डिटेक्टीव्ह सॅम अपने कॅबिनमें सर निचा झूकाकर सोचमे डूबा हूवा बैठा था. इतनेमें, जेफ, उसका ज्यूनिअर टीम मेंबर वहा आगया.
'' सर ... वह कातिल कत्लके जगह कैसे पहूंचता होगा और फिर कैसे बाहर जाता होगा ... इसके बारेंमे मेरे दिमागमें एक आयडीया आया है '' जेफने उत्साहभरे स्वरमें कहा.
सॅमने अपना सिर उपर उठाया और जेफ की तरफ देखा.
जेफ दरवाजेके बाहर गया और उसने दरवाजा खिंचकर बंद किया.
'' सर देखिए अब '' वह बाहरसे जोरसे चिल्लाया.
डिटेक्टीवने देखा की दरवाजेकी अंदरकी कुंडी धीरे धीरे खिसककर बंद होगई. सॅम भौंचक्कासा देखता ही रह गया.
'' सर आपने देखा क्या ?'' उधरसे जेफका आवाज आया.
फिर धीरे धीरे दरवाजेकी कुंडी दुसरी तरफ खिसकने लगी और थोडीही देरमें कुंडी खुल गई.
सॅमको बहुत आश्चर्य हो रहा था.
जेफ दरवाजा खोलकर अंदर आया, उसके हाथमें पिछेकी ओर कुछतो छिपाया हूवा था.
'' तुमने यह कैसे किया ? '' सॅमने आश्चर्ययुक्त उत्सुकतासे पुछा.
जेफने एक बडासा मॅग्नेट अपने पिछे छूपाया था वह निकालकर सॅमके सामने टेबलपर रख दिया.
'' यह सब करामात इस चूंबककी है क्योंकी वह दरवाजेकी कुंडी लोहेकी बनी हूई है...'' जेफने कहा.
'' जेफ फॉर यूवर काइंड इन्फॉर्मेशन... घटनास्थलपर मिली सब दरवाजेकी कुंडीया ऍल्यूमिनियम की थी. '' सॅमने उसे बिचमें टोकते हूए कहा.
'' ओह... ऍल्यूमिनीयमकी थी.'' फिर और कोई आयडीया दिमागमें आयेजैसे उसने कहा, '' कोई बात नही... उसका हलभी है मेरे पास ... ''
सॅमने अविश्वाससे उसकी तरफ देखा.
जेफने अपने गलेमें पहना एक स्टोन्सका नेकलेस निकालकर उसका धागा तोड दिया, सब स्टोन्स एक हाथमें लेकर उसमेंसे पिरोया हूवा नायलॉनका धागा दुसरे हाथसे खिंच लिया. उसने हाथमें जमा हूए सारे स्टोन्स जेबमें रख दिए. अब उसके दुसरे हाथमें वह नॉयलॉनका धागा था.
डिटेक्टीव सॅम असंमजसकी स्थीतीमें उसकी तरफ वह क्या कर रहा है यह देखने लगा.
'' अब देखीए यह दूसरा आयडीया .. आप सिर्फ मेरे साथ कमरेके बाहर आईए'' जेफने कहा.
सॅम उसके पिछे पिछे जाने लगा.
जेफ दरवाजेके पास गया. दरवाजेके कुंडीमें उसने वह नॉयलॉनका धागा अटकाया. धागेके दोनो सिरे एक हाथमें पकडकर उसने सॅमसे कहा, '' अब आप दरवाजेसे बाहर जाइए ''
सॅम दरवाजेके बाहर गया. जेफभी अब धागेके दोनो सिरे एक हाथमें पकडकर दरवाजेसे बाहर आगया. और उसने दरवाजा खिंच लिया.
दरवाजा बंद था लेकिन वह धागा जो जेफके हाथमें था दरवाजेके दरारसे अबभी अंदर की कुंडीको अटकाया हूवा था. जेफने धीरे धीरे उस धागेके दोनो सिरे खिंच लिए और फिर धागेका एक सिरा हाथसे छोडकर दुसरे सिरेके सहारे धागा खिंच लिया. पुरा धागा अब जेफके हाथमें था.
'' अब दरवाजा खोलकर देखीए '' जेफने सॅमसे कहा.
सॅमने दरवाजा धकेलकर देखा और आश्चर्यकी बात दरवाजा अंदरसे बंद था.
सॅम भौंचक्कासा जेफकी तरफ देखने लगा.
'' अब मुझे पुरा विश्वास होने लगा है ....'' सॅमने कहा.
'' किस बातका?'' जेफने पुछा.
'' की इस नौकरीके पहले तूम कौनसे धंधे करते होंगे...'' सॅमने मजाकमें कहा.
दोनो एकदुसरेकी तरफ देख मुस्कुराए.
'' लेकिन एक बता'' सॅमने कहा.
जेफने प्रश्नार्थक मुद्रामें सॅमकी तरफ देखा.
'' की अगर दरवाजेको अंदरसे अगर ताला लगा हो तो ?'' सॅमने पुछा.
'' नही ... उस हालमें ... फिर एकही संभावना है'' जेफने कहा.
'' कौनसी?''
'' की वह दरवाजा खोलनेके लिए किसी अमानवी शक्तीकाही होना जरुरी है '' जेफने कहा.
क्रमश:...
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Friday, May 16, 2008
Hindi online Novel - अद्-भूत : Ch-23 : जेफकी ट्रीक
Posted by
Sunil Doiphode
at
12:05 PM
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