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Friday, November 21, 2008

Hindi Books - Black Hole CH-54 गिब्सन कहा गया ? (समाप्त)

Valuable thoughts

It is better to deserve honors and not have them than to have them and not deserve them.

---Mark Twain [Samuel Langhornne Clemens] (1835-1910)


शामका समय था. सुरज पश्चिमकी ओर डूबही रहा था. ऐसे समय पार्कमें सुझान और डॅनियल मखमलसे मुलायम हरे लॉनपर लेटे हूए थे और बह रहे ठंडे ठंडे झोंकोंका आनंद ले रहे थे. डॅनियलका सर सुझानकी गोदमें रखा हूवा था.

'' मानो ऐसा लग रहा है जैसे सबकुछ कल कल घटीत हूवा है ... समय कैसे बित गया कुछ पताही नही चला. '' डॅनियलने कहा.

सुझान उसके बालोंसे अपनी उंगलीयां फेरती हूई उसकी नक्कल उतारती हूई बोली,

'' ऐसा होता है ... प्यारमें ऐसा होता है कभी कभी ''

'' प्यारमें कभी कभी ... हमें एक पल मानो कितने साल जैसा लगता है ... और कभी कभी कितने साल एक पल जैसे लगते है ... मानो समयका सब परिमान बदल गया हो ... '' फिरसे वह उसकेही कभी बोले हूए वाक्य दोहराते हूए बोली.

डॅनियल उसकी तरफ देखते हूए मिठासा मुसकाया. उसे अपने बिवीपर गर्व हो रहा था.

उसे कैसे मेरी हर आदत, ... मेरी हर तरहा मालूम है ...

इतनाही नही तो मेरे कभी बोले हूए वाक्यभी वह याद रखती है ..

सचमुछ... आखिर प्यारका मतलब क्या है?...

एकदुसरेको पुरी तरहसे जाननेका नामही प्यार है...

एकदुसरेको पुरी तरहसे जाननेके बाद हमें एकदुसरेकी छोटी छोटी बातोंका खयाल रहता है...

डॅनियल सोच रहा था.

तभी कुछ याद आए जैसा वह एकदम उठकर बैठ गया.

'' गिब्सन कहां गया ?'' उसने बगीचेमे इधर उधर देखते हूए सुझानसे पुछा.

सुझानभी घबराकर उठकर खडी हो गई. और बगीचेमें इधर उधर जाते हूए गिब्सनको ढूंढने लगी. बगीचेमें एक तरफ डॅनियल तो दुसरी तरफ सुझान गिब्सनको ढूंढ रहे थे.

इधर उधर ताकते झांकते हूए सुझान गिब्सनको ढूंढते हूए एक पौधेके पास गई. उसकी ढूंढती हूई नजर एक जगह स्थिर हो गई. उसके चेहरेसे डर, चिंता जाकर अब उसकी जगह खुशी झलकने लगी.

'' तूम यहां क्या कर रहे हो बेटे ?'' सुझानने कहा. .

उसके सामने उनका 3-4 सालका लडका - गिब्सन मट्टी खेल रहा था. सुझान और डॅनियलने उनके लडकेका नाम सुझानके भाईके यादमें गिब्सनही रखा था.

'' मै मेरे दोस्तके साथ खेल रहा हूं '' वह छोटा गिब्सन अपने तोतले बोलसे बोला.

'' दोस्त ?... किधर है तुम्हारा दोस्त ?'' सुझानने आसपास ढूंढते हूए पुछा.

छोटे गिब्सनने इर्द गिर्द देखा और आवाज लगाई ,

'' स्टेला ... स्टेला तूम कहां हो ?''

एक 3-4 सालकी लडकी - स्टेला एक पौधेके पिछेसे दौडते हूएही उसके पास आ गई. वहभी मट्टी खेल रही थी और उसके छोटे छोटे हाथ मट्टी और किचडसे सने हूए थे.


समाप्त

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Valuable thoughts

It is better to deserve honors and not have them than to have them and not deserve them.

---Mark Twain [Samuel Langhornne Clemens] (1835-1910)


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Wednesday, November 19, 2008

Hindi literature - Black Hole CH 53 जाकोब दिखाई दिया ?

Famous quotes -

Do just once what others say you can't do, and you will never pay attention to their limitations again.

James R. Cook


जब स्टेला हॉस्पीटलमें जा रही थी, उसे डॉ. स्टिव्हन दरवाजेमेंही बाहर आते हूए मिले. एकदुसरेके आमने सामने आतेही, '' जाकोब दिखाई दिया ?''

