स्टेलाके घरके गेटके सामने डॅनियल अबभी अपनी बाईकपर बैठकर सुझानकी राह देख रहा था. डॅनियल कॉलेजमें जानेवाला एक इक्कीस बाईस सालका फॅशनेबल युवक था. वह अपनी गाडी लगातार रेज कर रहा था और गाडीके सायलेन्सरसे धुव्वा बाहर निकल रहा था. इतनेमें डॅनियलको जल्दी जल्दी बाहर आती हूई सुझान दिखाई दी. उसने उसकी तरफ देखतेही दोनों की नजरें मिल गई. दोनोंभी एकदुसरेकी तरफ देखकर मिठेसे मुसकाए.
सुझान नजदिक आतेही डॅनियलने हेलमेट सरमें पहनकर उसका बकल लगाया और बाया पैर ब्रकपर जोरसे दबाकर ऍक्सीलेटर जोरसे बढाया. जैसेही सुझान उसके पिछे बाईकपर बैठने लगी डॅनियलने गियर डाला और ब्रेक छोडते हूए पैर उपर उठाया.
'' रुक ... रुक... तूम पागल तो नही हो ... मुझे पहले ठिकसे बैठने तो दोगे..'' सुझान गुस्सेसे बडबडाने लगी.
डॅनियलने पिछे मुडकर देखा और एकदम बाईकका ब्रेक दबाया. सुझानकी उससे टक्कर होकर उसके सामनेके दातोंको उसकी हेलमेट लग गई.
'' उं...'' दर्दसे कराहते हूए उसने अपना हात लगाकर अपने सामनेके दांत टटोले.
'' ओह ... आय ऍम सॉरी'' डॅनियल क्षमा याचना करने लगा.
'' तुम्हे पता है ... तुम कितने लापरवाह हो... मुझे तो कभी कभी अचरज होता है की मै तुम्हारे प्यारमें कैसे पड गई ..'' सुझान चिढकर बोली.
'' आय ऍम सो सॉरी...'' वह रह रहकर उसकी माफी मांग रहा था.
अब कहां सुझान उसके पिछे बाईकपर ठिकसे बैठ गई, उसने अपने कंधेके उपरसे तिरछी नजरसे पिछे अपने घरकी तरफ देखा. डॅनियल अब उसके इशारेकी राह देखने लगा. वहभी उसकी गाडी आगे लेनेकी राह देखने लगी. आखिर उसने उसका कंधा थपथपाते हूए कहा, '' मि. डॅनियल कॅन्टोर''
डॅनियलने मासूमियतसे पिछे मुडकर देखा, '' क्या ?''
'' मुझे लगता है ... अब हमें निकलना चाहिए डियर..'' वह व्यंगात्मक ढंगसे बोली.
डॅनियलने गियर बदला और ब्रेक छोडते हूए गाडी रास्तेपर तेजीसे दौडाई.
जब गाडी तेजीसे लेकिन संथ गतिसे चलने लगी, डॅनियलने अपने आंखोके किनारेसे सुझानकी तरफ झांका. फिरसे दोनोंकी नजरे मिली और वे एकदुसरेकी तरफ देखकर मुस्कुराने लगे. सुझान धीरेसे उसके एकदम पास खिसक गई और उसने उसे पिछेसे कसकर पकड लिया.
क्रमश:...
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Thursday, July 31, 2008
Books Online - Upanyas - Black Hole CH-4 प्रेमी युगल
Posted by
Sunil Doiphode
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9:05 AM
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Tuesday, January 15, 2008
Ch-15: क्या हूवा? ... (शून्य-उपन्यास)
इधर अँजेनी जॉनकी राह देख देखकर थक गई थी.
क्या हूवा होगा ? ...
जॉन कहा गया होगा?...
इतनी देरसे वह अभीतक वापस क्यों नही आया ?...
उसे चिंता होने लगी थी.
अच्छा फोन करने जाओ तो ...
तो वह अपना मोबाईल यही छोडके चला गया था .
उसे कुछ सुझाई नही दे रहा था. कभी वह अंदर जाकर उसकी राह देखती तो बाहर कुछ आवाज होनेपर फिरसे बाहर आकर देखती थी. उसे उसकी इतनी चिंता क्यो हो?
उसे खुदकाही आश्चर्य लग रहा था. इतनेमें फिरसे बाहर किसी गाडी आनेकी आहट उसे हूई. वह उठकर फिरसे बाहर आ गई. एक गाडी आकर हॉटेलके बाहर आकर रुकी थी. लेकिन वह जॉनकी गाडी नही थी. वह एक प्रायव्हेट टॅक्सी थी. वह अंदर जानेके लिए पलटी तो पिछेसे उसे आवाज आया -
'"अँजेनी''
उसने पलटकर देखा तो टॅक्सीसे जॉन उतरा था. उसके सारे बाल उलझे उलझे और शर्ट एक जगह फटा हूवा और शर्टपर काले काले मैल के धब्बे पडे हूए थे.
क्या हूवा होगा ? ...
उसे चिंता होकर वह जॉनके तरफ जाने लगी. जॉनभी लंगडता हूवा उसकी तरफ आने लगा.
"" क्या हूवा?"" वह तत्परतासे उसके पास जाते हूए वह बोली.
कुछ ना बोलते हूए जॉन लंगडते हूए उसकी तरफ चलने लगा. उसने झटसे जाकर उसे सहारा दिया.
"" हमें हॉस्पीटलमें जाना चाहिए '" अँजेनी उसे कहा कहा लगा यह देखते हूए बोली.
'' नही .... उतना कुछ खास लगा नही ... सिर्फ कुछ कुछ जगह सुजन आई हूई है..'' वह किसी तरह बोला.
'" तो भी चेकअप करनेमें क्या हर्ज है..?" वह जानेवाली टॅक्सीको रुकनेके लिए हाथ दिखाते हूए बोली.
उसने उसे सहारा देकर टॅक्सीमें बिठाया और वहभी उसके पास उसे सटकर बैठ गई.
'' थ्री कौंटीज हॉस्पिटल'" उसने टॅक्सीवालेको आदेश दिया.
'"नही ...सचमुछ वैसी कोई जरुरत नही'' जॉनने कहा.
'' तुम्हारी गाडी किधर है?"" अँजेनीने पुछा.
'" है उधर ... पिछे... रस्तेके किनारे.... बडा अॅक्सीडेंट होते होते बचा '" वह बताने लगा.
'' ड्रायव्हर ... गाडी पोलीस क्वार्टर्सको लेना '" जॉनने बिचमेंही ड्रायव्हरको आदेश दिया.
ड्रायव्हरने गाडी स्लो कर एकबार अँजेनी और फिर जॉनकी तरफ देखा. अँजेनीने 'ठीक है ... वह जहा कहता है उधरही लो' ऐसा ड्रायव्हरको इशारेसेही कहा.
.... to be contd...
Posted by
Sunil Doiphode
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10:39 AM
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