क्रिस्तोफर, रोनॉल्ड, पॉल और स्टीव्हन एक पुराने मकानमें, एक टेबल के इर्दगिर्द बैठे हूए थे. उनके हाथमें आधे पिये हूए व्हिस्कीके जाम थे. चारोभी अपने अपने विचारोंमे खोए हूए व्हिस्की पी रहे थे. उनमें एक तणावपुर्ण सन्नाटा छाया हूवा था. .
'' उसे तुमने क्यों मारा ?'' रोनॉल्डने सन्नाटा तोडते हूए क्रिस्तोफरको सवाल किया.
वैसेतो चारोंमेसे किसीकी क्रिस्तोफरको इस तरहसे सवाल पुछनेकी हिम्मत नही थी. लेकिन नौबतही वैसी आगई थी. और पीनेकी वजहसे उनमें उतनी हिम्मत आगई थी.
'' ए वेवकुफकी तरह बडबड मत कर... मैने उसे मारा नही ... वह उस हादसेमें मारी गई..'' क्रिस्तोफरने बेफिक्र होकर कंधे उचकाते हूए कहा.
'' हादसेमें ?''
भलेही क्रिस्तोफर इस बारेंमे बेफिक्र है ऐसा जता रहा था फिरभी वह अंदरसे बेचैन था.
अपनी बेचैनी छूपानेके लिए उसने व्हिस्कीका एक बडा घूंट लिया, '' देखो ... वह कुछ जादाही चिल्ला रही थी इसलिए मैने उसका मुंह दबाकर बंद किया... और मुझे पताही नही चला की उसमें उसका नाकभी दबकर बंद होगया करके...''
'' फिर अब क्या किया जाएं ?'' स्टिव्हनने पुछा.
उन चारोंमे स्टिव्हन और पॉल सबसे जादा डरे हूए दिख रहे थे.
'' और अगर पुलिसने हमें पकड लिया तो ?'' पॉलने अपनी चिंता व्यक्त की.
'' देखो कुछभी हूवा नही है ऐसा व्यवहार करो... किसीने कुछ पुछाभी तो ध्यान रहे की हम कल रातसे यहां ताश खेल रहे है... फिरभी अगर कोई गडबड हूई तो हम उसमेंसेभी कुछ रास्ता निकालेंगे... और यह मत समझो की यह मेरी पहली बारी है ...की मैने किसीको मारा है '' क्रिस्तोफर झुटमुठका ढांढस बंधानेकी चेष्टा करते हूए बोला.
'' लेकिन वह तुमने मारा था ... और तब तुम्हे उन्हे मारनाही था '' रोनॉल्डने कहा.
'' उससे क्या फर्क पडता है ... मारना और हादसेमें मरना ... मरना मरना होता है ... '' क्रिस्तोफरने कहा.
उतनेमें दरवाजेपर किसीकी आहट सुनाई दी और किसीने दरवाजेपर हलकेसे नॉक किया.
कमरेके सब लोगोंका बोलना और पिना बंद होकर वे एकदम स्तब्ध होगए.
उन्होने एकदुसरेकी तरफ देखा.
कौन होगा ?...
पुलिसतो नही होंगे ?...
कमरेमें एकदम सन्नाटा छा गया.
क्रिस्तोफरने स्टीव्हनको कौन है यह देखनेके लिए इशारा किया.
स्टीव्हन धीरेसे चलनेका आवाज ना हो इसका खयाल रखते हूए दरवाजेके पास गया. बाहर कौन होगा इसका अंदाजा लिया और धीरेसे दरवाजा खोलकर तिरछा करते हूए उसमेंसे बाहर झांकने लगा. सामने ऍंथोनी था. स्टिव्हनने उसे अंदर आनेकेलिए इशारा कर अंदर लिया. जैसेही ऍंथोनी अंदर आया उसने फिरसे दरवाजा बंद कर लिया.
रोनॉल्डने और एक व्हिस्कीका जाम भरते हूए कहा, '' अरे.. आवो... बैठो ...जॉइन अवर कंपनी''
ऍंथोनी रोनॉल्डने ऑफर किया हूवा व्हिस्कीका जाम लेते हूए उनके साथ उनके सामने बैठ गया.
'' चिअर्स'' रोनॉल्डने उसका जाम ऍंन्थोनीके जामसे टकराते हूए कहा.
'' चिअर्स'', ऍंन्थोनीने वह जाम अपने मुंहको लगाया और वहभी उनके कंपनीमें शामील होगया.
क्रमश:...
