सॅम और जॉन एक कॉम्प्यूटरके सामने बैठे थे. कॉम्प्यूटरपर एक सॉफ्टवेअर रन हो रहा था. उस साफ्टवेअरके सहाय्यतासे वे उनको मिले उंगलीयोंके निशान कॉम्पूटरपर गुनाहगारोंके डाटाबेसमें ढुंढ रहे थे. डाटाबेसमें गुनाहगारोंके लाखो करोडो उंगलियोंके निशान स्टोअर करके रखे होंगे. उस हर उंगलियोंके निशान के साथ उनके पासके उंगलियोंके निशान जोडकर देखना वैसे बडा कठीन काम था. लेकिन आजकल काम्प्यूटरकी वजहसे वह बहुत आसान हो गया था. कॉम्प्यूटर एक सेकंडमें कमसे कम हजारो उंगलियोंके निशान जोडकर देखता होगा. और वहभी बहुत बारीकीसे, एक भी छोटीसे छोटी महत्वपुर्ण जानकारी ना छोडते हूए. मतलब सब निशानोंको जोडकर देखनेके लिए कुछ ही मिनीटोंका अवधी लगने वाला था. वे दोनो बेसब्रीसे कॉम्प्यूटरके मॉनिटरकी तरफ देखने लगे. मॉनिटरपर कितने लोगोंके उंगलियोंके निशान जोडकर देखे यह बतानेवाला एक काऊंटर तेजीसे आगे बढ रहा था. वह काऊंटर शून्यसे शुरु होकर अबतक सात लाखके उपर पहूंच गया था. आखिर अचानक वह काऊंटर 757092 पर रुका .
मॉनिटरपर एक मेसेज झलकने लगा " मॅच फाऊंन्ड".
दोनोंके चेहरे खुशीसे खिल उठे. उन्होने एकदुसरेकी तरफ देखकर एक विजयी मुस्कुराहट बिखेरी और फिर मॉनिटरपर वह किसका रेकॉर्ड है यह देखने लगे.
॥।रेकॉर्ड डिटेल्स ॥।
नाम - विनय जोशी
उम्र - 30 साल
गुनाह - फोर्जरी
निशाणी - बायें हाथको छे उंगलिया.
नॅशनॅलिटी - अमेरिकन
दोनोभी गुनाहगारकी पुरी जानकारी पढने लगे. उसमें गुनाहगारके तीन फोटोभी थे. एक दाई तरफसे लिया हूवा , दुसरा बायी तरफसे लिया हूवा और तिसरा सामनेसे लिया हूवा.
" यह सब जानकारी हमे शहरके सब पुलिस थानोंपर जल्द से जल्द भेजना चाहिए." सॅमने कहा.
" हां सही है ... लेकिन मुझे एक डर है " जॉनने कहा.
सॅमने उसकी तरफ प्रश्नार्थक मुद्रामें देखा.
" की इसबारभी अगर यह जानकारी कातिलतक पहूंच गई तो ? " जॉनने अपनी चिंता जाहिर की.
" इसबार नही पहूंचेगी. उस डॅनको उसके कियेकी सजा मिल चूकी है." सॅमने कहा.
फिर उन्होने उस गुनाहगारकी फोटोके साथ सारी जानकारी शहरके सब पुलिस थानोंपर भेज दी. और वैसा कोई शख्स नजर आतेही ही उसपर वॉच रखकर तुरंत सॅमको सुचीत करनेके लिए बताया गया. क्योंकी वह सिर्फ एक धागा हो सकता है. वहतो उनके हाथका सिर्फ एक मोहरा हो सकता था. असली गुनाहगार कोई और ही हो सकता है. पुरी केसकी तहतक जाकर असली गुनाहगारतक पहूंचना सबसे महत्वपुर्ण था.
क्रमश:...
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उपन्यास - अद्-भूत The horror, suspense, thriller online Hindi Novel based on my english screenplay 'Latched' registered with FWA. |
Monday, March 31, 2008
Ch-63 : रेकॉर्ड डिटेल्स (शून्य-उपन्यास) Hindi
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Sunil Doiphode
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Tuesday, January 15, 2008
Ch-15: क्या हूवा? ... (शून्य-उपन्यास)
इधर अँजेनी जॉनकी राह देख देखकर थक गई थी.
क्या हूवा होगा ? ...
