जॉन नार्थ स्ट्रीटको नियोलके अपार्टमेंटमें जानेके लिए अपने गाडी से उतरा, तभी उसे चारो ओरसे प्रेसने घेर लिया.
" मि. जॉन.... आपनेतो कहा था की खुनी मर चूका है... और केस खतम हो चूकी है..."
एक पत्रकार भिडमें अपना कॅमेरा संभालते हूए अचानक जॉनके सामने उसका रस्ता रोकते हूए खडा होगया. भिडसे रास्ता निकालकर वहां पहूचनेतक उस पत्रकारके सारे कपडे और बाल खराब हो चूके थे.
जॉनके पिछे, आजू बाजू सब तरफसे पत्रकार उसे घेरकर खडे थे. वह एकदम सामने आनेसे उसे आगे जानेका रस्ताभी बंद हूवा था. अब उस पत्रकारको कुछतो जवाब देकर कमसे कम अभीके लिए शांत करना जरुरी था. क्या बोला जाए जॉनको कुछ सुझ नही रहा था.
" लेट मी र्फस्ट इनव्हेस्टीगेट द केस ..." ऐसा कहकर जॉनने उसे बाजू हटाया और वह आगे जाने लगा.
पिछेसे वह पत्रकार चिल्लाया -
" सर यू कान्ट जस्ट इग्नोर अस धिस वे"
" यू हॅव टू अॅन्सर अस" दुसरा एक चिल्लाया.
" यस ... यस" बाकी पत्रकारभी चिल्लाकर उन्हे साथ देने लगे.
उसके पिछे सब पत्रकार गुस्सेसे चिल्लाते हूए दंगा करने लगे थे. जॉन ब्रेक लगे जैसा रुका. उसने पलटकर देखा. उसे सब पत्रकार मानो खानेको तैयार थे. जॉनका चेहरा बुझसा गया. वह समझ रहा था की गलती पुलिसकी थी.
अब उन्हे कुछ तो समझा बुझाकर शांत करना जरुरी था.
कॅमेरेके फ्लॅश उसपर चमक रहे थे. कॅमेरेके फ्लॅशकी वजहसे वह विचलितसा हूवा. बाकीके पुलिस बडी मुश्कीलसे उन पत्रकारोंको घेरा बनाकर रोके हूए थे.
" इस इनव्हेस्टीगेशनके बाद शामको मै एक प्रेस कॉन्फरंस लेने वाला हूं ... उसमें मै सब विस्तारसे बोलूंगा" जॉन हिंम्मत कर बोला और पलटर तेजीसे चलते हूए अपार्टमेंटमें घुस गया.
पत्रकार कमसे कम उस वक्तके लिए शांत हूए थे. जॉनको खुदकाही आश्चर्य लग रहा था.
उसके मुंहसे वह सब कैसे निकल गया इसका उसेही पता नही था.
वह प्रेस कॉन्फरंसके बारेमे बोला तो था लेकिन प्रेस कॉन्फरंसमें वह क्या बोलने वाला था?...
चलो कमसे कम अबकी तो बला टली. शामका शामको देखेंगे...
ऐसा सोचकर वह लिफ्टमें घुस गया. लिफ्ट बंद हूई. उसने लिफ्टमे बटनोंके लाईनमेसे ढूंढकर 10 नंबरका बटन दबाया.
क्रमश:...
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Thursday, February 21, 2008
Ch-41: मेडीयाके साथ पाला (शून्य-उपन्यास)
Posted by
Sunil Doiphode
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11:39 AM
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Wednesday, January 30, 2008
Ch-27: तफ्तीश (शून्य-उपन्यास)
... जल्दी जल्दी जॉन लिफ्टसे बाहर निकल गया. अचानक वक्त पर आए फोनसे वह औरभी चिढसा गया था.
लेकिन क्या कर सकते थे ड्यूटीही वैसी थी...
किस पल कहा जाना पडेगा कुछ बोल नही सकते थे....
बेचारे अँजेनीको क्या लगा होगा ?..
वह सोचमें डूबा सिधा उटीन हॉपरके फ्लॅटमें घुस गया. वह आनेके पहलेही सॅम उसके टीमको लेकर वहां हाजीर हूवा था. वह सिधा फ्लॅटके बेडरूममें गया. उसके पिछे पिछे सॅमभी बेडरूममें गया. सामने बेडपर डरके मारे खुला हूवा मुंह और बडी बडी आंखे ऐसे स्थीतीमें खुनसे सना उटीनाका मृतदेह पडा हूवा था. और सामने दिवारपर उटीनाके खुनसे एक बडासा शुन्य निकाला हूवा था.
उस शुन्यके बिचोबिच लिखा था " अगर शून्य ना होता तो ? ".
जॉन वह संदेश बार बार पढने लगा. .
खुनीको क्या कहना है ?... उस संदेश मे क्या कुछ छिपा अर्थ था...?...
वह सोचने लगा.
" खुनका समाचार किसने दिया ?" जॉनने सॅमको पुछा.
" सर फोनपर कोई अज्ञात इसम था. उसने अपना नाम नही बताया. हमनें कॉलभी ट्रेस करके देखा वह इसी एरीयामें एक पब्लीक बूथका था. " सॅमने जानकारी दी.
सॅम अपने काममे हमेशा प्रॉम्प्ट था.
" खून होकर जादा वक्त नही बित गया होगा " जॉनने अपना तर्क लगाया.
" हां सर , हम आए तब खुन बहही रहा था... इसलिए हमने आसपास सब तरफ खुनीको तलाशा.' सॅम बोल रहा था.
" कुछ मिला ? " जॉनने आगे पुछा.
" इन दोनोंकोतो कुछ नही मिला " सॅम कमरेमें उपस्थीत अपने दो साथीयोंकी तरफ निर्देश करके बोला.
" और तिन लोग देखनेके लिए गए है... अभीतक वापस नही आए " सॅमने आगे बताया.
जॉनने वहा उपस्थित सबको ताकीद दी,
" देखो, यह एकके बाद एक तिसरा खुन है... अभीतक हाथमें कुछ नही मिल रहा है... अगर ऐसाही चलता रहा तो कैसे होगा... कुछ भी करो ... इस बार हमें खुनी मिलनाही चाहिए...."
तभी सांस फुली हूई अवस्थामें उनके दो साथी फ्लॅटमे दाखील हूए.
सब लोग उनकी तरफ उम्मीदसे देखने लगे.
" सर, बिल्डींगके पिछवाडे निचे जमीनपर एक डेड बॉडी पडी हूई है... " उनमेंसे एकने बडी बडी सासें लेते हूए कहा.
" सर, शायद कोई उपरसे निचे गिर गया है... मुझे लगता है... वही खुनी होगा... " दुसरेने कहा.
" सॅम, तूम यही रुककर इन्व्हेस्टीगेशन कंटीन्यू करो... मै इनके साथ निचे जाकर आता हूं " जॉन उनके साथ फ्लॅटसे बाहर जाते हूए बोला.
... to be contd..
Posted by
Sunil Doiphode
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9:04 AM
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