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उपन्यास - अद्-भूत (संपूर्ण) The horror, suspense, thriller online Hindi Novel based on my english screenplay 'Latched' registered with FWA. आप यह उपन्यास अपने दोस्तोंको ईमेलभी कर सकते है. |
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उपन्यास - शून्य (संपूर्ण) The suspense, thriller online Hindi Novel based on my published book. You can also Email this Hindi Novel to your friends! |
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Monday, June 23, 2008
Cheers! CH-47 Fiction Books - Ad-Bhut
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Sunil Doiphode
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Wednesday, June 11, 2008
Explosion CH-39 Free ebooks - Novels - Ad-Bhut
डिटेक्टीव्ह सॅम और उसके टीमकी गाडीयां तेजीसे रास्तेपर दौड रही थी. कातिलका ठिकाना तो उन्हे पता चल चूका था लेकिन अब जल्द से जल्द वहां जाकर वह रफ्फू चक्कर होनेसे पहले उसे पकडना जरुरी था. गाडीयोंकी गतिके साथ सॅमका दिमागभी दौड रहा था. वह मनही मन सारी संभावनाए टटोलकर देख रहा था. और हर स्थितीमें अपनी क्या स्ट्रॅटेजी रहेगी यह तय कर रहा था. उतनेमें उसके मोबाईलकी बेल बजी. उसके विचारोंकी श्रूंखला टूट गई.
उसने मोबाईलके डिस्प्लेकी तरफ देखा. और झटसे फोन अटेंड किया, '' हां बोलो''
'' सर यहां एक सिरियस प्रॉब्लेम हो गया है '' उधरसे इरिकका आवाज आया.
'सिरीयस प्रॉब्लेम हो गया' यह सुना और सॅम निराश होने लगा. उसके दिमागमें तरह तरहके विचार आने लगे.
'' क्या ? ... क्या हूवा ?'' सॅमने उत्तेजित होकर उत्कंठावश पुछा.
वह अपनी निराशाको अपने उपर हावी होने देना नही चाहता था.
'' सर उस बिल्लीका यहां किसी बॉंबकी तरह विस्फोट हुवा है '' इरिकने जानकारी दी.
'' क्या ?... विस्फोट हुवा?'' सॅमके मुंहसे आश्चर्यसे निकला.
उसपर एक एक आघात हो रहे थे.
'' लेकिन कैसे ?'' सॅमने आगे पुछा.
'' सर उस बिल्लीके गलेमें पहने पट्टेमें प्लास्टीक एक्प्लोजीव लगाया होगा... मुझे लगता है की सिग्नल ब्लॉक होतेही उसका विस्फोट हो जाए इस तरह उसे प्रोग्रॅम किया होगा, ताकी कातिलका शिकार किसीभी हालमें उसके शिकंजेसे ना छूटे. '' इरिकने अपनी राय बयान की.
'' क्रिस्तोफर कैसा है ?... उसे कुछ हूवा तो नही ?'' बॉंब विस्फोट और शिकारका जिक्र होतेही अगला विचार सॅमके दिमागमें क्रिस्तोफरकाही आया.
इतना करनेके बादभी हम उसे बचा सके या नही यह जाननेकी जल्दी सॅमको हूई थी.
'' नही सर वह उस विस्फोटमेंही मर गया '' उधरसे इरिकने कहा.
'' शिट ...'' सॅमके मुंहसे गुस्सेसे निकल गया, '' और अपने लोग ?... वे कैसे है ?'' सॅमने आगे पुछा.
वह गया तो गया... कमसे कम अपने लोगोंको कुछ होना नही चाहिए...
उसे अंदर ही अंदर लग रहा था. वैसेभी एक आम आदमीके हैसीयतसे उसे उसके बारेंमे कुछ हमदर्दी नही थी. एक पुलिस ऑफिसरके हैसीयतसे, एक कर्तव्य की तौर पर उसे बचानेकी उसने जी तोड कोशीश की थी.
'' दो लोग जख्मी हो गए है, हम लोग उन्हे हॉस्पीटलमें ले जा रहे है ...'' इरिकने जानकारी दी.
'' कोई सिरीयस तौर पर जख्मीतो नही '' सॅमने फिरसे तसल्ली करनेके लिए पुछा.
'' नही सर... जख्म वैसे मामुलीही है '' उधरसे आवाज आया.
