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Hindi Books - Madhurani- CH-17 ऑफीस

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Hindi Books - Madhurani- CH-17 ऑफीस
Advice is what we ask for when we already know the answer but wish we didn.
rica Jong
गणेश ऑफीसमें बैठा था. ऑफीसमें गांव के लोगोंकी भीड जमा हो गई थी. ऑफीसमें कामसे आनेवालोंसे बिनाकामकें मस्तमौलाही जादा जमा हो गए थे. कोई ऑफीसके सामने चबुतरेपर बैठकर तंबाखु मसल रहा था तो कोई चिलम फुंक रहा था. ऑफीसमें ग्रामपंचायतके ग्रॅन्डसे एक बडासा रेडिओ खरीदा गया था. और वह रेडीओ शुरु कर लोग बिचबिचमें कभी खबरें सुनते तो कभी गीत संगीत सुनते. बुधवारको रात आठका वक्त गांवके जवान लडकोने बुक करके रखा था. क्योंकी उस वक्त वे बिनाका गितमालाके अलावा किसीको कुछभी सुनने नही देते थे. तो आजभी कुछ लोगोंने खबरें सुननेके लिए चबुतरेपर भिड लगा रखी थी. और गणेशका ऑफीस मतलब वही हॉलके कोनेमें एक को सटकर एक ऐसे लगाए तिन टेबल रखे गए थे. और उन टेबलोंके पिछे दो कुर्सीयां रखी गई थी. उसमें एकदम कोनेवाली कुर्सीपर गणेश बैठा था. गणेशके टेबलके सामने दो लोग खडे थे. उसमें का एक एकदम अनपढ देहाती था. उसने गणेशसे पुछा - " बोलो क्या चाहिए ?"

" सायेब... वह 7-11 या क्या बोलते है उसको वो  चाहिए जी  ..." वह देहाती बोला.

" 7-12" गणेशने उसकी गलती दुरुस्त की.

" हां जी ... हां जी ... वही ... " वह देहाती अपनी गलती दुरुस्त की गई देखकर खुशीसे बोला.

" पुराना 7-12 या उसकी कापी है क्या ? "

उस देहातीने प्रश्नार्थक मुद्रामें पहले गणेशकी तरफ और फिर उसके बगलमें खडे युवककी तरफ, जिसकी उम्र लगभग 20-21 साल होगी, उसकी तरफ देखा.

" आपका नाम बोलो " गणेशने उससे पुछा .

" गणपत सदोबा खोत " उस देहातीने अपना नाम बताया.

गणेशने टेबलपर उसके सामने रखे एक रजिस्टरपर वह लिख लिया.

" सर्वे नंबर मालूम है क्या ?"

फिरसे उस देहातीने प्रश्नार्थक मुद्रामे पहले गणेशकी तरफ और फिर उसके बगलमें खडे उस युवक की तरफ देखा.

" तुम लोगोंकी यही तो परेशानी है .... पुराना 7-12 नही... सर्वे नंबर .. मालूम नही ... तुम्हारा नाम तुम्हे पता है .... आप लोगोंकी बडी मेहरबानी ... सिर्फ नामसे रेकॉर्ड ढुंढनेको काफी वक्त लगेगा ... अगले सोमवारको आवो ..." गणेश चिढकर बोला.

" अगर जल्दी होवेगा तो देखोना साब ... " वह बडा हीन दीन होकर बिनती करने लगा.

" अच्छा अच्छा ... गुरवारको आकर देखो ... " गणेश उसे टालनेकी कोशीश करते हुए बोला.

वह देहाती हाथ जोडते हूए निकल गया.

" हं तुम्हे क्या चाहिए ? " वहां खडे युवकसे गणेशने पुछा.

" हमरी और हमरे चाचाका बंटवारेका झगडा  है ... वो  कैसे मिटाना है ये पुछनेके लिए आई गवा  "

 उस लडकेको गणेशने काफी बार मधुराणीके दुकानमें आते हुए देखा था. गणेश ऑफीसका काम तो कर रहा था लेकिन उसके दिमागमें लगातार मधुराणीके बारेमेंही विचार चलते रहते थे - मानो कानोंके इर्दगीर्द लगातार कोई मधूमख्खी गुनगुनाती रहती.

