उपन्यास - अद्-भूत (संपूर्ण) The horror, suspense, thriller [Email this] English Version-> [Aghast]
उपन्यास - शून्य (संपूर्ण) The suspense, thriller [Email this] English Version->[Zero]
उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण) The Mystery, horror, suspense Email this English Version->[Black Hole]
उपन्यास - ई लव्ह (संपूर्ण) The suspense, thriller Email this English Version->[eLove]
उपन्यास -मधुराणी (संपूर्ण) Story of a femine power [Email this] English Version-> [Honey]
उपन्यास -मधुराणी (Current Novel)
Story of a femine power
English Version->[Honey]
Yes! You can Publish your Novel on this Blog! --> Details Here.

Hindi new book- Novel - Madhurani - CH-13 घर

Next Chapter Previous Chapter

This Novel in English

Hindi new book- Novel - Madhurani - CH-13 घर

The cure for boredom is curiosity. There is no cure for curiosity.
... Ellen Parr

आज शुक्रवार. गणेशको यहां आकर पांच दिन हूए थे. सुबह नहा धोकर वह जल्दी जल्दी अपना सामान समेटने लगा. उसकी हर हरकतमें एक उत्साह झलक रहा था. क्योंकी वह आज तालूकेकी जगह अपने घर वापस जा रहा था. अपने घर वापस जाकर अपने बिवी बच्चोंको मिलनेके मात्र कल्पना भरसे उसका सारा बदन रोमांचीत हो रहा था. और दुसरी खुशीकी वजह यह थी की पिछले तिन दिनसे मधुराणीके बारेंमे अपने बहक रहे मनपर अंकुश लगानेमें वह पुरी तरह कामयाब हुवा था. पिछले तिन दिनोंमे मधुराणीसे रुबरु होनेके काफी मौके आए थे. लेकिन एकबारभी, गल्तीसेभी उसने मधुराणीके आंखोमें आखें डालकर नही देखा था. अपने इस उपलब्धीके लिए उसे अपने बारेमें बडा गर्व महसुस हो रहा था. उसे इस बातका भी अहसास हुवा था की पिछले कुछ दिनोंसे उसके मचल रहे जीने भी अब मानो सुकुनकी सांस ली थी.

गणेश कपडे पहनकर लगभग तैयार हुवा था. तभी सामनेका दरवाजा बजा. उसने सामने जाकर दरवाजा खोला. सामने सरपर पगडीजैसा कपडा बंधा हुवा देहाती खडा था. उसने निचे धोती और उपर कपडेसे बना हुवा बनियन पहना था. गणेशने उसकी तरफ प्रश्नार्थक मुद्रामें देखा.

" मालिक सामान उठाने के लिए भेज रहत  " गणेशकी मुद्रा देखकर उस देहातीने कहा.

" किसने ?... सरपंचजीने ? "

'' जी.." उसने कहा.

गणेश दरवाजेसे हटतेही वह देहाती अंदर घुस गया. गणेशने कोनेमें रखे अपने बॅगकी  तरफ निर्देश करते हूए कहा -

'' वह उतनी एकही बॅग है .... वह लेकर तुम आगे निकलो... मै बस पिछेसे आया "

" जी "

उसने सरको बंधा हुवा कपडा छोडा. वह कपडा लपेटकर उसका गोलाकर बनाया और अपने सरपर रख दिया. फिर बॅग उठाकर उसने अपने सरके उपर उस गोलाकर बने लपेटे हूए कपडेपर रख दी. वह बॅग लेकर दरवाजेसे बाहर जाने लगा तब गणेश ने कहा, '' अरे... जरा संभालकर भाई ... नही तो उपर लगेगा "

वह नौकर दरवाजेसे जाते हूए थोडा झुका और बॅग लेकर बाहर चला गया. उसके जातेही गणेशने दरवाजा बंद कर दिया.

 गणेशने कमरेसे बाहर आकर दरवाजेको ताला लगाया. उसके चेहरेसे और उसके हर एक हरकतसे उत्साह उमड रहा था.

चलो अब एक बार बस स्टॉपपर  जानेसे पहले एक सिगारेट पिते है...

उसने सोचा. दरवाजेको ताला लगाकर वह मधुराणीके दुकानमें चला गया. अबतो उसे मधुराणीकी नजरोसे बचनेकी मानो आदतसी हो गई थी.

" एक ब्रिस्टॉल  " उसने एक रुपए का सिक्का मधुराणीके सामने रखे गल्लेपर रखते हूए कहा.

आज मधुराणी कुछभी नही बोली . नहीतो हरबार गणेशसे वह कुछ ना कुछ बोलती थी. गणेशको पता नही क्यो अपराधी जैसे लगने लगा.

मैने कुछ गल्ती तो नही कर दी...

या फिर उसका दिल तो दुखाया नही?...

फिर वह आज क्यो नही बोली?...

कही मुझपर गुस्सा तो नही होगई... ?...