दोनोंका एकही सवाल था.

स्टेला थोडी चिंताग्रस्त दिखने लगी.

'' मैने उसे दुर्घटनाकी जगह, सुझान के घर, मेरे घर ... सब जगह ढूंढा ... लेकिन वह कही नही मिला '' स्टेलाने कहा.

'' मुझे तो चिंता हो रही है ... की इतनी मशक्कत के बाद मै उसे ढूंढनेमें कामयाब हो गई थी... और अब मै उसे कही फिरसे ना खो दूं ?'' स्टेलाने अपना डर जाहीर किया.

'' चिंता मत करो ... हम उसे ढूंढ लेंगे ...'' डॉ. स्टिव्हनने उसे सांत्वना देते हूए कहा.

फिर अचानक कुछ ध्यानमें आए जैसे उसने पुछा, '' तुमने उसे उस हवेलीमें ढूंढा ?''

'' नही.'' स्टेलाने कहा.

'' मुझे यकिन है ... वह वही होगा '' डॉ. स्टिव्हनने कहा.

अब कहां उसे राहतसी होने लगी.

'' सुझान कैसी है ?'' स्टेलाने पुछा.

'' नही मुझे मालूम नही ... मै भी अभी अभी यहां आया हूं '' डॉ. स्टिव्हनने कहा.

सुझान हॉस्पिटलके एक कमरेमें बेडपर लेटी हूई थी और डॉक्टर उसकी जांच कर रहे थे. सुझानका पती डॅनियल और स्टेलाका अदृष्य साया वहीं सुझानके बगलमें खडे होकर डॉक्टर क्या बताते है इसकी बेचैनीसे राह देख रहे थे. डॉक्टरने जांच खत्म की और कमरेके बाहर जाने लगे. स्टेलाकी रुह और डॅनियल डॉक्टरके पिछे पिछे जाने लगे.

'' डॉक्टर ... कैसी है वह ?'' डॅनियलने डॉक्टरके पिछे चलते हूए पुछा.

'' सब कुछ ठिक है ... वैसे चिंता करनेकी कोई जरुरत नही ...'' डॉक्टर आगे चलते हूए बोले.

स्टेलाकी रुह सुझानके पास वापस गई. डॉक्टर कमरेका दरवाजा खोलकर बाहर आ गए. डॅनियलभी उनके पिछे पिछे कमरेसे बाहर आ गया. बाहर आनेके बाद डॉक्टरके चलनेकी गति कम हो गई.

'' सच कहूं तो ... मुझे तुमसे एक महत्वपुर्ण बात करनी थी '' डॉक्टरने कहा.

अचानक डॅनियलके चेहरेपर फिर चिंता और मायूसी छा गई.

'' नही ... वैसे चिंता करनेवाली बात नही है .... आवो इधर मेरे साथ '' डॉक्टरने उसे आश्वस्त करते हूए कहा.

डॉक्टर अपने कॅबिनमे घुस गए और डॅनियलभी उनके पिछे पिछे कॅबिनमें गया.

डॅनियल और डॉक्टर जब कॅबिनमें गए तब वही सुझानके कमरेके बाहर डॉ. स्टिव्हनकी रुह बैठी हूई थी.

स्टेला सुझानके कमरेसे बाहर आ गई और वही बगलमें बैठे डॉ. स्टिव्हनके रुहके पास चली गई. डॉ. स्टिव्हनने उठकर खडे होते हूए पुछा, '' कैसी है वह ?''

तभी जल्दी जल्दी डॅनियल डॉक्टरके कॅबिनसे बाहर आ गया और लगभग दौडते हूए सुझानके कमरेमें घुस गया.

'' सबकुछ ठिक तो है ना ?'' डॉ. स्टिव्हनने डॅनियलको सुझानके कमरेमें दौडकर जाते हूए देखकर चिंतायूक्त स्वरमें पुछा.

'' वह अब ठिक है ... और खतरेसे बाहर है ... उसके चेहरेपर देखा कैसे खुशी समाए नही समा रही है '' स्टेलाने कहा.

स्टेला और डॉ. स्टिव्हनभी डॅनियलके पिछे पिछे सुझानके कमरेमें घुस गए.

डॅनियलने सुझानके कमरेमें आतेही प्यारभरी नजरसे उसकी तरफ देखते हूए उसके सरपरसे अपना हाथ फेरा. स्टेला और डॉ. स्टिवनकी रुह डॅनियलके बगलमें खडी होकर सुझानकी तरफ देखने लगी

'' ओ माय गॉड!'' तभी अचानक, चिंतायूक्त स्वर डॉ. स्टिव्हनके मुंहसे निकल गया.