" बैठो " गणेशने सामने कुर्सीकी ओर इशारा कर उसे बैठनेके लिए कहा.

तभी वह पहले आकर गया देहाती वापस आगया.

" अब क्या है ?" गणेशने बुरासा मुंह बनाकर उसे पुछा.

" नाही वो अपने कामका  कितना खर्चा आवेगा ?" उस देहातीने दबे स्वरमें पुछा

" क्यो तुम्हे पता नही ? "

उस देहातीने अपनी अनभिज्ञता जताते हूए सर हिलाया.

" बाहर चबुतरेपर पांडू बैठा है उसे पुछो " गणेश उस देहातीकी तरफ ध्यान ना देते हूए, उसकी तरफ ना देखते हूएही बोला.

" जी " उस देहातीने कहा.

साहबने कुर्सीपर बैठनेके लिए कहा तो है, लेकिन मैने कुछ गलत तो नही सुना. ? ऐसे अविर्भावमें वह लडका कभी कुर्सी की तरफ तो कभी गणेशकी तरफ देखते हूए कुर्सीके पास खडा रहा.

" अरे बैठोतो..." गणेशने उसे फिरसे बैठनेके लिए कहा.

वह शर्माते हूए कुर्सीपर बैठ गया. वह देहाती आश्चर्यसे कभी उस कुर्सीपर बैठे लडकेकी तरफ देखता तो कभी गणेशकी तरफ देखता. गणेशने आखोंके कोनेसे उस देहातीको बाहर जाते हुए देखा और फिर उस लडकेसे असली बात छेड दी.

" तुझे मधुराणीके दुकानमें बहुत बार देखा है मैने "

" हांजी  ... वो  सामान समान लेनेएके वास्ते  जाना पडे  है ...  दूकान नजदीक रही  ना " वह शर्माकर बोला.

" बहुत लडके इख्खटे होते है वहा शामको ... आखिर माजरा क्या है ?" गणेश असली मुद्देके आसपासकी बाते पता करनेकी कोशीश करते हूए बोला. फिरभी उसका असली उद्देश मधूराणीके बारेमें जानना यही था.

" कुछ नाही साब ... बिडी सिगारेट फुंकनेके वास्ते  इक्कठ्ठे होवत  है .... कुछ काम धाम नाही सालोंके पास  ... फिर क्या करेंगे जी  " वह बोला.

" झुट मत बोलीयो ... " गणेश मुस्कुराते हूए बोला.

" उई क्या है साबजी  ... जीहां मिठाई होवे उहा मख्खीयां तो इकठ्ठा होवेगी ही.." वह एक आंख छोटी करते हुए बोला.

" अच्छा मतलब तुमभी .."

" नाही साबजी  ... मै अपना बाकी लडके इकठ्ठा होवे  है इसलिए जाता हूं  जी उहा  "

" अच्छा मै समझ रहा हूं " गणेश मुस्कुराते हूए उसकी तरफ एकटक देखते हूए बोला.

वह शर्माकर इधर उधर देखनेकी कोशीश करने लगा. तभी एक गवार लडका अंदर आगया. गणेशने उसकी तरफ बुरासा मुंह करके देखा. क्योंकी उसे सामने कुर्सीपर बैठे लडकेसे और सवाल करने थे और तबतक उसे वहां कोई और नही चाहिए था. लेकिन वह गवार लडका बेशर्मीसे वही खडा की खडा ही रहा.

" लेकिन उसके घर और कोई नही है ? ... हमेशा मुझे तो वही गल्ले पर बैठी हूई दिखती है "

गणेशको लगा की नाम ना लेते हूए मधुराणीके बारेमें पुछा तो उस गवारके क्या खयालमें आनेवाला है ? .

" ससूर होवे  है ना जी  ... लेकिन वो तो दारु पिकर इधर उधर पडा रहत है " वह गवार लडका बोला.