जॉन कहा गया होगा?...
इतनी देरसे वह अभीतक वापस क्यों नही आया ?...
उसे चिंता होने लगी थी.
अच्छा फोन करने जाओ तो ...
तो वह अपना मोबाईल यही छोडके चला गया था .
उसे कुछ सुझाई नही दे रहा था. कभी वह अंदर जाकर उसकी राह देखती तो बाहर कुछ आवाज होनेपर फिरसे बाहर आकर देखती थी. उसे उसकी इतनी चिंता क्यो हो?
उसे खुदकाही आश्चर्य लग रहा था. इतनेमें फिरसे बाहर किसी गाडी आनेकी आहट उसे हूई. वह उठकर फिरसे बाहर आ गई. एक गाडी आकर हॉटेलके बाहर आकर रुकी थी. लेकिन वह जॉनकी गाडी नही थी. वह एक प्रायव्हेट टॅक्सी थी. वह अंदर जानेके लिए पलटी तो पिछेसे उसे आवाज आया -
'"अँजेनी''
उसने पलटकर देखा तो टॅक्सीसे जॉन उतरा था. उसके सारे बाल उलझे उलझे और शर्ट एक जगह फटा हूवा और शर्टपर काले काले मैल के धब्बे पडे हूए थे.
क्या हूवा होगा ? ...
उसे चिंता होकर वह जॉनके तरफ जाने लगी. जॉनभी लंगडता हूवा उसकी तरफ आने लगा.
"" क्या हूवा?"" वह तत्परतासे उसके पास जाते हूए वह बोली.
कुछ ना बोलते हूए जॉन लंगडते हूए उसकी तरफ चलने लगा. उसने झटसे जाकर उसे सहारा दिया.
"" हमें हॉस्पीटलमें जाना चाहिए '" अँजेनी उसे कहा कहा लगा यह देखते हूए बोली.
'' नही .... उतना कुछ खास लगा नही ... सिर्फ कुछ कुछ जगह सुजन आई हूई है..'' वह किसी तरह बोला.
'" तो भी चेकअप करनेमें क्या हर्ज है..?" वह जानेवाली टॅक्सीको रुकनेके लिए हाथ दिखाते हूए बोली.
उसने उसे सहारा देकर टॅक्सीमें बिठाया और वहभी उसके पास उसे सटकर बैठ गई.
'' थ्री कौंटीज हॉस्पिटल'" उसने टॅक्सीवालेको आदेश दिया.
'"नही ...सचमुछ वैसी कोई जरुरत नही'' जॉनने कहा.
'' तुम्हारी गाडी किधर है?"" अँजेनीने पुछा.
'" है उधर ... पिछे... रस्तेके किनारे.... बडा अॅक्सीडेंट होते होते बचा '" वह बताने लगा.
'' ड्रायव्हर ... गाडी पोलीस क्वार्टर्सको लेना '" जॉनने बिचमेंही ड्रायव्हरको आदेश दिया.
ड्रायव्हरने गाडी स्लो कर एकबार अँजेनी और फिर जॉनकी तरफ देखा. अँजेनीने 'ठीक है ... वह जहा कहता है उधरही लो' ऐसा ड्रायव्हरको इशारेसेही कहा.
.... to be contd...
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Sunil Doiphode
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Wednesday, December 26, 2007
Ch-7 : दिल है कि ... (शून्य-उपन्यास)
(Next post ch-8 will be published on or before 30 Dec 07)
जॉन कारमें जा रहा था. हॉस्पिटलसे डॉक्टरने उसे फोन कर बताया था की अँजेनीको डिस्चार्ज दिया गया है. डॉक्टरके अनुसार मेडीकली वह पुरी तरहसे संवर गई थी. सिर्फ मेंटली और इमोशनली संवरनेमें उसे थोडा वक्त लग सकता था. सानीके पोस्टमार्टमके रिपोर्टभी आए थे. जॉनको उस सिलसिलेमें अँजेनीसे थोडी बातचीत करनी थी. बातचीत वह फोनपरभी कर सकता था. लेकिन दिलको कितनाभी समझाने की कोशीश करने पर भी दिल है की मानता नही था. उसे मिलनेकी उसकी इच्छा जितना रोकने की कोशीश करो उतनी तिव्र हो चली थी. उसने उसे मुंहसे कृत्रिम सांसे दी तब उसे उसका कुछ विषेश नही लगा था. लेकिन अब उसे उसके होठोंका वह मुलायम स्पर्श रह रहकर याद आ रहा था. उसने कर्र ऽऽ.. गाडीका. ब्रेक लगाया. गाडीको मोड लिया और निकल गया - अँजेनीके घरकी तरफ.
