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Hindi world of books - Madhurani CH-18 - गुप्त भाषा का रहस्य

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Hindi world of books - Madhurani CH-18 - गुप्त भाषा का रहस्य

Normal is getting dressed in clothes that you buy for work and driving through traffic in a car that you are still paying for - in order to get to the job you need to pay for the clothes and the car, and the house you leave vacant all day so you can afford to live in it.
.... Ellen Goodman

जैसे जैसे दिन बित रहे थे गणेशका अपनी खिडकीसे मधुराणीकी तरफ देखना दिन ब दिन बढ रहा था. मधुराणीभी इधर गणेश खिडकीमें आनेपर उधरसे उसकी तरफ देखकर मुस्कुराती. उसका उसके दुकानमेभी आना जाना बढ गया था. पहले पहले कुछ लेनेका बहाना बनाकर वह उसके दुकानमें जाता था. लेकिन अबतो उसको जानेके लिए किसी बहानेकीभी जरुरत महसुस नही होती थी. सुपारी तोडना, सुतली, सुई धागा जैसी छोटी छोटी चिजोंके लिए भी वह बेझिझक दुकानपर जाता था. मधूराणीभी खुशीसे उसे जोभी चाहिए वह देनेके लिए तत्परही रहती. चिजे देते लेते वक्त वह अपने कोमल हाथोकां हल्कासाभी क्यो ना हो स्पर्ष करनेसे नही चूकती थी. धीर धीरे गणेशकाभी ढाढस बढ रहा था. वह भी उसका स्पर्ष पानेके फ़िराकमेंही रहता था. आजकल तो मधूराणीका कोमल स्पर्ष हूए बिना और उसकी गहरी नजरोंमे डूबकर मदहोशीका आनंद लेनेके बिना उसके दिन का प्रारंभ नही होता था. उसनेभी अब सोच लिया था की इतने दूर इतने दुर्गम देहाती इलाकेमें उतनाही उसका दिल लगा रहेगा. और वह बेचारीभी भला क्या करती. उसकी उम्रही ऐसी थी और उपरसे वह बेईमान जवानी और तो और उसका अकेला सहारा उसका पती भी गुजर गया था.

एक दिन उसने उसे अपने गुप्त बोलीका रहस्यभी बता दिया.

" मैर्फे तुर्फुमर्फपर्फरर्फ प्रेर्फेमर्फ कर्फरर्फतीर्फी हुर्फु .... देखियो तो  समझता है क्या ." उसने कहा.

" नही तो ... कुछ भी नही समझ रहा है... कोई तेलगु बोली जैसी बोली लगती है .." वह अपने दिमागपर जोर देकर समझने की कोशीश करता हुवा बोला.

"  ... बहुत सादा जी   है   ... उसमेंसे सिर्फ र्फ, र्फु, र्फा, र्फे निकाल दो ... बस होई  गया ."

" बस इतना सरल है ... " उसने कहा.

" अब फिरसे तो बोलो एक बार तुमने क्या कहा था " गणेशने फिरसे पुछा.

" मैर्फे तुर्फुमर्फसेर्फे प्रेर्फेमर्फ कर्फरर्फतीर्फी हुर्फु .... " उसने फिरसे दोहराया.

" मै... तुमसे .. आगे क्या बोला था ... एक बार बोलो तो... और थोडा धीरे बोलो ..." गणेश वाक्यकी जोडतोड करनेकी कोशीश करते हूए बोला.

" मैर्फे तुर्फुमर्फसेर्फे प्रेर्फेमर्फ कर्फरर्फतीर्फी हुर्फु "

" मै... तुमसे ... प्रेम... करती ... हूं ... मतलब ... मै तुमसे प्रेम करती हूं ... बराबर है ना "

" हा जी  एकदम सही  ... "
उसने क्या कहा यह गणेशको समझा था ... लेकिन उसका मतलब समझनेको थोडा समय लगा. मतलब समझतेही उसका चेहरा शर्मके मारे लाल लाल हो गया था.

" देखोजी ... देखो   ... कैसे शर्मा रहत  है... ... ऐसे क्या शर्माते हो जी ... मैने तो बस मिसाल दी थी.' मधुराणीने कहा.

" इतना आसान... लेकिन इतनी आसान होकरभी यह बोली बाकी लोगोंको क्यो नही समझती है...' गणेश अपने चेहरेसे शर्मके और झेंपके भाव छिपानेकी कोशीश करता हुवा बोला.

" क्योंकी उका और एक राज है...  यह बोली बहुत फास्ट बोलनी पडती है...  ताकी  सुननेवाला  समझ ना पावे . '

" हां ... तुम ठिक कहती हो " उसने कहा.