'' सुनो, उधरकी पुरी जिम्मेदारी मै तुम्हारे उपर सौपता हूं ... हम लोग इधर जहांसे सिग्नल आ रहे थे उसके आसपासही है ... थोडीही देरमें हम वहां पहूंच जायेंगे ... उधरका तुम और रिचर्ड दोनो मिलकर अच्छी तरहसे संभाल लो''
'' यस सर...''
'' अपने लोगोंका खयाल रखना '' सॅमने कहा और उसने फोन कट किया.
'' चलो जल्दी ... हमें जल्दी करनी चाहिए ... उधर क्रिस्तोफरको तो हम बचा नही पाये ... कमसे कम इधर इस कातिलको पकडनेमें कामयाब होना चाहिए... '' सॅमने ड्रायव्हरको तेजीसे चलनेका इशारा करते हूए कहा.
क्रमश:...
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Wednesday, June 4, 2008
Hindi Novels - अद-भूत / Aghast CH 35 ट्रॅप / Trap
डिटेक्टीव्ह सॅम कॉन्फरंन्स रुमममे पोडीयमपर डेस्कके पिछे खडा था. उसके सामने क्रिस्तोफर, दुसरे पोलिस अधिकारी और उसका पार्टनर बैठा हू था.
'' अब मुझे पता चल चूका है की कातिल सारे कत्ल कैसे करता होगा...'' डिटेक्टीव सॅमने एक पॉज लिया और चारोतरफ अपनी नजर दौडाते हूए वह बोलने लगा -
'' इसलिए मैने एक प्लॅन बनाया है... जिससे हमे कातिलको तो पकडना है ही साथही हमे कातिलका अगला शिकार, क्रिस्तोफरका रक्षण करना है... अब इस प्लनसे मुझे नही लगता है की इस बारभी कातिल अपने शिकंजेसे बच पाएगा.. '' सॅम आत्मविश्वासके साथ बोल रहा था.
'' पिछले बारभी आपने ऐसाही कहा था. .. और फिरभी कातिल रोनॉल्डका कत्ल करनेमें कामयाब हूवा... '' क्रिस्तोफरने कटूतासे कहा.
'' मि. क्रिस्तोफर अंडरसन मुझे लगता है आपने पहले मेरा प्लॅन सुनना चाहिए और बादमें उसपर टिप्पणी करनी चाहिए... '' सॅमभी उसे वैसाही जवाब देते हूए बोला.
सॅमने प्रोजेक्टर ऑन किया. सामने स्क्रिनपर एक आकृती दिखने लगी.
'' अबतक जोभी कत्ल हूए है उसमें कातिल एक बिल्लीका इस्तमाल कर रहा होगा ऐसा लग रहा है... मतलब मुझे वैसा यकिन है.. '' सॅमने कहा.
सॅमने फिरसे अपने हाथमें पकडे रिमोटका एक बटन दबाया. स्क्रिनवर एक बिल्ली की तस्वीर और एक आदमी कॉम्प्यूटरपर काम कर रहा है ऐसी तस्वीर दिखने लगी.
'' इसके पहले हूए कत्लके इन्व्हेस्टीगेशनमें मिले कुछ तथ्योंसे मै इस नतिजेपर पहूंचा हूं की कत्ल करनेकी सिर्फ यही एक पद्धती हो सकती है... जिसके अनुसार कातिल यहां कॉम्प्यूटरपर बैठकर बिल्लीको सारे आदेश देता है ... और वे सब आदेश वायरेलेस टेक्नॉलॉजीके तहत यहां इस बिल्लीतकत भेजे जाते है... यह जो बेल्ट बिल्लीके गर्दनमें दिख रहा है... उसमें एक चिप है, जिसमें रिसीव्हर फिट किया हूवा है... वे सारे सिग्नल्स इस रिसीव्हरके द्वारा रिसीव्ह किये जाते है ... बादमें वे सिग्नल्स बिल्लीके गलेमें पहने पट्टेसे बिल्लीके दिमागतक पहूंचाए जाते है ... और उन सब सिग्नल्सके द्वारा मिले आदेशोंको अंम्मलमें लाकर वह बिल्ली अपने शिकारपर हमला करती है ... और अबतक हूए सारे कत्ल इसी पद्धतीका इस्तेमाल कर हुए होगे यह मै दावेके साथ कह सकता हूं... ''
सॅमने फिरसे अपने हाथमें रखे रिमोटका बटन दबाया.
सामने रखा स्क्रिन ब्लॅंक हो गया.
'' यह होगया कत्ल करनेका तरीका और अब अपने प्लॅनके बारेमें... '' सॅम एक दिर्घ सांस लेकर थोडी देर रुक गया. उसने अपने हाथसे रिमोट बाजू रख दिया.
