिपार्टमेंट लोगोंको इतना गुमराह करेगी इसकी अपेक्षा नही थी. " दुसरेने कहा.

" इतना होनेके बादभी बेशरमोंकी तरह लोगोंके सामने जानेकी तुम्हे हिम्मत कैसे होती है? " तिसरा चिढकर अपने आपेसे बाहर होता हुवा बोला.

" माईंंड यूवर लँगवेज" बॉस चिल्लाया.

बॉसने एकदम अपने तेवर बदले थे. जॉनभी एक पलके लिए चौंक गया. पुलिसका पलडा कमजोर होते हूए भी बॉस ऐसे कैसे बर्ताव कर सकता है इस बातका जॉनको आश्चर्य लग रहा था.

सब तरफ सन्नाटा छा गया.

' देखो... पिछलीबार हमारी गलती हूई इस बातसे मै इनकार नही करता... कातील एकसे जादा हो सकते है यह बात हमने सोचीही नही... '' बॉस फिरसे अपने तेवर नरम करते हूए एकदम हिन दिन होकर बोल रहा था.

बॉसकी यह स्टाईलही थी. पहले एकदम हमला करनेका और फिर दुसरेही पल एकदम बकरीकी तरह नरम रुख अपनानेका. इसकी वजहसे पहले तो सामनेका आदमीको अनपेक्षीत धक्का लगता है और बादमे वह गडबडा जाता है. वैसेही हूवा. पहले सब रिपोर्टरोंको गहरा धक्का लगा और वे एकदम शांत हो गए और दुसरेही पल गडबडा गए. इतनेकी उन्हे बॉसची दया आने लगी थी. लेकिन आखीर वे रिपोर्टर थे - चार घाटका पाणी पीने वाले. बॉसके डिपार्टमेंटके कोई उसके एहसानमंद पदाधिकारी नही थे. जल्दीही वे संभल गए और उन्होने बॉसपर फिरसे हल्ला बोल दिया.

" तुम लोग लोगोके रक्षक, लोगोका हित देखने वाले. तुम लोगोंपर लोगोंकी जिम्मेवारी होती है... तुम लोग ऐसे माफी मांगकर अपने हाथ नही झटक सकते. "

" और अभीभी इस केसका क्या प्रोग्रेस है? की जहांसे शुरु हुवा था फिरसे वही " कोई बोला.

" शून्य गोल होने जैसा " किसीने आगे जोड दिया.

लोगोमें थोडी व्यंगपुर्ण हंसकी लहर दौड गई.

" तुम माफी मांगकर ऐसे चूप नही बैठ सकते. तुम्हे कुछतो अॅक्शन लेनीही पडेगी"

बॉसको बोलनेके लिए कोई चान्स नही दे रहा था.

" और वहभी अब सबके सामने तुम्हे ऐलान करना पडेगा. "

" हां .. हां अभी सबके सामने... " बाकी बहुतोंने हांमे हां मिला दी.

अब बॉसके पसीने छूटने लगे थे. सामने रिपोर्टर उसे ऐसेही जाने देनेके मुडमें नही थे. बॉसकी ट्रीकभी कुछ चली नही थी. पर उतनेही जोरसे बूमरँगकी तरह उसपरही पलट गई थी.

" जस्ट अ मिनिट प्लीज" बॉसनं हाथ उपर कर लोगोंको शांत होनेके लिए कहा.

रिपोर्टर थोडे शांत हूए.

" मै मेरा अॅक्शन प्लान तुम लोगोंके सामने जाहिर करने वाला हूं "

बॉसका बोलना पुरा होनेके पहलेही कुछ लोग उसके बोलनेको बिचमेंही तोडकर चिल्लाए .

" अभी यहां... पहलेजैसी आनाकानी नही चलेगी. "

बॉसकी अब चक्रव्यूहमें फसे अभिमन्यूजैसी दशा हूई थी.

" हां ... हां अभी यही मै मेरा अॅक्शन प्लान जाहिर करने वाला हूं " बॉस नरम लहजेमें अपने चेहरेपरका पसिना पोंछते हूए बोला.

अब कहां रिपोर्टर एकदम शांत हूए - बॉसका अॅक्शन प्लान क्या है यह सुननेके लिए. सब रिपोर्टरोंने अपने मायक्रोफोन्स जितने हो सकते है उतने सामने घुसाए.

" नंबर एक. पुलिस लोगोंके रक्षक होते है... और लोगोंका उनपर पुरा विश्वास होता है... उनका हमपरका विश्वास टूटना नही चाहिए इसलिए पुलिसको गलती हूई ऐसा सिर्फ स्वीकार करके नही चलेगा. उसके लिए उन्हे बडीसे बडी सजा मिलनी चाहिए.. ताकी ऐसी गल्ती वे फिरसे नही दोहरानेकी हिम्मत नही करेंगे "

जॉनने गडबडाकर बॉसकी तरफ देखा. बॉस पुलिसकेही खिलाफ बोल रहा था.

अपनी सुननेमें तो गलती नही हो रही है...

या फिर बॉसकी बोलनेमें कोई गलती हो रही होगी...

" और इसलिए इसी वक्त मैने एक महत्वपुर्ण निर्णय लिया है..."

अपना निर्णय बयान करनेके पहले बॉसने जानबूझकर एक बडा पॉज लिया, ताकी उसके निर्णयसे उसे जो रिपोर्टरोंपर इफेक्ट करना था वह ठिक ढंगसे हो. सब तरफ सन्नाटा छा गया.

" और मेरा निर्णय यह है की जिनकी वजहसे गलती होगई उनको इमीडीएटली सजा दी जाए. इसलिए सबसे पहले मै एक समितीका गठन करता हू. वह समिती इस सब गडबडीयोंका और गलतियोंकी पुरी तफ्तीश करेगी. और जिनकी वजहसे यह गलती हो गई है उस ऑफीसरको इस समितीका रिपोर्ट आनेतक बडतर्फ करनेका मै ऐलान करता हूं. "

जॉनको खडे खडे मानो धरणीकंप हूवा हो ऐसा लगा. जॉन आश्चर्यसे उसके बॉसकी तरफ देखने लगा. लेकिन बॉसका खयाल उसकी तरफ कहां था.!

" और उस जगह तबतक आगेकी इन्व्हेस्टीगेशनके लिए मै इसी वक्त दुसरा काबील ऑफिसर नियूक्त कर रहा हूं "

जॉन उसके बॉसका यह रूप पहली बार देख रहा था. वह अभीभी आश्चर्यसे बॉसकी तरफही देख रहा था. अचानक जॉनके आश्चर्यसे बॉसकी तरफ देख रहे चेहरेपर कॅमेरेके फ्लॅश चमकने लगे. अब रिपोर्टरोंने अपना रुख जॉनकी तरफ किया था. बॉसने इस मौके फायदा उठाया और रिपोर्टरोंका रुख जॉनपर होता देखकर वह वहांसे दबे पाव खिसक गया.

क्रमश:...

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