या फिर मै घर जा रहा हूं इसकी वजहसे वह दु:खी तो नही महसुस कर रही है? ....

नही ... नही... ऐसे कुछ नही होगा...

मै फालतूही जरा जादाही सोच रहा हूं...

और उसने बोलनाही चाहिए ऐसा थोडी है ?....

आज नही होगा बेचारीका मूड....

यह तो मेरी जबरदस्तीही होगई ...

उसने एकसाथ अपने मनमें भिड करते विचारोंको झटकनेकी कोशीश की. मधुराणीने चुपचाप अपने पिछे रॅकमें  रखा ब्रिस्टॉलका पाकिट  निकाला और उसे खोलकर उसमेंसे एक सिगारेट निकालते हूए गणेशके हाथमें थमा दी. अचानक गणेशने चौंककर उसकी तरफ देखा. सिगारेटके अलावा औरभी किसी चिजका अहसास गणेशके हाथको हुवा था. जब वह संभला तब उसे अहसास हुवा की मधुराणीने गणेशके हाथपर सिगारेट थमाते हूए जानबुझकर हल्केसे उसका हाथ दबाया था. या फिर गल्तीसे दब गया था. ? यह जाननेके लिएही उसने उसकी तरफ देखा था. उसकी चेहरेपर एक मादक, घायल करनेवाली, रहस्यमय और उतनीही अर्थपूर्ण हंसी फैली हुई थी. गणेश उसकी उत्कट नजरोंमें उलझ गया था. उसका उसकी आखोमें आखें ना डालनेका दृढ संकल्प किसी अत्तर की तरह हवामें उड गया था. उसका दिल जोर जोरसे धडकने लगा. एकही पलमें सारा बदन पसिनेसे लथपथ हो गया. हडबडाकर उसने सिगारेट ली और वह बस स्टॉपकी दिशामें चलने लगा. उसको चलते हुए एक एक कदम आगे डालनाभी बडा भारी महसुस हो रहा था. उसका एक मन कर रहा था की घर जाना रद्द कर दूं.  लेकिन नही ... सरपंचके नौकरने अपना सामान आगे ले जाकर बस स्टॉपपर रखा था. अब अगर मै जाना रद्द करता हूं तो न जाने किसीको कुछ शक होगा... वह वैसेही भारी पैरसे चलते हूए नुक्कड तक चलता रहा. नुक्कडसे मुडते हूए कितनाभी अपने मनको नियंत्रीत करनेके कोशीशके बावजुद उसने मुडकर एक बार मधुराणीकी तरफ देखा. वह भी आमंत्रित करती हुई निगाहोंसे उसे देख रही थी. उसके नजरोंमें जुदाईका गम, और एक अदृष्य आकर्षित करनेवाली शक्ती थी. भारी मनसे वह बस स्टॉपकी तरफ निकल पडा. अब मुडकर देखाभी तो वह दिखने वाली नही थी, फिरभी उसने मुडकर देखा. वह उसको नही दिखाई दे रही थी. लेकिन उसने महसुस किया की वह उसके साथ साथ आ रही थी - दिल के किसी कोनेमें घर बनाती हूई !


क्रमश:


The cure for boredom is curiosity. There is no cure for curiosity.

... Ellen Parr

This Novel in English

Next Chapter Previous Chapter

No comments:

Post a Comment

Enter your email address to SUBSCRIBE the Hindi Novels:

आप HindiNovels.Net इस अंतर्जाल पर आनेवाले

वे आगंतुक है

Marathi Subscribers

English Subscribers

Hindi Subscribers

Social Network

Next Hindi Novels - Comedy, Suspense, Thriller, Romance, Horror, Mystery

1. करने गया कुछ कट गयी साली मुछ (कॉमेडी)
2. मधूराणी (the story of femine power)
3. सायबर लव्ह (लव्ह, सस्पेन्स)
4. अद-भूत (हॉरर, सस्पेंन्स थ्रीलर)
5. मृगजल (लव्ह ड्रामा, सायकॉलॉजीकल थ्रीलर)
6. फेराफेरी (कॉमेडी)
7. लव्ह लाईन (लव्ह, कॉमेडी, सस्पेन्स)
8. ब्लॅकहोल (हॉरर, मिस्ट्री, सस्पेन्स)

About Hindi

Hindi is defined as the official language in the Indian constitution and considered to be a dialect continuum of languages spoken or the name of an Indo-Aryan language. It is spoken mainly in in northern and central parts of India (also called "Hindi belt") The Native speakers of Hindi amounts to around 41% of the overall Indian population. Which is the reason why the entertainment industry in India mainly uses Hindi. The entertainment industry using Hindi is also called as bollywood. Bollywood is the second largest entertainment industry producing movies in the world after Hollywood. Hindi or Modern Standard Hindi is also used along with English as a language of administration of the central government of India. Urdu and Hindi taken together historically also called as Hindustani.