जॉनका दिमाग सोचसोचकर घुमने लगा था. दो खून हो चूके थे और खुनी का कोई ना अता पता था ना सुराग. कही थोडा पुछताछके लिए जावो तो प्रेसवाले पता नही कहासे आकर घेर लेते थे. जॉन दिखा नही के वे सब उसपर टूट पडते थे. अच्छा .. कोई केसमे कुछ नई डेव्हलपमेंट हो तो ही बतायेंगे ना. कुछ डेव्हलपमेंट ना होते हूए प्रेसवालोंको फेस करना बडा मुश्कील हो गया था. बाहर प्रेसवाले और अंदर उनकाही कोई आदमी अंदर की सारी बाते बाहर डीस्क्लोज कर रहा था. अंदर किसपे विश्वास किया जाए और किसपे नही कुछ समझमें नही आ रहा था. अब अंदर कोई पुलिसवालाही गद्दारी कर रहा है ऐसी खबर बाहर तक पहूच गई थी.
'अगला कौन?'
'पुलिसवालेही बेईमान तो खुनीको कौन पकडेगा?'
'और कितने लोगोंकी जान देनी पडेगी?'
ऐसे अलग अलग हेडींग की अलग अलग खबरें छापकर प्रेसवालोने सारे शहरमे दहशत फैलाके रख दी थी.
अब लोग पुलिसवालोंके कर्तव्यके बारेमेंही सवाल खडा करने लगे थे. और यह इतनाही टेंशन क्या कम था की उपर के वरीष्ठोने दबाव बनाना शुरु किया था. सोच सोचकर जॉन का दिमाग थक चूका था. जॉनने खिडकीसे बाहर झांककर देखा. शाम हो चूकी थी. अंधेरा होनेमे बस थोडाही वक्त बाकी था. अचानक जॉनको क्या सुझा क्या मालूम उसने उसके सामने रखा फोन उठाया, एक नंबर डायल किया -
"" क्या कर रही हो? ... '' वह फोनमें बोला.
'' कौन? ... जॉन! '' उधरसे अँजेनीका उत्साहसे भरा स्वर गुंजा.
'' कैसी हो?...'' उसने पुछा.
अपना आवाज अँजेनीने पहचाना उसकी खुशी जॉनके चेहरेपर झलक रही थी.
'' ठिक हू...'" उसका गहरा दुखी स्वर गुंजा.
उसे यह सवाल पुछना नही चाहिए था ऐसा जॉनको लगा. उसे अब क्या बोलना चाहिए की वह फिरसे आनंदीत हो. जॉन सोचने लगा.
" ... क्या कुछ जानकारी मिली ... खुनीके बारेमें ?" उधरसे अँजेनीने पुछा.
" इसी सवालसे पिछा छुडवानेके लिये तुम्हे फोन किया और तुम भी यही सवाल पुछो. .." जॉनने कहा.
" नही ....बहुत दिनोंके बाद तुम्हारा अचानक फोन आया ... इसलिए मैने सोचा कुछ केसमे नई डेव्हलपमेंट होगी..."" अँजेनी बोली..
"नही ... ऐसी कुछ खास डेव्हलपमेंट नही है... .. अच्छा ... मैने फोन इसलिए किया की... आज शामको तुम्हारा क्या प्रोग्रॅम है ? " जॉन असली मुद्देपर आते हूए बोला.
" कुछ खास नही" अँजेनी उधरसे बोली.
" फिर ऐसा करो ... तैयार हो जावो... मै आधे घंटेमें तुम्हे लेने आता हूं.... हम डीनरको जायेंगे... "" जॉन अपना हक जताते हूए बोला.
" लेकिन..."
" लेकिन वेकिन कुछ नही ... कुछ भी बहाना नही चलेगा... मै आधे घंटेमे पहूचता हू...'" जॉनने कहा.
और वह कुछ बोले इससे पहलेही फोन रखकर वह निकल भी गया.
... to be contd...
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Thursday, January 10, 2008
Ch-12A: फर्स्ट डेट ... (शून्य-उपन्यास)
Posted by
Sunil Doiphode
at
9:00 AM
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