डॉ. स्टिव्हनके चेहरेपर एकके बाद एक भाव आ रहे थे, कभी आश्चर्य, कभी डर तो कभी चिंताके भाव उनेके चेहरेपर दिखने लगे.

'' क्या हूवा ?'' स्टेलाने डॉ. स्टिव्हनके चेहरेकी तरफ देखते हूए घबराकर पुछा.

'' आखिर वही हुवा ... जिसकी आशंका थी '' डॉ. स्टिव्हनने कहा.

'' ऐसी पहेलियां मत बुझावो ... आप मुझे बताओगे... कि क्या हुवा ?'' स्टेलाने अधिर होकर पुछा.

'' देखो ... वह गर्भवती है ... और तुम्हारा जाकोब उसकी गर्भमें अटका हूवा है '' आखिर डॉ. स्टिव्हनने स्टेलाको बताया.

स्टेला तुरंत सुझानके गर्भमें ध्यान देकर देखने लगी. उसे जाकोबकी एकदम सुक्ष्म आकृती सुझानके गर्भमें अटकी हुई दिखाई देने लगी. ऐसा लग रहा था की वह सुक्ष्म आकृती कुछ बोलनेका प्रयास कर रही थी लेकिन स्टेलाको कुछ सुनाई नही दे रहा था. स्टेलाने उसे गर्भसे निकालनेका प्रयास किया, लेकिन व्यर्थ! अचानक सुझानके गर्भामें उपस्थित मांसका गोला अब जाकोबको खिंचकर अपने अंदर समा रहा था.

'' देखो ... वह अब अंदर खिंचा जा रहा है '' डॉ. स्टिव्हनने कहा.

जाकोब अब एक नलीकासे तेजिसे गुजरने लगा था.

'' देखो वह अब उस ट्यूबसे अंदर जा रहा है '' डॉ. स्टिव्हनने कहा.

स्टेला आश्चर्य और संभ्रमसे वह सारी घटना असाहायतापुर्वक देख रही थी. आखिर जाकोबकी वह आकृती सुझानके गर्भाशयमें बढ रहे उस गर्भमें पहूंच गई और गायब हो गई.

'' अब उसकी वहांसे मुक्ती नही ... वह पुरी तरहसे वहा बंधक बन चूका है ... वहभी एक तरहका ब्लॅकहोल है ... वह एक अलग दुनिया है ... जहांके सब कायदे नियम अलग है ...'' डॉ. स्टिव्हन बोल रहे थे..

'' ब्लॅक होल... अलग दुनिया?'' स्टेलाके मुंहसे आश्चर्यसे निकल गया.

'' हां ब्लॅक होल... एक अलग दुनियामें जानेका प्रवेशद्वार...'' डॉ. स्टिव्हनने कहा.

स्टेलाके चेहरेपर अब जुदाईका दर्द दिखने लगा. उसे अब पुरी तरह अहसास हो गया था की उसका जाकोब... उसका गिब्सन उससे दुर... बहुत दुर जा चूका है ...

उसकी आंखोसे आंसू बहने लगे थे.


क्रमश:...


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James R. Cook


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Monday, November 17, 2008

Hindi Sahitya - Black Hole CH 52 जख्मी सुझान

Famous thoughts -

When all think alike, no one is thinking very much.

---Walter Lippmann (1889-1974)


एक जगह रास्तेके किनारे दुर्घटनाग्रस्त सुझानकी कार उलटी पडी हूई थी. कारने एक बडेसे पेढके तनेको जोरकी टक्कर मारी थी. टक्कर इनते जोरसे बैठी थी की जहां टक्कर लगी थी वहां पेढके तनेका काफी हिस्सा उखड चूका था. कारके ड्रायव्हींग सिटपर अबभी सुझान जखमी हालमें पडी हूई थी. कारके दुसरी तरफ बैठी हूई स्टेलाकी आकृती कारके बाहर आ गई और पिछेके सिटपर बैठी हूई डॉ. स्टिव्हनकी आकृतीभी बाहर आ गई. बाहर आनेके बाद वे जख्मी हालमें पडे हूए सुझानके पास गए.

'' मैने उसे पहलेसेही चेतावनी दे रखी थी.... लेकिन उसने मेरा नही सुना '' डॉ. स्टिव्हन सुझानके पास आते हूए बोले.

स्टेलाने झुककर सुझानकी नब्ज टटोलनेका प्रयास किया. लेकिन उसके हाथमें उसकी कलाई नही आ रही थी. डॉ. स्टिव्हन उसके पास खडे होकर मनही मन मंद मुस्कुराते हूए उसकी तरफ देख रहे थे.

