क्रिस्तोफर, रोनॉल्ड, पॉल, स्टिव्हन और ऍंथोनी टेबलके इर्दगिर्द बैठकर व्हिस्कीके जामपर जाम खाली कर रहे थे. क्रिस्तोफर और उसके तिन दोस्त पिकर टून होगए थे. ऍंथोनी अपनी हदमें रहकरही पी रहा था.
'' फिर ऍंथोनी ... इतनी रात गए इधर किधर घुम रहे हो?.. '' स्टिव्हनने ऍंथोनीके पिठपर हलकेसे मारते हूए पुछा.
उसे अच्छी खासी चढ गई थी ऐसा लग रहा था.
'' सच कहूं तो मै तुम्हारे यहा उस ट्रीटके बारेमें बात करनेके लिए आया था. '' ऍंथोनीने मौके का फायदा उठाते हूए असली बातपर आते हूए कहा.
'' कौनसी ट्रीट?'' पॉलने पुछा.
एकतो उसके खयालमें नही आया था या वह वैसा जतानेकी कोशीश कर रहा था.
'' अबे पगले... वह उस लडकीके बारेमें बोल रहा है '' ऍंथोनी बात स्पष्ट करनेके पहलेही रोनॉल्ड बिचमें बोला.
'' बाय द वे... तुम्हे ट्रीटका मजा आया की नही '' ऍंथोनीने पुछा.
सबलोग एकदम स्तब्ध, शांत और सिरीयस होगए. ऍंथोनी संभ्रममें उनके चेहरेकी तरफ देखने लगा.
'' देखो ... तुम्हारी ट्रीट शुरु शुरुमें अच्छी लगी ... लेकिन आखिरमें... ''
'' वह होता हैना की कभी कभी सुप शुरु शुरुमें अच्छा लगता है लेकिन आखिरमें तलेमें बैठे नमककी वजहसे उसका मजा किरकिरा हो जाता है....'' रोनॉल्ड क्रिस्तोफरका वाक्य पुरा होनेके पहलेही बोला.
'' तुम लोग क्या बोल रहे हो यह मुझेतो कुछ समझमें नही आ रहा है.. '' ऍंथोनी उसके चेहरेकी तरफ संभ्रमभरी दशामें देखते हूए बोला.
स्टिव्हनने क्रिस्तोफरकी तरफ देखते हूए पुछा, '' क्या इसको बोला जाये?''
'' अरे क्यो नही ... उसे मालूम कर लेने का हक है ... आखिर उस कार्यमें वह अपना बराबरका हिसेदार था... .'' क्रिस्तोफरने कहा.
'' कार्य ? ... कैसा कार्य ?'' ऍंथोनीने बेचैन होकर पुछा. .
'' खुन'' रोनॉल्डने ठंडे लहजेमें कहा.
'' ए उसे खुन मत बोल .... वह एक ऍक्सीडेंट था.'' पॉलने बिचमें टोका.
ऍंथोनीका चेहरा डरके मारे फिका पड चूका था.
'' कही तुम लोगोंने उस लडकीका खुन तो नही किया ?'' ऍंथोनी किसी तरहसे हिम्मत जुटाकर बोला.
'' तुम नही ... हम ... हम सब लोगोंने '' क्रिस्तोफरने उसके वाक्यको सुधारा.
'' एक मिनट ... एक मिनट... तुम लोगोने अगर उस लडकीको मारा होगा... तो यहां कहा मेरा संबंध आता है '' ऍंथोनीने अपना बचाव करते हूए कहा.
'' देखो .. अगर पुलिसने हमें पकड लिया... तो वह हमें पुछेंगे... की लडकीका अता पता तुम्हे किसने दिया...?..'' रोनॉल्डने कहा.
''... तो हमने भलेही ना बतानेका ठान लिया फिरभी हमें बतानाही पडेगा... '' पॉलने अधूरा वाक्य पुरा किया.
'' ... की हमें हमारे जिगरी दोस्त ऍंथोनीने मदत की '' पॉल शराबके नशेमें बडबडाया.
