उपन्यास - अद्-भूत (संपूर्ण) The horror, suspense, thriller [Email this] English Version-> [Aghast]
उपन्यास - शून्य (संपूर्ण) The suspense, thriller [Email this] English Version->[Zero]
उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण) The Mystery, horror, suspense Email this English Version->[Black Hole]
उपन्यास - ई लव्ह (संपूर्ण) The suspense, thriller Email this English Version->[eLove]
उपन्यास -मधुराणी (संपूर्ण) Story of a femine power [Email this] English Version-> [Honey]
उपन्यास -मधुराणी (Current Novel)
Story of a femine power
English Version->[Honey]
Yes! You can Publish your Novel on this Blog! --> Details Here.

Hindi Sahitya - Kadambari - Madhurani- CH-14 स्पर्श

Next Chapter Previous Chapter

This Novel in English

Hindi Sahitya - Kadambari - Madhurani- CH-14 स्पर्श



Never be afraid to laugh at yourself, after all, you could be missing out on the joke of the century.
... Dame Edna Everage



बसमें धुल  आ रही थी तो कभी बस उबड खाबड रस्ते के वजहसे हिल रही थी. बसमें काफी भीड थी और वह लोगोंकी फालतू बकबक. बस घाटीसे चल रही थी और उसकी वजहसे किसीकाभी जी मचलना लाजमी था. लेकिन आज गणेशको कुछभी महसूस नही हो रहा था.

उसके हाथके स्पर्शसे ही यह हाल है तो ...

तो आगे क्या होनेवाला है भगवान जाने ?...

स्पष्ट है की वह मुझे उकसा  रही है ...

मतलब सिर्फ मुझेही उसके बारेंमे कुछ लगता नही तो...

उसेभी मेरे बारेमें कुछ लगता है ...

आग दोनो तरफ बराबर लगी हूई है...

खट् खट् ... गणेशको कुछ बजे जैसा अहसास हुवा. लेकिन उसने उधर ध्यान नही दिया. क्योंकी उसे अपने सपनेसे जगना नही था. फिरसे खट् खट् आवाज आ गया. इसबार उसे किसीने हिलाया भी. तब कहा उसने होशमें आकर देखा. वह कंडक्टर  था.

" टिकट  ..." वह फिरसे खट् खट् बजाता हुवा बोला.

" जी... हां... हां ... " गणेशने हडबडाकर जेबमें हाथ डाला.

एक पांचकी नोट निकालकर कंडक्टरके हाथमें थमाते हूए बोला, " एक उजनी दो "

" भाई साब गाडी उजनीसेही निकली है ... " कंडक्टर हंसता हुवा बोला.

" नही मतलब ... एक तालूकेके लिए टिकट दो " गणेश अपनी झेंप छिपाते हूए बोला.

काफी बार इस गाडीपर यही कंडक्टर रहता था. गणेशको किसीने बताया था की उसका गांव इसी बसके रस्तेमेंही कही था और इसलिए वह यही गाडीपर हमेशा ड्यूटी  लेता था. अपने गांवमें सुबह या शाम अक्सर गाडी रोककर वह अपना टिफीन  कलेक्ट  करता था. वह अपने गांव गाडी जरा जादा ही समयके लिए रोकता था. टिफीन लेनेके बहाने दो चार इधर उधरकी बाते भी होती थी. खट् खट् बजाते हूए उसने टिकट काटा और गणेशके हाथमें थमाकर वह फिरसे खट् खट् बजाते हूए आगे निकल गया. गणेशने वह टिकट अपने शर्टके उपरी जेबमें रख दिया और फिरसे वह खिडकीसे बाहर देखते हूए अपने सपनोमें लीन हो गया.

"साहब उठो ... सो तो नही गए ?" किसीके आवाजसे गणेश हडबडाकर उठ गया.

