The first step to wisdom is silence, the second is listening ... ANONYMOUS
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जैसेही इरिकका फोन आया, तैयारी करके डिटेक्टीव सॅम तुरंत रोनॉल्डके घरकी तरफ रवाना हूवा.
इतना फुलप्रुफ इंतजाम होनेके बादभी रोनॉल्डका कत्ल होता है ... इसका मतलब क्या ?...
पहलेही पुलिसकी इमेज लोगोंमे काफी खराब हो चूकी थी...
और इसबार पुरा विश्वास था की कातिल अब इस कॅमेरेके जालसे छूटना नामुमकीन है ...
फिर कहा गडबड हूई ?...
गाडी स्पिडसे चलाते हूए सॅमके विचारभी तेजीसे दौड रहे थे.
डिटेक्टीव सॅमने बेडरुममें प्रवेश किया. बेडरुममें रोनॉल्डकी डेड बॉडी अव्यवस्थीत हालमें बेडपर पडी हूई थी. सब तरफ खुन ही खुन फैला हूवा दिख रहा था. सॅमने बॉडीकी प्राथमीक जांच की और फिर कमरेंकी जांच की. इरिक और रिचर्ड वही थे. पुलिसकी इन्व्हेस्टीगेशन टीम जो वहां अभी अभी पहूंच गई थी, अपने काममें व्यस्त थी.
'' मिल रहा है कुछ ?'' सॅमने उन्हे पुछा.
'' नही सर .. अबतकतो कुछ नही. '' सॅमका पार्टनर उनकी तरफ से बोला.
सॅमने बेडरुममें आरामसे चलते हूए और सबकुछ ध्यानपूर्वक निहारते हूए एक चक्कर मारा. चक्कर मारनेके बाद सॅम फिरसे बेडके पास आकर खडा हो गया और उसने बेडके निचे झुककर देखा.
बेडके निचेसे दो चमकती हूई आंखे उसकी तरफ घुरकर देख रही थी. एक पलके लिए क्यों ना हो सॅम डरकर थोडा पिछे हट गया. वे चमकती हूई आंखे फिर धीरे धीर उसकी दिशामें आने लगी. और अचानक हमला कीये जैसे उसपर झपट पडी. वह छटसे वहांसे हट गया. उसे एक गलेमें पट्टा पहनी हूई काली बिल्ली कॉटके निचेसे बाहर आकर दरवाजेसे बेडरुकके बाहर दौडकर जाते हूए दिखाई दी. दरवाजेसे बाहर जातेही वह बिल्ली एकदम रुक गई और उसने मुडकर पिछे देखा. कमरेमे एक अजीबसा सन्नाटा छा गया था. उस बिल्लीने एक दो पल सॅमकी तरफ देखा और फिरसे मुडकर वह वहांसे भाग गई. दोन तिन पल कुछभी ना बोलते हूए गुजर गए.
'' यही वह बिल्ली... सर'' रिचर्डने कमरेमें फैले सन्नाटेको भंग किया.
'' ट्रान्समिशन बॉक्स किधर है ?'' बिल्लीसे सॅमको याद आगया.
'' सर यहां '' इरीकने एक जगह कोनेमें इशारा करते हूए कहा.
वह बॉक्स निचे जमिनपर गीरा हूवा था. सॅम नजदिक गया और उसने वह बॉक्स उठाया. वह टूटा हूवा था. सॅमने वह बॉक्स उलट पुलटकर गौरसे देखा और वापस जहांसे उठाया था वही रख दिया. तभी बेडरुमके दरवाजेकी तरफ सॅमका यूंही खयाल गया. हमेशाकी तरह दरवाजा तोडा हूवा था. लेकिन इसबार अंदरके कुंडीको चेन लगाकर ताला लगाया हूवा था.
''जेफ .. जरा इधर तो आवो '' सॅमने जेफको बुलाया.
जेफ तत्परतासे सॅमके पास चला गया.
'' यह इधर देखो ... और अब बोलो तुम्हारी थेअरी क्या कहती है ... कत्ल करनेके बाद दरवाजा बंद कर अंदरसे चेन लगाकर ताला कैसे लगाया होगा?'' सॅमने उस कुंडीको लगाए चेन और तालेके ओर उसका ध्यान खिंचते हूए कहा.
जेफने उस चेन और ताला लगाए कुंडीकी तरफ ध्यानसे देखते हूए कहा, '' सर.. अब तो मुझे पक्का विश्वास होने लगा है ... ''
'' किस बातका ?''
'' की कातील कोई आदमी ना होकर कोई रुहानी ताकत हो सकती है '' जेफ पागलोंकी तरह कही शून्यमें देखते हूए बोला.
सबलोग गुढ भावसे एक दूसरेकी तरफ देखने लगे.
क्रमश:...
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Monday, May 26, 2008
Fiction Ebooks - अद-भूत / Aghast Ch-28 - रोनॉल्ड / Ronald
Posted by
Sunil Doiphode
at
9:35 AM
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Monday, April 28, 2008
Hindi Novel - अद्-भूत : Ch-10 : आय ऍम सॉरी
रातको होस्टेलके गलियारेमें घना अंधेरा था. गलियारेके लाईट्स या तो किसीने चोरी किये होंगे या लडकोने तोड दिए होंगे. एक काला साया धीरे धीरे उस गलियारेमे चल रहा था. और वहासे थोडीही दुरीपर जॉन, ऍन्थोनी और उसके दो दोस्त एक खंबेके पिछे छुपकर बैठे थे. उन्होने पक्का फैसला किया था की आज किसीभी हालमें इस चोरको पकडकर होस्टेलकी लगभग रोज होनेवाली चोरीयां रोकनी है. काफी समयसे वे वहां छिपकर चोरकी राह देख रहे थे. आखिर वह साया उन्हे दिखतेही उनके चेहरेपर खुशी की लहर दौड गई.