'' देखो .. तुम लोग बिना वजह मुझे इसमें लपेट रहे हो.. '' ऍंथोनी अब अपना बचाव करने लगा था.
"' लेकिन दोस्तो ... एक बडी अजिब चिज होनेवाली है '' क्रिस्तोफरने मंद मंद मुस्कुराते हूए कहा.
'' कौनसी ?'' रोनॉल्डने पुछा.
'' की पुलिसने हमें पकडा और बादमें हमें फांसी होगई ..'' क्रिस्तोफरने बिचमें रुककर अपने दोस्तोंकी तरफ देखा. वे एकदम सिरीयस हो गए थे.
'' अबे ... सालो... मेरा मतलब है अगर हमें फांसी होगई ...'' क्रिस्तोफरने स्टिव्हनकी पिठ हलकेसे थपथपाते हूए कहा.
पॉल शराबका ग्लास सरपर रखकर अजीब तरहसे नाचते हूए बोला, '' हां ... हां अगर हमें फांसी होगई तो...''
ऍंन्थोनीको छोडकर सारे लोग उसके साथ हंसने लगे.
फिरसे कमरेका वातावरण पहले जैसा होगया.
''हां तो अगर हमें फांसी होगई ... तो हमें उसके बारेंमे कुछ खांस बुरा नही लगेगा... क्योंकी आखिर हमने मिठाई खाई है ... लेकिन उस बेचारे ऍंथोनीको मिठाई हलकीसी चखनेकोभी नही मिली ... उसे मुफ्तमेंही फांसीपर लटकना होगा. '' क्रिस्तोफरने कहा.
कमरेंमे सब लोग, सिर्फ एक ऍंन्थोनीको छोड, जोर जोरसे हंसने लगे.
'' सच कहूं तो मै यहां तुम्हारे हर एकके पाससे दो-दो हजार डॉलर्स लेनेके लिए आया था. '' ऍंथोनीने कहा.
'' दो-दो हजार डॉलर्स ? ... मेरे दोस्त अब यह सब भूल जा ... '' रोनॉल्डने कहा.
ऍंथोनी उसकी तरफ गुस्सेसे देखने लगा.
'' देख अगर सबकुछ ठिक हूवा होता तो हम तुम्हे कभी ना नही कहते... बल्की हमारी खुशीसे तुम्हे पैसे देते... लेकिन अब परिस्थीती बहुत अलग है... वह लडकीकी मौत होगई ..'' रोनॉल्ड उसे समझाबुझानेके स्वरमें बोला.
'' .. मतलब ऍक्सीडेंटली ..'' स्टिव्हनने बिचमेंही जोडा.
'' तो अब वह सब ठिकाने लगानेके लिए पैसा लगेगा. ...'' रोनॉल्डने कहा.
'' सच कहूं तो ... हमही तुम्हारेपास इस सबका निपटारा करनेके लिए पैसे मांगने वाले थे...'' पॉलने कहा.
फिर सब लोग, ऍंथोनीको छोडकर, जोर जोरसे हंसने लगे. पहलेही उन्हे चढ गई थी और अब वे उसकी मजाक उडा रहे थे.
ऍंथोनीके जबडे कस गए. गुस्सेसे वह उठ खडा हूवा और पैर पटकते हूए वहांसे चलते बना. दरवाजेसे बाहर निकलनेके बाद उसने गुस्सेसे दरवाजा जोरसे पटक दिया.
क्रमश:...
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Tuesday, June 24, 2008
Treat CH 48 Online Free Novels - Ad-bhut
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Sunil Doiphode
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Saturday, March 1, 2008
Ch-49A: मिटींग (शून्य-उपन्यास)
बोर्ड रूममें बॉस, सॅम, डॅन और बाकी काफी पुलिस अधिकारी बैठे हूए थे. जॉन सबके सामने एक जगह बैठा था. सब लोग अब वह क्या बताता है यह सुननेके लिए बेताब थे. बॉसको वह क्या बताता है इसमें कोई खास दिलचस्पी नही दिख रही थी.
जॉनने शुरवात की.