उसके कंधेको पकडकर उसे कोई झंझोर रहा था. गणेशने संभ्रमसे इधर उधर देखा तो गाडीमें बैठे सारे लोग उतर गए थे. गाडी बस अड्डेमें  प्रवेश कर चुकी थी और वह अकेला अबभी गाडीमें बैठा हुवा था. उसे बस कंडक्टरने जगाया था. कंडक्टर तुच्छतासे उसकी तरफ देख रहा था. गणेशको अब शर्मींदगी महसुस होने लगी थी. अपने चेहरेके भाव छीपाकर उसने उपरसे अपनी बॅग निकाली और बससे निचे उतरने लगा. जबसे मधुराणीका मादक स्पर्श उसे हुवा था... नही जरुर उसने वह जानबुझकर किया होगा ... नही तो वह मधुरसी मुस्कुराती नही थी ...
तबसे गणेश लगभग हवामें उड रहा था. उसके दुकानसे कब वह भारी पैरसे बस स्टॉप आया ... कब बस आई ... कब वह बसमें चढ गया और कब तालूकेके बस अड्डेमें पहुंच गई ... उसे कुछभी याद नही आ रहा था. उसकी मधूर हंसी, उसके कोमल स्पर्ष की कसक और उसकी पी लेने वाली नजर ... सबकुछ जैसे अभी अभी घटीत हो गया हो ऐसा उसे लग रहा था. और वह सब उसकी नजरोंके सामनेसे हटते नही हट रहा था.

गणेश बस से निचे उतर गया. उसके पिछे कंडक्टरभी उतर गया. बसचा ड्रायव्हर  उतरकर कंडक्टरकी राह देखते हूए पिछले दरवाजेके पास खडा था. कंडक्टरने उतरने बाद गणेशको थोडा और आगे जाने दिया और दबे स्वरमें गणेशकी तरफ इशारा कर चिढकर ड्रायव्हरसे कहा -

" येडांही है ... सारी बस खाली हो गई ... और देखता हूं तो ये जनाब खिडकीके बाहर देखते हूए बैठे हूए थे. .."

ड्रायव्हर गणेशकी तरफ देखकर व्यंगपुर्वक हंस दिया. गणेशको उनका संवाद सब सुनाई दे रहा था लेकिन उनकी तरफ ध्यान ना देते हूए वह अपनी बॅग लेकर वहांसे चलता बना.

क्रमश:

Never be afraid to laugh at yourself, after all, you could be missing out on the joke of the century.
.. Dame Edna Everage

This Novel in English

Next Chapter Previous Chapter

No comments:

Post a Comment

Enter your email address to SUBSCRIBE the Hindi Novels:

आप HindiNovels.Net इस अंतर्जाल पर आनेवाले

वे आगंतुक है

Marathi Subscribers

English Subscribers

Hindi Subscribers

Social Network

Next Hindi Novels - Comedy, Suspense, Thriller, Romance, Horror, Mystery

1. करने गया कुछ कट गयी साली मुछ (कॉमेडी)
2. मधूराणी (the story of femine power)
3. सायबर लव्ह (लव्ह, सस्पेन्स)
4. अद-भूत (हॉरर, सस्पेंन्स थ्रीलर)
5. मृगजल (लव्ह ड्रामा, सायकॉलॉजीकल थ्रीलर)
6. फेराफेरी (कॉमेडी)
7. लव्ह लाईन (लव्ह, कॉमेडी, सस्पेन्स)
8. ब्लॅकहोल (हॉरर, मिस्ट्री, सस्पेन्स)

About Hindi

Hindi is defined as the official language in the Indian constitution and considered to be a dialect continuum of languages spoken or the name of an Indo-Aryan language. It is spoken mainly in in northern and central parts of India (also called "Hindi belt") The Native speakers of Hindi amounts to around 41% of the overall Indian population. Which is the reason why the entertainment industry in India mainly uses Hindi. The entertainment industry using Hindi is also called as bollywood. Bollywood is the second largest entertainment industry producing movies in the world after Hollywood. Hindi or Modern Standard Hindi is also used along with English as a language of administration of the central government of India. Urdu and Hindi taken together historically also called as Hindustani.