'' अब तुम्हे तुम्हारी हर आदत बदलनी पडेगी ... यहा सारे नियम अलग है '' डॉ. स्टिव्हनने कहा.

फिर स्टेलाने उसकी सांस चल रही है या नही यह गौरसे देखा.

'' थॅंक गॉड... उसकी सांसतो चल रही है ऐसा लग रहा है '' स्टेलाने कहा.

लेकिन कुछ खयालमें आए जैसे इधर उधर देखते हूए उसने कहा, '' लेकिन जाकोब कहा है ?''

स्टेला और डॉ. स्टिव्हनने उठकर खडे होते हूए इधर उधर अपनी नजर दौडाई. लेकिन जाकोबका कही अता पता नही था. स्टेला अब कारके दुसरी तरफ जाने लगी.

'' उसे हम बादमेभी ढूंड सकते है ... लेकिन पहले इसे बचाना सबसे जरुरी है ' डॉ. स्टिव्हनने कहा.

स्टेलाकोभी उनकी बात सही लगी. इसलिए वह फिरसे सुझानके पास चली गई और झुककर उसे आधार देनेका प्रयत्न करने लगी. लेकिन वह उसे आधार नही दे सकती यह उसके खयालमें आनेके बाद वह पलटकर डॉ. स्टिव्हनकी तरफ देखने लगी. उसे वह सुझानको मदद नही कर सकती है इस बातका बुरा लग रहा था. फिरसे वह उठ खडी हो गई और मददके लिए आसपास कुछ दिखता है क्या यह देखने लगी. लेकिन आसपास कोई नही था. रास्तेपर चारो ओर एकदम सन्नाटा छाया हूवा था और गहरा अंधेरा फैला हूवा था. वह अब सामने रास्तेपर कोई मददके लिए मिलता है क्या यह देखते हूए आगे बढने लगी. थोडा फासला चलनेके बाद वह दौडने लगी. उसे मालूम था की सुझानको अगर बचाना है तो जल्दी करनी पडेगी. आगे रास्तेपरभी कोई नही मिल रहा था. उसके चेहरेपर निराशा और मायूसी फैलने लगी थी. तभी एक कार तेजीसे उसके सामनेसे आती हूई दिखाई दी. उसने कार रोकनेके लिए हाथ हिलाया. लेकिन वह कार रुकी नही. फिर उसके खयालमें आगया की उस कार ड्रायव्हरको शायद वह दिखी नही होगी. इसलिए वह जोरसे उस कारके पिछे दौडने लगी. दौडते हूए उसके खयालमें आगया की वह इस रुपमें बहुत जोरसे, हवाकी तरह हलकी हो ऐसे दौड सकती है. दौडते हूए उसने उस तेजीसे दौडरहे कारमें प्रवेश किया. और फिर उसने उस ड्रायव्हरके शरीरमें प्रवेश कर सारे सुत्र अपने हाथमें लिए.

वह ड्रायव्हर अपनी कार तेज गतिसे जहां हादसा हूवा था उस जगहकी तरफ ध्यान ना देते हूए आगे निकल चूका था. दुर्घटनाके जगहसे कुछही अंतर तय करनेके बाद अचानक उस ड्रायव्हरने अपनी कार जोरसे ब्रेक दबाकर रोकी. और फीर कार मोडकर वह ड्रायव्हर जहां हादसा हूवा था उस जगहपर आ गया. अपनी कार रोककर ड्रायव्हर तुरंत अपने गाडीसे उतरा और सिधे सुझान जहां जख्मी हालतमें पडी हूई थी वहां दौडते हूए गया. ड्रायव्हरने उस उलटे कारका सामनेका दरवाजा खोलकर सुझानको बाहर निकाला. बाहर निकालकर, उसे उठाकर उसने सुझानको अपने कारके पिछले सिटपर सुलाया. ड्रायव्हरने पिछला दरवाजा बंद किया और एक पलभी ना गंवाते हूए अपनी ड्रायव्हींग सिटपर बैठकर गाडी तेज गतिमें दौडाई. धीरे धीरे अंधूकसा स्टेलाका साया ड्रायव्हरके शरीरमें दिखने लगा और डॉ. स्टिव्हनका साया सुझानके बगलमें, पिछले सिटपर अवतरीत हूवा.


क्रमश:...


Famous thoughts -

When all think alike, no one is thinking very much.