" यह जो कातील है वह एक सिरीयल किलर है इसमे किसीकी दोराय नही होगी".
जॉनने सब लोगोंपर एक नजर दौडाई.
" मुझे लगता है अगर हम सिधे मुद्देपरही बात करोगे तो ठिक रहेगा' बॉसने उसे बिचमें टोका.
जॉनको बॉसका ऐसा बिचमें टोकना अच्छा नही लगा था. उसे उसका गुस्सा भी आया. लेकिन अपना गुस्सा चेहरेपर जाहिर ना करते हूए जॉनने सिर्फ एक नजर बॉसपर डाली.
" देखो , कातिलने पहला कत्ल जिसका किया उसका नाम था सानी , दुसरे का हुयाना, और तिसरे शख्सका उटीना और अब हालहीमें जो चौथा कत्ल हूवा उसका नाम था नियोल.
जॉनने फिरसे एकबार बॉसको टालते हूए सब लोगोंपर अपनी नजर घुमाई.
" और अब पाचवा कत्ल जिसका होनेवाला है उसका नाम 'वाय' इस अक्षरसे शुरु होनेवाला है.." जॉन कोई राज खोलनेके आविर्भावमें बोला.
बॉसची उत्सुकता बढ गई थी लेकीन उसने वैसा जाहिर नही होने दिया.
" यह तूम इतने ठोस तरहसे कैसे कह सकते हो ?" किसीने अपनी शंका उपस्थित की.
" बोलता हूं " जॉन एक दीर्घ श्वास लेते हूए बोला.
अब सब लोग एकाग्र होकर ध्यान देकर सुनने लगे.
" हर कत्लके वक्त कातीलने हमे 'क्लू' देनेकी कोशीश की थी. उस सब क्लू में एक कॉमन मुद्दा जो था वह था 'झीरो' और अब चौथे कत्लके वक्त उसने दिवारपर लिखा था -
'झीरोकी खोज किसने की?'
... और उसीमें अगले खुनका रहस्य छिपा हूवा है ... वैसे देखा जाए तो झीरोकी खोज किसने की यह एक विवादातीत मुद्दा है ..."
जॉन झीरोकी खोजके बारेमे बोर्डरूममें बैठे सब लोगोकों जानकारी देने लगा. सब लोग ध्यान देकर सुन रहे थे. लेकिन वह सुनते हूए डॅन बेचैन होगया था. वह बोर्डरूमसे बाहर जानेके मौकेका इंतजार करने लगा...
क्रमश:...
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Sunil Doiphode
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Thursday, February 7, 2008
Ch-31: पॉलीटीक्स (शून्य-उपन्यास)
जॉन ड्रॉइंग रूममे बैठकर धीरे धीरे व्हिस्कीके घूंट ले रहा था. उसके चेहरेसे साफ झलक रहा था की वह डिस्टर्ब था. इतनेमें उसकी डोअर बेल बजी. वह व्हिस्कीका ग्लास टीपॉयपर रखकर खडा होगया. सामने जाकर उसने दरवाजा खोला. दरवाजेमें उसके सामने अँजेनी खडी थी.
" मै कितने देरसे तुम्हारा मोबाईल ट्राय कर रही हूं. तुम्हारा मोबाईल बंद है क्या?" अँजेनी दरवाजेसे अंदर आते हूए बोली.
" प्रेसवालोंके फोनपर फोन आ रहे है... इसलिए बंद करके रखा" जॉन दरवाजा बंद करते हूए बोला.
अँजेनीने ड्रॉइंग रूममें आनेके बाद टीपॉयपर रखा व्हिस्कीका ग्लास देखा और फिर जॉनके चेहरेके तरफ गौरसे देखने लगी.
" क्या हूवा ? अपसेट दिख रहे हो" अँजेनीने उसे पुछा.
" बैठो ... बताता हूं " उसने खुद एक कुर्सीपर बैठते हूए और अँजेनीको सामने रखे कुर्सीपर बैठनेका इशारा करते हूए कहा.