" और उसका पती ? " गणेशने अपनी तरफसे बहुत महत्वपुर्ण सवाल पुछा.

" उसका आदमी मर गया साबजी ... . शादी होनेके  एक सालके अंदरही मर गवा बेचारा "

" कौन कहता है मर गवा  ... मारा है उसे पाटीलने " वह गवार लडका गणेशके टेबलके और पास आते हूए बोला.

" ए ढेकळ्या... कोर्टमा  साबित किया रहत  पाटीलने ..." कुर्सीपर बैठा लडका आवेशमे आकर खडा होते हूए बोला.

" कोर्टमाँ  बहुत पहचान है पाटीलकी ... उहां तो  पैसे देकर किसी मरे हूए को जिंदा कर सकता है  उ ...  "

" ए फुकणीके ... मुंहमें आया सो मत बकीयो "

दोनोमें अब काफी तू - तू मै - मै होने को थी. गणेश बिचमें पड गया.

" ए तूम पहले बाहर निकलो... इसका काम होने दे ... फिर तूम अंदर आना ... "

गणेशने उस गवार लडके को बाहर निकाल दिया. वह गंदी गंदी गालीयां देते हूए, बिच बिच मे मुडकर पिछे देखते हूए बाहर चला गया. फिर गणेशने उस लडकेसे मधुराणीकी जितनी मुमकीन थी उतनी जानकारी निकाल ली.

बेचारी मधुराणी ...
पती शादी होनेके बाद एक सालके अंदरही गुजर गया...
बेचारीका नसीब और क्या ?....
उसपर क्या बितती होगी ....

गणेशको उसके बारेमें अब सहानुभूती होने लगी थी.

क्रमश:...

Advice is what we ask for when we already know the answer but wish we didn.
rica Jong