एक दिन शामको गणेश काफी थका हुवा था और बेडपर लेटकर आराम कर रहा था. आज उसे पासही एक देहातमें जाना पडा था. वहा जानेके लिए बस नही थी. इसलिए सरपंचजीने उसे जानेके लिए बैलगाडीका इंतजाम किया था. गणेशको बैलगाडीसे सफर करनेकी आदत नही थी. रास्ता उबड खाबड होनेसे उसके बदन का एक एक पुर्जा दर्द कर रहा था. सफरमें उसके साथ दो हमसफर होनेसे उसे सफरमें उतनी दिक्कत नही हुई. एक था आसपासके गावोंमे घुमकर मोटर पंप पंखे इनकी मरम्मत करनेवाला मेकॅनिकका काम करनेवाला बबन और दुसरा था येडा. उसका नाम क्या था पता नही लेकिन लोग उसे उसके सनकी बरतावसे  'येडा; ही कहते थे. सफरके दौरान बबनके साथ गप्पे मारते हुए वक्त अच्छा बिता था. येडेसे तो बाते करनेकी कोई अपेक्षाही नही थी. बिचबिचमें वे उसकी मजाकभी उडाते थे. बेडपर लेटे लेटे गणेशको बैलगाडीमेंका एक किस्सा याद आगया और उसके चेहरेपर हंसी आ गई. बैलगाडीमें पिछे तिन लोग बैठे थे और गाडीवान गाडी हाक रहा था. गाडीके धक्कोसे बचनेके लिए पिछे बैठनेके लिए सुखी घास फैलाई थी. उसका दुसरा उद्देश ये भी थाकी रास्तेमें बैलोको खानेके लिएभी वह घासभी काममें आ सकती थी.

" इस गाडीके धक्कोसे तो आदमीके सारे नट बोल्ट ढिले हो जावेंगे " बबन गाडीका पहिया एक बडे पत्थरपरसे गुजरनेके बाद पडे धक्केसे संवरते हूए बोला.

अपने मेकॅनिकके पेशेके अनुसार उसने एकदम बराबर मिसाल दी थी.

गणेश येडेकी तरफ इशारा करते हूए मजाकमें बोला, " वैसे इस येडेके नट बोल्ट हो होकर कितने ढिले होनेवाले है ... क्योंकी उसके नट बोल्ट तो पहलेसेही ढिले है ."

बबन गणेशको ताली देकर जोर जोरसे हंसने लगा था. और फिर उसकी हंसी रोके नही रुक रही थी. काफी देर तक वह पेट पकड पकड लोट पोट होकर हंसता रहा.

बेडपर लेटे लेटे गणेश अपनी विचारोंकी श्रुंखलासे बाहर आ गया. बाहर कोई अजीबसी आवाजें आ रही थी. उसने लेटे लेटे ही करवट बदलकर खिडकीसे बाहर झांककर देखा. बाहर काफी अंधेरा हो गया था. साडेसात आठ बजे होंगे. वह बाहर क्या माजरा चल रहा है ध्यान देकर सुननेकी कोशीश करने लगा.

" बो बो ... बॅ बॅ ..." एक आदमीका कर्कश्य आवाज आ गया.

" ओ.. ऍ ... ना .. ना ... ना" उसके पिछेही तुरंत एक स्त्रीका कर्कश्य आवाज आ गया.

गणेश करवट बदलकर फिरसे सोनेकी कोशीश करने लगा. लेकिन वे अजिबसी आवाजे बार बार आने लगी थी. मानो कोई झगड रहा हो. बिचमेंही मधुराणीका जोरसे ठहाका लगाकर हंसनेका आवाज आ गया. अब गणेश अपने आपको रोक नही सका. वह उठकर बैठ गया. बाहर क्या चल रहा है यह पता करनेकी उसे उत्कंठा होने लगी थी. तुरंत उठकर, कपडे बदलकर वह कमरेसे बाहर निकल गया.

क्रमश:

As the day was Bith Ghneashka look at your Akidquise Madhuraniqui was increasing day by day. Ganesh here looking at him smiling Madhuranihie Akidquimen Anepar Udharse. It was increasing its Dukaanmehie to come. Before her first few Leneka excuse was Dukaanmean. But it Janece Abto Mahssus need for a Bhanequihie not had.Nut to break, twine, yarn needle for as little short Chijonce he was Dukanepar hesitate.That it should Khushise Madhuaranihie Johie Denece Htparhi to live. Chije do not get why take the time its tender Hathokan Ahalcasabhie Sparsha Karanese had no misses.Halcyon was slowly increasing Ghneshakabhie Dodss. He also lived his Sparsha Pnece Firakamenhi. Nowadays without Madhuaranika soft Sparsha Ahue enjoy his deep Njroanme Dubkara Medhoshika Lenece would not start without her day. Usnehie thought was now so far so inaccessible rural Ilackemen Utonahie will put his heart. And what good does Becharihie. And such was his Umrahi Uparse the unscrupulous young and then his only recourse was through her husband too.
One day he told his secret Bolika Arahstyhie.
"Maarfe तुर्फुमर्फपर्फरर्फ Preerfemrf Karfararftiharfi Huarfo .... Dekhoto understands what."She said.
"... If there is anything not understand ... a Telugu bid bid looks like .." He stressed his understanding Dimaagpar does Koshish Hua said.