वह सामने रखी हूई कुर्सी उसके तरफ खिसकाकर उसके पास जाकर बैठ गई। उसने व्हिस्कीका ग्लास फिरसे उठाकर होठोंको लगाया ।
" ऐसे अंदर ही अंदर गुमसुम रहनेसे अच्छा है अपने प्रॉब्लेम्स अपने किसी करिबी व्यक्तीके साथ शेअर करना ' अँजेनी उसका हाथ अपने हाथमें लेते हूए बोली ।
उसने उसका दुसरा हाथ उसके हाथपर रख दिया ।
" क्या कुछ डिपार्टमेंटमें प्रॉब्लेम हूवा ?" अँजेनीने उसका हाथ थपथपाकर कहा ।
" बोलता हूं... सब कुछ बोलता हूं. " व्हिस्कीका ग्लास बगलमें रखते हूए वह बोला ।
जॉनने एक दीर्घ सांस ली और उसे बोलने लगा -
जॉन उसके बॉसके , यानीकी शहर पोलीस शाखा प्रमुखके सामने बैठा हूवा था ।
" सर, उस बिल्डींगके निचे मिले शवकी तफ्तीश कर यह कुछ जानकारी हासील की है।" जॉन अपने सामने रखे फाईलके पन्ने उलट पुलटकर देखते हूए बोला।
बॉसने सिर्फ " हां " कहा।
जॉनके बॉसने अपने मुंहमें रखे सिगारका एक बडा कश लिया ।
" उस शवके जेबमें बंदूक मिली ... अबतकके तिनो खुन उसी बंदूकसे हूए है ।."
बॉसने अपने मुंहमेंके सिगार की राख सामने टेबलपर रखे अॅश ट्रेमे झटकते हूए कहा ,
" मतलब हम जिस खुनीकी तलाश कर रहे थे वह अपने आपही, मरा हूवा क्यों ना हो, अपने शिकंजे मे आ पहूंचा । "
" सर, मुझे लगता है इतने जल्दी इस नतिजेतक पहूंचना जल्दबाजी होगी. " जॉनने कहा.
" देखो जॉन, अब पुलिसके गलेतक पाणी पहूंच चूका है... अब यह शब्दोंसे खेलनेका वक्त नही है। फिलहाल हालात सामान्य होनेके लिए हमें कुछतो ठोस कदम उठाना जरुरी है । और अपना निष्कर्ष गलत है ऐसा तुम्हे क्यो लगता है ? " बॉसने जॉनके आंखोमें लगातार देखते हूए कहा.
" वैसी बहुत बाते है ." जॉनने फाईलके कुछ पन्ने पलटते हूए कहा.
" उदाहरणके तौरपर ? " बॉसने सिगार बुझाते हूए पुछा.
" नंबर एक - असली खुनीने किसीको मारकर उसके जेबमें बंदूक डाली होगी .. ऐसा भी हो सकता है... . और यह सब वह अपने उपरका ध्यान दुसरी तरफ हटानेके लिए कर सकता है...
नंबर दो - जब हमने वह मरे हूए आदमीके घर पर रेड किया तब उसके कॉम्प्यूटरकी हार्डडिस्क गायब थी. उसके पिछे अलग अलग हेतू हो सकते है... जैसे वह अकेला ना होकर उसके साथ बहुत सारे साथी उसको सामील हो .. जैसे मैने पहले बताया वैसे खुनी दुसराही कोई होकर वह ये सब अपनेपरका ध्यान दुसरी तरफ हटानेके लिए कर सकता है... या फिर वह एक मामुली चोरीभी हो सकती है... "
जॉन बॉसकी प्रतिक्रिया देखनेके लिए रुका.
" हां , और कुछ " बॉसने उसे और कुछ कहना है तो आगे कहने के लिए सुचीत करते हूए कहा.