'' अपना प्लॅन मैने दो हिस्सोमें विभागीत किया है... '' सामने बैठे लोगोंकी प्रतिक्रिया देखते हूए सॅम आगे बोलने लगा, '' अपने प्लॅनका पहला हिस्सा है उस बिल्लीको डिटेक्ट कर उसे सिग्नल्स कहांसे आ रहे है यह ट्रेस करना ... इसप्रकार हम खुनीका अतापता ढूंढ पायेंगे... '' सॅम फिरसे एक क्षण रुककर आगे बोला, '' और प्लॅनका दूसरा हिस्सा यह है की बिल्लीको मिलनेवाले सारे सिग्नलस् रोकना ताकी हम क्रिस्तोफरका संरक्षण कर शके ''
सॅमने फिरसे अपने बगलमें रखा रिमोट उठाकर उसका एक बटन दबाया. सामने स्क्रिनपर एक मकानका नक्शा दिखने लगा.
'' यह क्रिस्तोफरके घरका नक्शा... इसेभी हमे दो हिस्सोमे बांटना है ....'' सॅमने नक्शेमे दो, एक छोटा और दुसरा बडा ऐसी दो समकेंद्री सर्कल्स निकाले हूए थे वह लेजर बिमसे निर्देशीत कीये.
'' जिस तरहसे इस आकृतीमें बताया गया है ... यह जो पहला बाहरका बडा सर्कल है वह पहला हिस्सा.. और यह जो अंदरका छोटा सर्कल है वह दुसरा विभाग... '' सॅमने दोनो सर्कल पर एकके बाद एक लेजर बिम डालते हूए कहा.
'' जब वह बिल्ली बाहरके हिस्सेमें पहूंचेगी, हमें वह बिल्ली घरमें आनेका संकेत मिलेगा क्योंकी वहां हमने सिग्नल ट्रकर्स और सिग्नल रिसीव्हर्स डीटेक्टर्स बैठाए हूए है ..'' सॅम अपने हाथमें रखे रिमोटका लेजर बीम बंद करते हूए बोला.
'' सिग्नल ट्रकर्ससे हमे उन आनेवाले सिग्नल्सका स्त्रोत मिलेगा... और एकबार हमें उन सिग्नल्सका स्रोत मिलनेके बाद उस कातिलको लोकेट कर हम रेड हॅन्डेड पकड सकते है... '' सॅमने लेजर बिम शुरु कर बाहरके सर्कलकी तरफ निर्देश करते हूए कहा.,
'' जब वह बिल्ली दुसरे अंदरके छोटे सर्कलमें पहूंचेगी, वहां रखे हूए सिग्नल ब्लाकर्स उसे कातिलकी तरफसे मिनलनेवाले सारे सिग्नल्स और आदेश ब्लॉक करेंगे. मतलब बादमें उसका उस बिल्लीपर कोई नियंत्रण नही होगा '' सॅम लेजर बिम अंदरके सर्कलकी तरफ निर्देशीत करते हूए बोला.
सॅमने अपना पुरा प्लॅन सबको समझाया और बोर्डरुममें बैठे सब लोगोंपर अपनी नजर घुमाई. सामने बैठे हुए सारे ऑफिसर्स और पुलिस स्टाफ सॅमके इस प्लॅनके बारेंमे संतुष्ट लग रहे थे.
'' किसे कोई शंका? '' सॅमने सामने बैठे हूए लोगोंको, खासकर क्रिस्तोफरकी तरफ देखते हूए कहा.
'' देखते है ..'' क्रिस्तोफरने कंधे उचकाकर कहा. वह इस प्लॅनके बारेंमें उतना संतुष्ट नही लग रहा था.
सच कहो तो वह अंदरसे इतना टूट चुका था की वह कोईभी प्लॅन समझाकर लेनेके मनस्थीतीमें नही था. और वह लाजमीभी था क्योंकी उसे कातिलके लिस्टमें अपना अगला नंबर स्पष्ट रुपसे दिख रहा था.
'' तो चलो अब इस प्लॅनके हिसाबसे अपने अपने कामपर लग जावो... मैने जेफके पास किसे क्या क्या करना है इसकी ब्योरेवार लिस्ट दी हूई है... किसे कोई शंका हो तो मुझे पुछीएगा''
सॅम अपने टीमकी तरफ देखते हूए बोला.