"Oh ... so simple ... Usamence just Arf, Arfo, Harafa, Arfe Remove ... That's it."
"That is simple ..." she said.
"Now once again Say what you said" Ghneashne asked again.
"Maarfe Tuarfumarfsserfe Preerfemrf Karfararftiharfi Huarfo ...." she repeated again.

"I did do next was ... .. you ... Once you say ... and say a little slow ..." Ganesh Achyqui Jodtoad do Koshish Karanequi Ahue said.
"Maarfe Tuarfumarfsserfe Preerfemrf Karfararftiharfi Huarfo"
"I ... love ... you ... do ... do ... I mean ... I love you ... do not equal"
"Yes absolutely equal ..."
Ghneshako it was understood what he said ... But that means putting some time Samzneko. Samztehi means Sharmke killed his face was red.
"See ... see ... how are Sharma ... Hey ... are shy like that ... I just had an example."Madhuranine said.
"... So simple but so easy Hokarahie do not think this quote is why Alogonco rest ..."Ganesh and his Cheherese Sharmke Zeanpake sense does Koshish Chipnequi Hua said.
"Because it's a secret ... This quote is very fast Boalnee Peadti ... Nehito listener can make out."
"Yeah ... not bad you say," she said.
Evening Ganesh was very tiring day Hua Bedpar was lying comfortably. Today he had to go Peasshi a Dehatamean. Janece there just was not. So Sarpanacgine Janece it was arranged for the Ballgadika. Ghneshako Ballgadise Karanequi journey was not used.Way a component of Ubad Khabad Honese his body was aching. Ssfarmen her two companion Honese Ssfarmen it was not much trouble. Their fans had a locksmith Mekaॅnikka Asspeassce Gavoanme Ghumkar motor pump was operating Yeda Baban and another. I do not know what was his name, but people freak him Barataose her "Yeda; the called. During the time well spent Ssfarce Bbance was hit with the balls.There was no Apachshahi Yedese Karanequi the things. They were his Majackhie Bichbichmen Udate. Bedpar lying and lying Ghneshako Aghaya Ballgadimenka remember an anecdote Cheherepar was laughing. Tin people sat behind Ballgadimen Gadiwan car was Hawk. Gadice Dhkkose Bchanece behind the grass spread Beitnece was happy to. His another objective of the Hasshie Kammen also Thaqui Rastemen Balloko Khanece Aliehie could have.

"If the Gadice Dhkkose Adamice Dhile will all nuts bolts" Baban Gadika wheel after a big Patthrprase Guzarnece lying Dhkkese Sanwarate Ahue said.
He had absolutely equal precedent by its Mekaॅnikce Pahece.
Ganesh Yedequi pointing at Ahue Majackmen said, "Well this is Yedece nut bolt nut bolt through the many Dhile Honewale is ... Because it is so Peahlasehi Dhile."
Baban Ghneshako by clapping loudly Jorse had started laughing. And then stopped his laughter was not paralyzed. Long enough to catch catch the belly laughs rolling through to pot.

Ganesha lying lying Bedpar Srunaklase your Vichharoanqui came out. Azibsi There was no outside noise. He saw lying lying Zonkakara out the side Akidquise change. Was quite dark outside. Asadesat be at eight. Out what is going on the matter began paying attention Sunnequi Koshish.
"Bo Bo ... Bॅ Bॅ ..." Admeeka Karkashy came a voice.
"Oh .. no .. no ... no ऍ ..." Her voice came Karkashy Streka Pichehi immediately.
Ganesh Sonequi Koshish again began to change sides. But they come again and again there were Aaje Ajibsi. If someone is going Zghad. Bichmenhi Madhuranika Jorse Thaka planting Ahnsneka voice came. Now Ganesh could not stop myself. He sat up.Karanequi out what's going on out there was to her anxiety. Immediately got up, changed clothes, he was out Kamaarese.
Respectively

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Hindi is defined as the official language in the Indian constitution and considered to be a dialect continuum of languages spoken or the name of an Indo-Aryan language. It is spoken mainly in in northern and central parts of India (also called "Hindi belt") The Native speakers of Hindi amounts to around 41% of the overall Indian population. Which is the reason why the entertainment industry in India mainly uses Hindi. The entertainment industry using Hindi is also called as bollywood. Bollywood is the second largest entertainment industry producing movies in the world after Hollywood. Hindi or Modern Standard Hindi is also used along with English as a language of administration of the central government of India. Urdu and Hindi taken together historically also called as Hindustani.