उपन्यास - अद्-भूत
The horror, suspense, thriller online Hindi Novel based on my english screenplay 'Latched' registered with FWA.
Showing posts with label hindi award. Show all posts
Showing posts with label hindi award. Show all posts

Wednesday, December 26, 2007

Ch-7 : दिल है कि ... (शून्य-उपन्यास)


(Next post ch-8 will be published on or before 30 Dec 07)
जॉन कारमें जा रहा था. हॉस्पिटलसे डॉक्टरने उसे फोन कर बताया था की अँजेनीको डिस्चार्ज दिया गया है. डॉक्टरके अनुसार मेडीकली वह पुरी तरहसे संवर गई थी. सिर्फ मेंटली और इमोशनली संवरनेमें उसे थोडा वक्त लग सकता था. सानीके पोस्टमार्टमके रिपोर्टभी आए थे. जॉनको उस सिलसिलेमें अँजेनीसे थोडी बातचीत करनी थी. बातचीत वह फोनपरभी कर सकता था. लेकिन दिलको कितनाभी समझाने की कोशीश करने पर भी दिल है की मानता नही था. उसे मिलनेकी उसकी इच्छा जितना रोकने की कोशीश करो उतनी तिव्र हो चली थी. उसने उसे मुंहसे कृत्रिम सांसे दी तब उसे उसका कुछ विषेश नही लगा था. लेकिन अब उसे उसके होठोंका वह मुलायम स्पर्श रह रहकर याद आ रहा था. उसने कर्र ऽऽ.. गाडीका. ब्रेक लगाया. गाडीको मोड लिया और निकल गया - अँजेनीके घरकी तरफ.


जॉनकी कार अँजेनीके अपार्टमेंटके निचे आकर रुकी. उसने गाडी पार्किंगकी तरफ मोड ली. पार्किंगमे कुछ समय वह वैसाही गाडीमें बैठा रहा. आखीर अपने मन से चल रहे कश्मकशसे उभरकर वह गाडीसे उतर गया. लंबे लंबे कदमसे वह लिफ्टकी तरफ गया. लिफ्ट खुलीही थी, उसमें वह घुस गया. लिफ्ट बंद होकर उपरकी तरफ दौडने लगी.

लिफ्ट रुक गई. लिफ्टमें डिस्प्लेपर 10 आंकडा आया था. लिफ्टका दरवाजा खुला और जॉन बाहर निकल गया. अँजेनीका फ्लॅटका दरवाजा अंदर से बंद था. वह दरवाजेके पास गया. फिर वहा थोडी देर अपने दरवाजा खटखटाऊ की नही यह सोचकर चहलकदमी करने लगा. वह डोअर दबानेही वाला था की अचानक सामनेका दरवाजा खुला. दरवाजेमें अँजेनी खडी थी. जॉन का चेहरा ऐसा हुवा मानो उसे चोरी करते हूए पकडा गया हो.

'' क्या हूवा? '' अँजेनी हसते हूए बोली.

इतना खिलखिलाकर हसते हूए जॉन उसे पहली बार देख रहा था.

"' किधर? कहा? ... कुछ नही... मुझे तुम्हारे यहा इस केसके सिलसिलेमें आना था... नही मतलब आया हूँ '' जॉन अपने चेहरेके भाव जितने हो सकते है उतने छिपाते हूए बोला.

'' आवो ना फिर... अंदर आवो... '' अँजेनी फिरसे हसते हूए बोली.

अँजेनीने उसे घरके अंदर लेकर दरवाजा बंद किया.


जॉन और अँजेनी ड्रॉईंगरूममें बैठे हूए थे.

" पोस्टमार्टमके रिपोर्टके अनुसार ... सानीको पिस्तौल की गोली सिनेमें बाई तरफ एकदम हार्टके बिचोबिच लगी... इसलिये वह गोल जो दिवारपर निकाला था वह उसने निकालनेका कोई सवालही पैदा नही होता'' जॉनने अपना तर्क प्रस्तूत किया.

'' मतलब वह आकार जरुर खुनीनेही निकाला होगा'' अँजेनीने कहा.

थोडा सोचकर वह आगे बोली , '' लेकिन गोल निकालकर उसे क्या जताना होगा? ""

'' वही तो... सबसे बडा सवाल अब हमारे सामने है"" जॉनने कहा.

'' अगर इस तरह से और कोई खुन इससे पहले हूवा है क्या यह अगर देखा तो?'' अँजेनीने अपना विचार व्यक्त किया.

'' वह हम सब पहलेही देख चूके है... पिछले रेकॉर्डमें इस तरह का एकभी खुन मौजूद नही है"" जॉनने कहा.

इतनेमे जॉनका मोबाईल बजा. उसने बटन दबाकर वह कानको लगाया, "यस ...सॅम"

जॉनने उधरसे सॅमको सुना और वह एकदम उठकर खडा होगया, " क्या?"

अँजेनी क्या हूवा यह समझनेकी कोशीश करती हूई आश्चर्यसे उसके तरफ देखने लगी.

'' मुझे जाना पडेगा '' जॉनने कहा और दरवाजेकी तरफ जानेको निकला.

जॉनने मोबाईल बंद कर अपने जेबमें रखा.

जाते जाते अँजेनीको उसने सिर्फ इतनाही कहा , "मै तुझे बादमे मिलता हूँ ... मुझे अब जल्दसे जल्द वहाँ पहूँचना पडेगा.

अँजेनी कुछ बोले इसके पहले जॉन जा चूका था.

(to be contd...)

Enter your email address to SUBSCRIBE the Hindi Novels:

आप HindiNovels.Net इस अंतर्जाल पर आनेवाले वे आगंतुक है

आगामी Hindi Novels

1. करने गया कुछ कट गयी साली मुछ (कॉमेडी)
2. मधूराणी (the story of femine power)
3. सायबर लव्ह (लव्ह, सस्पेन्स)
4. अद-भूत (हॉरर, सस्पेंन्स थ्रीलर)
5. मृगजल (लव्ह ड्रामा, सायकॉलॉजीकल थ्रीलर)
6. फेराफेरी (कॉमेडी)
7. लव्ह लाईन (लव्ह, कॉमेडी, सस्पेन्स)
8. ब्लॅकहोल (हॉरर, मिस्ट्री, सस्पेन्स)