उपन्यास - अद्-भूत (संपूर्ण) The horror, suspense, thriller coments Email this
उपन्यास - शून्य (संपूर्ण) The suspense, thriller Email this
उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण) The Mystery, horror, suspense coments Email this
उपन्यास - ई लव्ह ( Latest completed novel !)
The Romantic, suspense online Hindi Novel based on my book 'Cyber Love'

Tuesday, June 9, 2009

Hindi Sahitya - Elove : ch-45 आखरी दांव


Hindi Sahitya - Elove : ch-45 आखरी दांव

Quote of the Day ---

"In a moment of decision,

the best thing you can do is the right thing to do.

The worst thing you can do is nothing.

--- Theodore Roosevelt


... पुरी कहानी सुनाकर इन्स्पेक्टरने एक लंबी सांस ली. स्टेजपर इन्स्पेक्टर कंवलजित, अंजली, नेट सेक्यूराके डायरेक्टर और ऍन्कर खडे थे. पुरी कहानी खत्म होगई थी, फिरभी लोग अभीभी शांत थे. हॉलमें मानो शमशानसी चुप्पी फैली हुई थी. तभी अंजलीको हॉलके पिछले हिस्सेमें विवेक खडा हुवा दिखाई दिया. अंजलीने हात हिलाकर उसे स्टेजपर बुलाया. विवेकभी लगभग दौडते हूएही स्टेजपर गया. अंजलीने उसका हाथ अपने हाथमें लेकर उसे अपने पास खडा किया. अबतक जो सब लोग शांत थे वे अब तालियां बजाने लगे. और तालियाभी इतनी की मानो उन्होने सारा हॉल सरपर लिया हो. तालियां रुकनेका नाम नही ले रही थी.

अबभी विवेकका हाथ अंजलीके हाथमें कसकर पकडा हुवा था. अंजलीने दुसरा हाथ दिखाकर लोगोंको शांत रहनेका इशारा किया और वह माईक हाथमें लेकर बोलने लगी -

'' हमारा प्रेम... यां यू कहिए ... हमारा इ - लव्ह ... लगा था कमसे कम इसमें तो बाधाएं नही आयेंगी .. लेकिन ऐसा लगता है की प्यार की राहमें हमेशा बाधाए आती है ...''

अंजलीने हॉलमें सब तरफ अपनी नजरे घुमाई और वह विवेकका हाथ और कसकर पकडते हूए आगे बोली, '' ... लेकिन कुछभी हो ... आखिर जित प्यारकीही होती है ''

लोगोंने तालिया बजाते हूए फिरसे पुरा हॉल मानो अपने सरपर उठा लिया.

अब विवेकने माईक अपने हाथमें लिया और लोगोंको शांत रहनेका इशारा करते हूए वह बोला,

"" हमारे दोनोके प्रेमकहानीसे आप लोग एक सिख जरुर ले सकते है की ... '' एक क्षण स्तब्ध रहकर वह आगे बोला, '' की बुरेका अंत आखिर बुरेमेंही होता है ...''

फिरसे लोगोंने तालियां बजाकर मानो उसके कहनेको अपनी सहमती दर्शाई. तभी एक कंपनीका आदमी स्टेजके पिछले हिस्सेसे स्टेजपर आ गया. उसकी चारो ओर घुमती हूई आंखे स्टेजपर किसीको ढूंढ रही थी. आखिर उसे कंपनीके मॅनेजिंग डायरेक्टर भाटीयाजी दिखतेही वह उनके पास गया और उनके कानमें कुछ बोलने लगा. वह जोभी बोल रहा था वह सुनकर भाटीयाजींके चेहरेपर अचानक हडबडाहट, आश्चर्य और डरके भाव दिखने लगे. उनके चेहरेपर वे भाव देखकर स्टेजपर उपस्थित बाकी लोगोंके चेहरेपरभी भाव बदल गए थे. स्टेजपर जो हल्का फुल्का खुशीका माहौल था वह एकदमसे तनावमें बदल गया था. उस कंपनीके आदमीने भाटीयाजीको सब बतानेके बाद भाटीयाजीने स्टेजपर इधर उधर देखा और वे इन्स्पेक्टर कंवलजितकी तरफ बढने लगे.