Ganesh Oafismen was sitting. Oafismen village Alogoanqui crowd was gathering.Oafismen Kamse Anewalonse Binakamken Msrtamulahie were stored extra.Acbutarepar sitting in front of a Oafisce Hmbakhu Afunka was saying was no pipe.Oafismen Grampanchayhce Grॅnedse a Bdaasa radio was purchased. And people start Aredio Bichbichmen ever hear the news ever song listening to music. Atka Budhwarko night had by now Gaanace young Aladkone book. Because at that time than they Gitamalace Binaka Kuchhie hear someone not used to. Hid Acbutarepar to put some Alogoanne Ajhie Sunnece the news was kept. And mean the same Ahulce Konemen Ghneashka Oafis Sstkaar one put a Tin tables were placed. Kaursiyon Tabalonce behind those two was laid. It was sitting quite Konevali Kaursipar Ganesha.Two people were standing in front Tabalce Ghneshake. It was a completely uneducated rustic. He asked Ghneashse -"Say what?""... The 7-11 Asayeb or what he should speak to him ..." He did pastoral."7-12" Ghneashne to fix his mistake."... Yes Yes Yes Yes ... the same ..." He corrected his mistake was rustic looking Khushise said."The old 7-12 or her copy of what?"And then on the Dehatine Presnarthka Mudramen first Ghneshakie Yuvkaqui Bgalmen on stand, which will age about 20-21 years, looked at him."Say Your Name" Ghneashne asked him."Ganpat Sadoba Akot" said the Dehatine your name.He placed before him have written a Rjisterpar Ghneashne Tabalpar."The survey numbers do know?"Again before the Dehatine Presnarthka Mudraame Ghneshakie Bgalmen stand aside and then the young man looked at him."That's the problem .... you Alogoanqui 7-12 Old Survey No. .. no ... do not know ... your name .... you know you Dundneko Alogoanqui big favor ... just enough time to record By Name Next Somawarko Avo will ... ... " Chidkara Ganesh said."If the Deakona Saab will soon ..." he began to pray through large inferior din."Good good ... Gurwarko come and see ..." Ganesh told him the Taalnequi Koshish.He left the rustic hand Jodte Ahue."What you want huh?" Stand there Yuvkase Ghneashne asked."Our fight is going on ... If our Chachaka Bntowareka how he came to wipe it Puchnece""Enough times that Aladceko Ghneashne Madhuranice Dukaanmean saw coming. Ganesh Oafiska was working but then consider his Dimaagmen constantly moving Madhuranice Baremenhi lived - as a Madhumkhakie Kanonce Irdgeeard constantly keeps chanting."Sit" in front Ghneashne Kaursiqui Beitnece asked him pointed.That was the first to come back Aghaya rustic."Now what?" Ghneashne Buraasa asked him by mouth."No he will Kamko maintenance?" Asked the Dehatine buried Aswarmen"Why do not you know?"Expressing his ignorance that Dehatine Ahue head nodded."He sat out Pandu Acbutarepar Pucho" Ganesha that do not focus on Dehatiqui Ahue, not looking at him Ahuehi said."G" said that Dehatine.Sahbne Kaursipar Beitnece asked to do so, but if I have not heard anything wrong. ?Awirhaomen that the boy ever on the chair looking at the ever Ghneshakie Ahue Kursice to the stand."Oh Beitoto ..." Ghneashne Beitnece again asked for her.He sat Kaursipar Ahue shy.He sat Kaursipar Aladcequi that looks at rural Ascharyse ever looks at the ever Ghneshakie.Ghneashne Akhonce Konese saw him go out and make Dehatiko Aladcese real thing that was Chad."I've seen you many times Madhuranice Dukaanmean""Yes ... that stuff has to go to Aagere Lenece ... right near the shop" he said Sharmackar."There are many boys there Ekhakta Evening ... What's the end?" Ganesh Real Muddece Asspeassqui things to know Koshish Karanequi Ahue said. That was his real objective Madhuranice Baremen Fiarhie know."Nothing ... Bidi Sigharet Saab Afunkanece are Ekktrte for all .... ... then do some work Karaneko the dwelling will not Asaalonce brother" he said."Zut Boliyo not ..." said Ganesh Ahue smiling."... Where it's Saab Makhakieyon gathered there will be sweet as .." He said the younger eye."Good sense Tumhie ..""There Saab ... I am going, so my other boys are gathered there""Well I do understand" Ganesha, staring at her watch Ahue Ahue said smiling.He began to Koshish Deaknequi Sharmackar here and there. That boy a Ghwar Aghaya inside.Ghneashne by mouth looked at him Buraasa. Because the front and questions were Aladcese Kaursipar long as he sat there, another should not. But he's standing in the same Ghwar Besharmise boy remained standing."But nobody's home? ... I always look Hue is sitting on the same Galle"Do not put the name of Ghneshako Ahue Madhuranice Baremen asked what the Ghwarce Akyalmen that is coming? ."Sssur right ... But she is lying here and there Daro picker" he said Ghwar boy."And her husband?" Ghneashne your Tarafse asked very important questions."Her man has died after a Saab ... poor ... married Honece Asalae Anderhi died poor""Who is dead ... killed her Patilne" Ghneshake Tabalce boy and come to the Ghwar Ahue said."A Decळya ... Patilne Koertmen has proven ..." Aveashme boy would come and stand sitting Kaursipar Ahue said."Koertmen Patilqui very identity ... there so he can revive Ahue paying a dead ... If you need lying""A Afukknice ... Munhamean Bquiyo did not sleep"Donomen much you now - you I - I had to be. Ganesh was tree to Bichmen."A Hum ... get out before offering it to work ... then get in Hum ..."Ghneashne Ghwar the boy kicked out.Give the dirty dirty Gallyyon Ahue, bitch bitch look behind in the Muadkara Ahue went out.Then Ghneashne Aladcese Madhuraniqui that as much information as was Mumken removed.Poor Madhurani ...Husband after marriage Asalae Anderhi Honece passed ...Becharika luck and what ?....What will her Bithti ....Ghneshako Baremen it was now beginning to Sshaanubhuti.Respectively ...

