जॉन और सॅम कार्पोरेशन आफिससे बाहर आ रहे थे. बाहर आते वक्त लोगोंकी भिड, इधरसे उधर फाइल्स ले जानेवाले ऑफिस बॉइज उनके बिचमें आ रहे थे. उस भिडसे रास्ता निकालते हूए वे ऑफिसके बाहर मैदानमें आगए. मैदानमें आनेके बाद कहा उन्हे अच्छा लगा.
" सर , अब क्या करेंगे ?" सॅमने जॉनके साथ चलते चलते कहा.
वैसे देखा जाए तो अब केसका पुरा चार्ज ऑफीशियली सॅमके हाथमें था. फिरभी वह उसके डिसमीस हूए बॉस जॉनका बडप्पन नही भूला था.
" मुझे लगता है बॉसने अपनेसाथ जो दो लोग दिए है उनको हम पहले इन दो जगह पर निगरानी करनेके लिए तैनात कर देंगे. ."
" हां ... मुझे लगता है यू आर राईट '' सॅम अपने जेबसे मोबाईल निकालते हूए बोला.
सॅमने एक नंबर डायल किया.
" हॅलो ... अँथानी ... देखो ... हमें पाचवे खुनके तीन पॉसीबल अॅड्रेसेस मिले है ... उसमेंका एक अॅड्रेस मै तुम्हे बताता हूं ... वहां तुम्हे जल्दसे जल्द निगरानीके लिए जाना है... हां अॅड्रेस लिख लो..."
सॅमने एक निवासीका नाम और अॅड्रेस अँथनीको बताया.
वह आगे बोला , "... और फौरन उधर जावो ... उसके जानको खतरा है..."
सॅमने फोन कट कर दिया. फिर उसने और एक नंबर डायल किया. उसके साथ दिए दुसरे पुलिसकोभी दुसरे एक अॅड्रेसपर फौरन तैनात होनेके लिए कहा.
" अब इस तिसरे अॅड्रेसका क्या करेंगे?...बॉसने तो अपने साथ सिर्फ दो लोग ही दिये थे..." जॉनने सॅमसे पुछा.
" एक काम करेंगे ... बॉसको फोन करके अपना अबतकका प्रोग्रेस बताएंगे और और एक जण को मांग लेंगे .. ताकी उसको हम इस तिसरे पत्ते पर तैनात कर सकेंगे"
" बॉस और एक आदमी हमें देगा ? ... मुझे तो संदेह है " जॉनने अपना संदेह व्यक्त किया.
" देखते तो है ..."
सॅम बॉसका फोन डायल करने लगा. इतनेमें उसकाही फोन बजा. जॉनने उसके मोबाईलके डिस्प्लेकी तरफ देखा. फोन बॉसकाही था. सॅमने तुरंत फोन अटेंड किया.
"एक अॅड्रेस बोलता हू ... लिख लो..." उधरसे बॉसने कहा.
" यस सर ....प्लीज '' पहले बॉस क्या बोलता है यह सुन लेंगे और फिर अपना प्रोग्रेस उसको बताएंगे ऐसा सॅमने सोचा.
सॅमने जॉनके जेबसे पेन और एक कागज अॅड्रेस लिखनेके लिए लिया.
" याहोता क्राफ्ट, बी-1011 हिलव्ह्यू अपार्टमेंटस, केटी लेन-3" उधरसे बॉसने एक अॅड्रेस बताया.
यह तो उनके पास था वह तिसरा अॅड्रेस था...
लेकिन बॉसको कैसे पता चला वह अॅड्रेस?...
हमने तो बताया नही था ....
" ...वहा फौरन पहूंचो ... पाचवा खूनभी हो चूका है " बॉसने आगे कहा.
उधरसे फोन कट होगया. बॉसको वह अॅड्रेस कैसे पता चला यह पहेली अब सॅमके लिए पहेली नही रही थी.
" हमें देर हो गई है " हताश होकर सॅमने जॉनसे कहा.
" क्या हूवा ?" जॉनने आश्चर्यसे पुछा.
" पाचवा कत्लभी हो गया है ... याहोता क्राफ्टका"
क्रमश:...
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Wednesday, March 12, 2008
Ch-54: हिलव्ह्यू अपार्टमेंट (शून्य-उपन्यास)
Posted by
Sunil Doiphode
at
10:22 AM
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Labels: उपन्यास, पुस्तक, पुस्तकें, राष्ट्रभाषा, साहित्य, हिंदी, हिंन्दी, हिन्दी
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