चलो इतने देरसे रुके... आखिर मेहनत रंग लाई...
खुशीके मारे उनमें खुसुर फुसुर होने लगी.
'' ए चूप रहो... यही अच्छा मौका है ... सालेको रंगे हाथ पकडनेका '' जॉनने सबको चूप रहनेकी हिदायत दी.
वे वहांसे छिपते हूए सामने जाकर एक दुसरे खंबेके पिछे छूप गए.
उन्होने चोरको पकडनेकी पुरी प्लॅनींग और तैयारी कर रखी थी. चारोंने आपसमें काम बांट लिया था. उन चारोंमें एक लडका अपने कंधेपर एक काला ब्लॅंकेट संभाल रहा था.
'' देखो... वह रुक गया ... सालेकी घोंगड रपेटही करेंगे'' जॉन धीरेसे बोला.
वह साया गलियारेमे चलते हूए एक रुमके सामने रुक गया.
'' अरे किसकी रुम है वह ?'' किसीने पुछा.
'' मेरीकी ..'' ऍन्थोनीने धीमे स्वरमे जवाब दिया.
वह काला साया मेरीके दरवाजेके सामने रुका और मेरीके दरवाजेके कीहोलमें अपने पासकी चाबी डालकर घुमाने लगा.
'' देखो उसके पास चाबीभी है '' कोई फुसफुसाया.
'' मास्टर की होगी '' किसीने कहा.
'' या डूप्लीकेट बनाकर ली होगी सालेने ''
'' अब तो वह बिलकुल मुकर नही पाएगा ... हम उसे अब रेड हॅंन्डेड पकड सकते है. '' जॉनने कहा.
जॉन और ऍन्थोनीने पिछे मुडकर उनके दो साथीयोंको इशारा किया.
'' चलो ... यह एकदम सही वक्त है '' ऍन्थोनीने कहा.
वह साया अब ताला खोलनेकी कोशीश करने लगा.
सब लोगोंने एकदम उस काले सायेपर हल्ला बोल दिया. ऍन्थोनीने उस सायेके शरीरपर उसके दोस्तके कंधेपर जो था वह ब्लॅंकेट डालकर लपेट दिया और जॉनने उस सायेको ब्लॅकेटके साथ कसकर पकड लिया.
'' पहले साले को मारो... '' कोई चिल्लाया.
सबलोग मिलकर अब उस चोरकी धुलाई करने लगे.
'' कैसा हाथ आया रे साले ... ''
'' ए साले ... दिखा अब कहां छुपाकर रखा है तुने होस्टेलका सारा चोरी किया हूवा माल''
ब्लॅंकेटके अंदरसे 'आं ऊं' ऐसा दबा हूवा स्वर आने लगा.
अचानक सामनेका दरवाजा खुला और मेरी गडबडाई हूई दरवाजेसे बाहर आगई. शायद उसे उसके रुमके सामने चल रहे धांदलीकी आहट हुई होगी. कमरेमें जल रहे लाईटकी रोशनी अब उस ब्लॅंकेटमें लिपटे चोरके शरीर पर पड गई.
'' क्या चल रहा है यहां '' मेरी घाबराये हूए हालमें हिम्मत बटोरती हूई बोली.
'' हमने चोरको पकडा है '' ऍन्थोनीने कहा.
'' ये तुम्हारा कमरा डूप्लीकेट चाबीसे खोल रहा था. '' जॉनने कहा.
उस चोरको ब्लॅंकेटके साथ पकडे हूए हालमें जॉनको उस चोरके शरीरपर कुछ अजीबसा लगा. धांदलीमें उसने क्या है यह टटोलनेके लिए ब्लॅंकेटके अंदरसे अपने हाथ डाले. जॉनने हाथ अंदर डालनेसे उसकी उस सायेपरकी पकड ढीली हो गई और वह साया ब्लॅंकेटसे बाहर आगया.
'' ओ माय गॉड नॅन्सी! '' मेरी चिल्लाई.
नॅन्सी कोलीन उनकेही क्लासमेंकी एक सुंदर स्टूडंट थी. वह ब्लॅकेटसे बाहर आई और अभीभी असंमजसके स्थितीमें जॉन उसके दोनो उरोज अपने हाथमें कसकर पकडा हूवा था. उसने खुदको छुडा लिया और एक जोर का तमाचा जॉनके कानके निचे जड दिया.
जॉनको क्या बोले कुछ समझमें नही रहा था वह बोला, '' आय ऍम सॉरी .. आय ऍम रियली सॉरी ''
'' वुई आर सॉरी ...'' ऍन्थोनीनेभी कहा.
'' लेकिन इतने रात गए तुम यहां क्या कर रही हो?'' मेरी नॅन्सीके पास जाते हूए बोली.
'' इडीयट ... आय वॉज ट्राईंग टू सरप्राईज यू... तूम्हे जनमदिनकी शुभकामनाएं देने आई थी मै..'' नॅन्सी उसपर चिढते हूए बोली.
'' ओह ... थॅंक यू ... आय मीन सॉरी ... आय मीन आर यू ओके?'' मेरीको क्या बोले कुछ समझ नही आ रहा था.
मेरी नॅन्सीको रुममें ले गई. और जॉन फिरसे माफी मांगनेके लिए रुममे जानेलगा तो दरवाजा उसके मुंहपर धडामसे बंद होगया.
क्रमश:...
Posted by
Sunil Doiphode
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9:55 AM
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