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Hindi kadambari - Madhurani CH-16 पुनर्मीलन

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Hindi kadambari - Madhurani CH-16 पुनर्मीलन

सामने दिवार का कोना जैसे गणेशको दिखने लगा, उसके दिलकी धडकने तेज होने लगी. बस वह कोना पार करनेके बाद मुझे मधुराणी दिखाई देंगी. वह जल्दी जल्दी अपने कदम बढाने लगा. सदा अबभी उसके पिछे पिछे आ रहा था. लेकिन गणेशको ना सदाके अस्तित्वका होश था ना रास्तेमे दिख रहे लोगोंका. गणेश मधुराणीकी बस एक नजरभरके लिए मानो तरस रहा था.

आखिर वह क्षण आ गया. कोना पार करतेही गणेशको गल्लेपर बैठी हुई मधुराणी दिखने लगी. वह अपने काममें व्यस्त थी. कब वह अपनी तरफ नजरभर देखती है, और कब मै उसकी शराबी नजरोंमें डूब जाता हूं ऐसा गणेशको होने लगा था. वह मधुराणीके ठिक सामने जाकर खडा हो गया.

" बोलो गणेशरावजी  ... क्या लेवेंगे  ? .. सिगारेट?" मधुराणीने एकदम सहजतासे गणेशकी तरफ देखकर पुछा.

गणेशको अपने मनही मनमें बन रहा मकान मानो ताशके पत्तोकी तरह ढह गया ऐसा महसुस होने लगा था. वह उससे एकदम किसी अजनबीकी तरह पेश आ गई थी, जिसकी गणेशको बिलकुल आशा नही थी. उस दिन जिस तरहसे उसने उसे जाते हूए रुखसत किया था, कमसे कम उससे तो उसे उसका ऐसा रुखा रुखा व्यवहार अपेक्षीत नही था. गणेश लगभग हक्का बक्कासा रह गया था. जो कुछ भी हो रहा था वह सब उसे अपेक्षीत नही था. उसे शर्म और अपमानके मारे ऐसा लग रहा था की उसके पैरके निचेकी जमीन फटकर उसे अपने मे समा ले. उसका चेहरा अपमानके मारे एकदम उतर गया था. उसे क्या बोला जाए कुछ सुझ नही रहा था.

" नही एक लक्स चाहिए थी " वह कुछ तो बोलना है ऐसे बोला.

उसके कमरेमें दो लक्स साबुन पडे हुए थे. लेकिन अब परिस्थितीयां ऐसी बन गई थी की उसे कुछ तो खरीदनाही था.

" या व्हील दूं " मधुराणी किसी पहले मजेदार अवसरका संदर्भ देते हूए खिलखिलाकर हंस पडी.

गणेशभी किसी तरह जबरदस्ती हंसने लगा.

मेरे उतरे हूए चेहरेको देखकर कही ये मेरी खिल्ली तो नही उडा रही है? .. उसे लगा.  मधुराणीने एक लक्स साबुन निकालकर उसके हाथमें थमा दिया. उसके हाथमें सिरहन दौड गई. उसकी अपेक्षा थी की मधुराणी उसके हाथको छुएगी. लेकिन इसबार मानो उसने जानबुझकर हाथका कोई स्पर्श ना हो इसका खयाल रखते हूए साबुन उपरसेही उसके हाथमें रख दी. उसका घोर अपेक्षाभंग हुवा था. उसने जेबसे पैसे निकलकर चुका दिए और निराश चेहरेसे अपने कमरेकी तरफ बढने लगा.

तभी पिछेसे मधुर स्वर गुंजा - '' दोई  दिन कहा  गांव गए रहत . ? ... बहुत खाली खाली लगाई  रहा  आपके बैगेर "

गणेशने पलटकर मधुराणीकी तरफ देखा. उसका चेहरा खुशीसे दमकने लगा था. मधुराणीके कटाक्षमें फिरसे वह जानलेवा भाव तैरने लगे थे. उसे लगा फिरसे पलटकर उसकी तरफ जाऊं .

लेकिन नही ...

वह अच्छा नही दिखेगा ...