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Sunil Doiphode
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Monday, January 21, 2008
Ch-20: बॉसका मेसेज. ... (शून्य-उपन्यास)
वह मेल और उसकी अटॅचमेंट्स पूरी तरह पढनेके बाद कमांड2 कॉम्प्यूटरसे उठ गया. उसके चेहरेपर एक संतोष झलक रहा था. वह सब जानकारी उसने उसके दिमागमें, दिलमें और इतनाही नही अपने पास रखे थंब ड्राईव्हमेभी संजोकर रखी थी. वह वहासे जानेके लिए मुडनेही वाला था इतनेमें काम्प्यूटरका बझर बजा. उसने देखा तो कमांड1को मेल आई थी. उसने जाकर कमांड1के खुले मेलबॉक्समें देखा तो मेल बॉसकीही थी. वह फिरसे कॉम्प्यूटरके सामने बैठ गया, मेल खोली. मेलके साथ एक अटॅचमेंट थी. उसने अटॅचमेंट खोली तो वह एक मॅडोनाकी सुंदर सेक्सी तस्वीर थी. बॉस मॅडोनाका जरा जादाही फॅन लगता है... .
उसने सोचा. अबतक कमांड2 कमांड1का देख देखकर तस्वीरमें छिपा हूवा मेसेज कैसा खोलनेका यह सिख गया था. उसने तस्वीरमें छिपा मेसेज खोला. उसमें आगेकी कार्यवाईके बारेंमे लिखा था. आगेका खून कब, किसका करनेका यह सब विस्तारसे लिखा था. आज 15 तारीख थी और आगेके खुनके लिए 17 तारीख मुकम्मल की थी. उस मेलमें 17 तारीख के रात 1 से 3 का वक्त एकदम अनुकल है ऐसा लिखा था. और 16 तारख का पूरा दिन और रात बहूत ही खतरनाक वक्त है ऐसा लिखा था. कमांड2 ने वह पूरा मेसेज एक जगह कॉपी करके रखा. क्योंकी वह मेसेज एकबार खोलनेके बाद खत्म हो जाता था. उसे बॉसने उस तरहसे प्रोग्रॅम किया था. कमांड2ने वह मेल बंद की. मेसेज अब खत्म हो चूका था. अचानक कमांड2 अपने कुर्सीसे उठकर खडा हो गया और दिमाग में कुछ तुफान उठे जैसा रुममें कॉम्प्यूटरके आसपास चहलकदमी करने लगा. उसके दिमागमें कुछ कश्मकश चल रही थी यह स्पष्ट रुपसे दिख रहा था. आखीर वह अपनी चहलकदमी रोककर कॉम्प्यूटरके सामने रखी कुर्सीपर जाकर बैठ गया. वह शायद कुछ निश्चयतक पहूंच गया था.
उसने बॉसका आया हूवा मेसेज बदलनेका निर्णय लिया था.... .
उसने वह मेसेज 'इडीट' करनेके लिए ओपन किया. फिर एकबार इधर उधर देखते हूए उसने अपना इरादा पक्का किया और फिर वह मेसेज 'इडीट' करने लगा. खुनके लिए जो उचीत वक्त दिया था वह 17 तारीख रात 1 से 3 ऐसा लिखा था उसने वह बदलकर 16 तारीख रात 1 से 3 ऐसा किया. उस मेसेजमें 16 तारख की पुरी रात और दिन अति खतरनाक है ऐसा जिक्र किया था. वह बदलकर उसने 17 तारीख ऐसा किया. मतलब खुनके लिए जो उचीत वक्त था वह खतरनाक है ऐसे और जो खतरनाक था वह उचीत है ऐसा उलट फेर उसने मेसेजमें किया था.
ऐसा उसने क्यो किया?
उसके दिमागमें क्या खिचडी पक रही थी यह बताना बहुत मुश्किल था.
शायद उसका उसके बॉसके भविष्यकथनपर भरोसा नही था. शायद उसे उसका बॉस जो भविष्य बताता है वह सच होता है की नही यह देखना था.
लेकिन अगर उसके बॉसने बताया हूवा सच हूवा तो ?..
ऐसी स्थीतीमें कमांड1 और उसके खुदके जानको खतरा था. फिर इसमेंसे कुछतो रस्ता निकालना पडेगा...
वह सोचने लगा.
आखीर उसने फैसला किया की इस बार वह कमांड1के साथ नही जाएगा. कुछ बहाना बनाकर वह कमांड1को अकेला जानेके लिए विवश करने वाला था.
... to be contd...
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Sunil Doiphode
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