अब भाटीयाजी इन्स्पेक्टरके कानमें कुछ बोल रहे थे. इन्स्पेक्टरकीभी वही दशा हो गई थी. उनके चेहरेपरभी हडबडाहटभरे आश्चर्य और डरके भाव आगए थे. तबतक अंजली, विवेक और वह ऍन्करभी इन्स्पेक्टरके पास पहूंच गए.

'' क्या हुवा ?'' अंजलीने एकबार इन्स्पेक्टरकी तरफ तो दुसरी बार भाटीयाजीकी तरफ देखते हूए पुछा.

'' जाते हूए वह अपना आखरी दांव खेल गया है '' इन्सपेक्टरने बताया.

'' लेकिन क्या हुवा ?'' विवेकने पुछा.

'' थोडा खुलकर तो बताओ ?'' अंजलीने भाटीयाजीकी तरफ देखते हूए पुछा.

'' खुलकर बोलनेके लिए अब वक्त नही है ... चलो मेरे साथ चलो '' भाटीयाजी अब जल्दी करते हूए बोले. और तेजीसे स्टेजके पिछले हिस्सेसे उतरकर उस कंपनीके आदमीके साथ अपने ऑफीसकी तरफ जाने लगे.

इन्स्पेक्टर, अंजली, और विवेकभी चुपचाप उनके पिछे चलने लगे. वह ऍन्कर उनके पिछे जाएकी ना जाए इस दुविधामें स्टेजपरही रुका रहा, क्योंकी अबतक हॉलमें उपस्थित लोगोंमे खुसुरफुसुर और गडबडी शुरु हो गई थी. हकिकतमें क्या हुवा यह जाननेकी जैसे उन लोगोंकी उत्सुकता बढ रही थी. लेकिन जितने वे लोग अनभिज्ञ थे उतनाही वह ऍन्करभी अनभिज्ञ था. लेकिन क्या हुवा यह जाननेसे बडी जिम्मेदारी अब उस एन्करके कंधेपर आन पडी थी - किसीभी तरह उन लोगोंको शांत करके वहां उस हॉलसे सही सलामत बाहर निकालनेकी.


क्रमश:...


Quote of the Day ---

"In a moment of decision,

the best thing you can do is the right thing to do.

The worst thing you can do is nothing.

--- Theodore Roosevelt


Hindi sahitya wangmay literature, Hindi entertainment books, Hindi editor, Hindi transliteration, Hindi gosti stories, nothern literature, Hindi prakashan publication, Hindi poems, hindi new books

0 comments:

Post a Comment

Custom Search

Social Network

Enter your email address to SUBSCRIBE the Hindi Novels:

आप HindiNovels.Net इस अंतर्जाल पर आनेवाले

वे आगंतुक है

Marathi Subscribers

English Subscribers

Hindi Subscribers

Next Hindi Novels - Comedy, Suspense, Thriller, Romance, Horror, Mystery

1. करने गया कुछ कट गयी साली मुछ (कॉमेडी)
2. मधूराणी (the story of femine power)
3. सायबर लव्ह (लव्ह, सस्पेन्स)
4. अद-भूत (हॉरर, सस्पेंन्स थ्रीलर)
5. मृगजल (लव्ह ड्रामा, सायकॉलॉजीकल थ्रीलर)
6. फेराफेरी (कॉमेडी)
7. लव्ह लाईन (लव्ह, कॉमेडी, सस्पेन्स)
8. ब्लॅकहोल (हॉरर, मिस्ट्री, सस्पेन्स)

About Hindi

Hindi is the name given to an Indo-Aryan language, or a dialect continuum of languages, spoken in northern and central India (the "Hindi belt")Native speakers of Hindi dialects between them account for 41% of the Indian population (2001 Indian census). That is the reason because of which the entertainment industry in India mainly use Hindi. And the idustry which is also called as bollywood is the second largest industry producing movies in the world. As defined in the Constitution, Hindi is the official language of India and is one of the 22 scheduled languages specified in the Eighth Schedule to the Constitution. Official Hindi is often described as Modern Standard Hindi, which is used, along with English, for administration of the central government. Standard Hindi is a sanskritised register derived from the khari boli dialect. Urdu is a different, persianised, register of the same dialect. Taken together, these registers are historically also known as Hindustani.