" नंबर तीन - इस बार खुनकी जानकारी खुनीने ना देते हूए किसी औरही आदमीने दी थी ... क्योंकी जहांसे फोन आया था वहांसे खुनीको खुनके वक्त तक खुनके जगह पहूंचना लगभग नामुमकीन था. और अगर इस बारका अपवाद अगर छोडा तो इसके पहले हरबार खुनीने खुनके जगहसेही फोन किया था. कोई उनकेही टीमका आदमी बेईमानीपर उतर आया हो या किसीको इसकी भनक लगी हो जो की अपनी पहचान बताना नही चाहता हो"
जॉनने बचा हूवा सब लगभग एकही सांसमें बोल दिया और अब वह बॉसके प्रतिक्रिया की राह देखने लगा.
जॉनका बॉस उसके कुर्सीसे धीरेसे उठ गया. खिडकीके बाहर देखते हूए उसने नई सिगार सुलगाई. फिर सिगारके लंबे कश लेते हूए उसने जॉनके इर्द गिर्द एक चक्कर लगाई -
" होगया तुम्हारा ?" बॉसने उसके तरफ घुरकर देखते हूए कहा.
जॉनने सिर्फ अपना सर हिलाया.
" देखो जॉन, तुम्हे पताही है की इस घटना की वजहसे अपने पुलिसकी प्रतिमा कितनी मलीन हो चूकी है. और तुम जो कह रहे हो वह सारी संभावनाएं है. उसका अपने पास कोई ठोस सबुत नही है. "
जॉनका बॉस कमरेमें चहलकदमी करते हूए बोल रहा था.
" लेकिन सर.." जॉनने बिचमें बोलनेका प्रयास किया.
उसे रोकते हूए बॉसने कहा,
" मुझे लगता है इस केसपर काम करके और लगातार तणावके वजहसे तूम शारिरीक और मानसिक तरहसे थक चूके हो... और थकनेके बाद बहुत बार ऐसा होता है... आदमी गडबडा जाता है... और फिर वह तरह तरहके निष्कर्ष निकालने लगता है."
" नही सर, वैसा नही ." जॉनने अपना पक्ष रखने का प्रयास किया.
" देखो , मै क्या कहता हूं ध्यान देकर सुनो " बॉस अब कडे स्वरमें बोल रहा था,
" अब एक प्रेस कॉन्फरंस लेनी पडेगी. उसमें एक साथ केसकी सारी जानकारी देकर अपने पुलिस डिपार्टमेंटकी बची कुची लाज रखनी पडेगी. और फिर ..... और फिर तुम एक महिनेके लिए छुट्टीपर चले जावो... मै तुम्हारी छुट्टी अभी सँक्शन कराये देता हूं ... फिर तुम तुम्हारी दोस्त अँजेनीको लेकर किसी हिलस्टेशनको जावो... छुट्टीया मनाने के लिए... बाकी चिंता तुम मत करो... मै सब बंदोबस्त करता हूं. "
जॉनने एकदम चौंककर उसके बॉसकी तरफ देखा. अपने बॉसको अपने और अँजेनीके बारेमें कैसे पता चला? उसकी आंखोमे अभीभी आश्चर्य और अविश्वास तैर रहा था. .
" आय अॅम सॉरी... इट्स यूवर पर्सनल मॅटर... बट इटस् माय प्रोफेशनल वे ऑफ वर्कींग .... मुझे सबपर पैनी नजर रखनी पडती है"
जॉन कुछ बोले इसके पहलेही बॉसने कुर्सीके पिछे टंगा हूवा अपना ओव्हरकोट उठाया और वह दरवाजेकी तरफ जाने लगा.
दरवाजेमें रुककर जॉनकी तरफ पलटकर देखते हूए वह बोला, " कल सुबह दस बजे मैने प्रेस कॉन्फरंस बुलाई है. क्या बोलना है वह सब मै देखता हूं. यू जस्ट बी देअर."
जॉनके जवाब की राह ना देखते हूए बॉस खाट खाट जूतोंका आवाज करते हूए वहांसे निकल गया. जॉन संभ्रमसे कभी बॉसको जाते हूए देख रहा था तो कभी अपने हाथमेंके फाईल और कागजादोंकी तरफ देखते हूए वहां खडा रहा.
क्रमश:...
Posted by
Sunil Doiphode
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9:51 AM
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