जॉनकी कार अँजेनीके अपार्टमेंटके निचे आकर रुकी. उसने गाडी पार्किंगकी तरफ मोड ली. पार्किंगमे कुछ समय वह वैसाही गाडीमें बैठा रहा. आखीर अपने मन से चल रहे कश्मकशसे उभरकर वह गाडीसे उतर गया. लंबे लंबे कदमसे वह लिफ्टकी तरफ गया. लिफ्ट खुलीही थी, उसमें वह घुस गया. लिफ्ट बंद होकर उपरकी तरफ दौडने लगी.
लिफ्ट रुक गई. लिफ्टमें डिस्प्लेपर 10 आंकडा आया था. लिफ्टका दरवाजा खुला और जॉन बाहर निकल गया. अँजेनीका फ्लॅटका दरवाजा अंदर से बंद था. वह दरवाजेके पास गया. फिर वहा थोडी देर अपने दरवाजा खटखटाऊ की नही यह सोचकर चहलकदमी करने लगा. वह डोअर दबानेही वाला था की अचानक सामनेका दरवाजा खुला. दरवाजेमें अँजेनी खडी थी. जॉन का चेहरा ऐसा हुवा मानो उसे चोरी करते हूए पकडा गया हो.
'' क्या हूवा? '' अँजेनी हसते हूए बोली.
इतना खिलखिलाकर हसते हूए जॉन उसे पहली बार देख रहा था.
"' किधर? कहा? ... कुछ नही... मुझे तुम्हारे यहा इस केसके सिलसिलेमें आना था... नही मतलब आया हूँ '' जॉन अपने चेहरेके भाव जितने हो सकते है उतने छिपाते हूए बोला.
'' आवो ना फिर... अंदर आवो... '' अँजेनी फिरसे हसते हूए बोली.
अँजेनीने उसे घरके अंदर लेकर दरवाजा बंद किया.
जॉन और अँजेनी ड्रॉईंगरूममें बैठे हूए थे.
" पोस्टमार्टमके रिपोर्टके अनुसार ... सानीको पिस्तौल की गोली सिनेमें बाई तरफ एकदम हार्टके बिचोबिच लगी... इसलिये वह गोल जो दिवारपर निकाला था वह उसने निकालनेका कोई सवालही पैदा नही होता'' जॉनने अपना तर्क प्रस्तूत किया.
'' मतलब वह आकार जरुर खुनीनेही निकाला होगा'' अँजेनीने कहा.
थोडा सोचकर वह आगे बोली , '' लेकिन गोल निकालकर उसे क्या जताना होगा? ""
'' वही तो... सबसे बडा सवाल अब हमारे सामने है"" जॉनने कहा.
'' अगर इस तरह से और कोई खुन इससे पहले हूवा है क्या यह अगर देखा तो?'' अँजेनीने अपना विचार व्यक्त किया.
'' वह हम सब पहलेही देख चूके है... पिछले रेकॉर्डमें इस तरह का एकभी खुन मौजूद नही है"" जॉनने कहा.
इतनेमे जॉनका मोबाईल बजा. उसने बटन दबाकर वह कानको लगाया, "यस ...सॅम"
जॉनने उधरसे सॅमको सुना और वह एकदम उठकर खडा होगया, " क्या?"
अँजेनी क्या हूवा यह समझनेकी कोशीश करती हूई आश्चर्यसे उसके तरफ देखने लगी.
'' मुझे जाना पडेगा '' जॉनने कहा और दरवाजेकी तरफ जानेको निकला.
जॉनने मोबाईल बंद कर अपने जेबमें रखा.
जाते जाते अँजेनीको उसने सिर्फ इतनाही कहा , "मै तुझे बादमे मिलता हूँ ... मुझे अब जल्दसे जल्द वहाँ पहूँचना पडेगा.
अँजेनी कुछ बोले इसके पहले जॉन जा चूका था.
(to be contd...)
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Sunil Doiphode
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