वह अब नए उत्साहके साथ अपने कमरेकी तरफ बढने लगा. जाते हूए वह सोचने लगा -  मै भी कितना पागल हूं .... यहां इतने सारे लोगोंके सामने मधुराणी कैसे अपने मनके भाव व्यक्त करती .... लेकिन उसने कमसे कम हल्कासा क्यों ना हो अपने हाथका स्पर्श मुझे करना चाहिए था. .... लेकिन जाते हूए उसने फिरसे इशारा तो कियाही ना ... उसे दो दिनसे मेरे अनुपस्थितीका अहसास हुवा था ... इसका मतलब उसके मनमें मेरे लिए कुछ तो जरुर है ...

क्रमश:

Hindi kadambari - Madhurani CH-16 Punnermialne
Corner of the front wall such Ghneshako began appearing, he began to fast Dialqui Dhadkane. Just across the corner after I Karanece Madhurani appear. He quickly took up their step increase. Abhie behind him there was always behind. But not Ghneshako Sadace Aastitaka was conscious not Rasteme Alogoanka look. Ganesh Madhuraniqui Njarbharce just as was longing for.
Finally the moment has come. Corner sitting cross Karatehi Ghneshako Gallepar Madhurani started appearing. Kammen he was busy. When he sees Njarbhar your side, and when I am immersed his drunken Njroanmen Ghneshako it was thought to be.Madhuranice not bad to go before he was standing.
"Tell me ... What Should Ghnesaraao? .. Sigharet?" Madhuranine immediately asked to see on Ssahjatasse Ghneshakie.
Ghneshako become your home if Amanhi Amanmen Tshake Pathoqui Mahssus this way was thought to be collapsed. He was treating her like quite a Ajanbqui, which was not expected at all Ghneshako. That day was the Tarahse Aruksat Ahue he accepted it, at least if her behavior Apakshaet Hrukha Hrukha it was not his. Ganesh was left Bkakaasa about Hakka. Whatever was happening was not all that it Apakshaet. He seemed shy and Apamanace killed him in the fit to take his Pearce Nechequi Aftkaar ground. Apamanace killed off his face was perfect. If you did not got a hunch it was.
"No one should Lux" He said something like that speak.
Kamaaremen her two Lux soap was lying. But now that Paristhitiyon became of her was something Akhridnhi.

Or "Wheel Should" Madhurani a first fun OPPORTUNITY refer Ahue Akhilakilakara Hans lying.
Ghneashhie any force started laughing.
The fun of me so I called to see Chehereko Ahue landed is not pulling? ..
She thought.
Madhuranine a Lux soap out and handed her Hathmen. Ssiarhan race that was Hathmen. It was expected that the Madhurani Chocgee Hathko. But this time if she do not touch Janbuzkara Hathka care of him taking a soap Uparsehi Ahue put his Hathmen.His grave was Apakshaabhang Hua. Jebase the money he had went out and felt frustrated Cheherese grow on their Kamaarequi.
That sweet voice Pichese Gunja -
''Said the village was two days. ... Khaliso seemed very empty your Bager "
Ghneashne Madhuraniqui looked shot back. Khushise Damkane felt his face. He began swimming again Katakshamen Madhuranice deadly sense. Shot back at him she thought should go again.
But not ...
Not look like it ...
He now felt new Utsahce grow on its Kamaarequi. Ahue are thought to it -
I also am so mad ....
Here in front of so many Alogonce Madhurani express .... sense of how their beaded
But why is he at least Ahalkaasa touch your Hathka I had to do. ....
But he again pointed the Kaiahi Ahue not go ...
Hua realized it was two Dinse Anupasrthitika me ...
This is definitely something for me that Amanmen ...
Respectively

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About Hindi

Hindi is defined as the official language in the Indian constitution and considered to be a dialect continuum of languages spoken or the name of an Indo-Aryan language. It is spoken mainly in in northern and central parts of India (also called "Hindi belt") The Native speakers of Hindi amounts to around 41% of the overall Indian population. Which is the reason why the entertainment industry in India mainly uses Hindi. The entertainment industry using Hindi is also called as bollywood. Bollywood is the second largest entertainment industry producing movies in the world after Hollywood. Hindi or Modern Standard Hindi is also used along with English as a language of administration of the central government of India. Urdu and Hindi taken together historically also called as Hindustani.