---Walter Lippmann (1889-1974)


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Wednesday, November 12, 2008

Hindi literature - Black Hole CH-51 दुर्घटना

Quote of the day -

No man or woman who tries to pursue an ideal in his or her own way is without enemies.

---Daisy Bates (1863-1951)


सुझान और डॅनियल बेडरुममें गहरी निंदमें सोए हूए थे. अचानक सुझान निंदमेंही अस्वस्थ दिखने लगी. वह बेचैनीसे करवटे बदलने लगी. उसके पुरे शरीरमें पसिना आया था. कुछ पसिनेकी बुंदे चेहरेपरभी दिखने लगी. अचानक घबराकर सुझानने चौंककर अपनी आंखे खोली और वह उठकर बैठ गई.

उसे इतनेंमें सपनेमें रह रहकर एक पथरीली गुंफा और उसमें हूवा विस्फोट दिखाई देता था..

हवेलीके सामने विस्फोट होनेके बादही उसे यह अजीब सपना दिखने लगा था.....

और तबसे उसमें हूए परिवर्तनका उसेभी अहसास था... .

लेकिन वह कुछ नही कर सकती थी और ना किसीसे खुलकर बात कर सकती थी. ....

वह बेडसे निचे उतर गई और बेडरुमके दरवाजेकी तरफ जाने लगी. उसने बेडरुमका दरवाजा खोला. उसकी सब हरकते किसी यंत्रकी तरह हो रही थी. मानो वह हरकते उसकी अपनी खुदकी ना होकर दुसराही कोई और उसे नियंत्रीत कर रहा हो. बेडरुमके खुले दरवाजेमें खडे होकर उसने मुडकर एक बार डॅनियलकी तरफ देखा. शायद वह अबभी गहरी निंदमें है या नही इसकी वह तसल्ली करना चाहती हो. डॅनियल गहरी निंदमें था.

लगभग आधी रात हो गई थी. सुझानके घरके सामने पुरी तरहसे अंधेरा छाया हूवा था. झिंगुरोंका किर्र किर्र आवाज आ रहा था. तभी सुझानके घरका सामनेका दरवाजा खुला और घरसे सुझान बाहर आ गई. बाहर आतेही उसने सामनेका दरवाजा खिंचकर बंद कर लिया और वह अपनी कारकी तरफ चल पडी. बाहरका वातावरण भयानक लग रहा था. दूर कही कुतोंके रोनेजैसी आवाजे आ रही थी. लेकिन उसका सुझानपर कोई असर दिखाई नही दे रहा था. वह ना रुकते हूए, ना गडबडाते हूए अपने कारकी तरफ सिधी चली जा रही थी. वह कारके पास पहूंचतेही उसने कारका दरवाजा खोला, और अंदर बैठकर दरवाजा खिंचकर बंद कर लिया. कार शुरु कर उसने रिव्हर्स गियर डालकर पार्कीगसे बाहर निकाली. कार रास्तेपर आतेही उसने अपनी कार तेज गतिसे दौडाई.

सुझान कार चला रही थी. तभी स्टेलाके बगलवाली सिटपर स्टेलाका अंधूकसा साया दिखने लगा. फिरभी सुझान अपनी कार चलानेमें लीन थी. कारके पिछले सिटपर अब डॉ. स्टिव्हनका अंधूकसा साया दिखने लगा.

'' जाकोब, मै तुम्हे फिरसे चेतावनी देता हूं ... यह सब मत करो ... वह बहुत खतरनाक है '' डॉ. स्टिव्हनके सायेने चेतावनी दी.

अब सुझानके शरीरमें जाकोबका धुंधलासा साया दिखने लगा.

'' जाकोब... मुझे लगता है तुमने डॉ. स्टिव्हन जो कह रहे है वह सुनना चाहिए '' स्टेलाके सायेने समर्थन किया.

'' नही ... मै अपने फैसलेपर एकदम अटल हूं '' सुझानके शरीरमें दिखनेवाला जाकोबका साया पहली बार बोल पडा. तभी अचानक सामनेसे एक कार तेजीसे एकदम सुझानके कारके सामने आ गई. यह सब कुछ इतने जल्दी हो गया की एक पल तो सुझानको लगा की टक्कर होनेवाली है. लेकिन उसने झटसे अपनी कार बायी ओर मोडकर टक्कर बचानेका प्रयास किया. और टक्कर बचभी गई. सुझान, स्टेला और डॉ. स्टिव्हनने टक्कर बच गई है यह देखकर राहतकी सांस ली. लेकिन यह क्या ? अगलेही पल उनके चेहरेपर फिरसे डर और चिंता झलकने लगी. सुझानके खयालमें आ चूका था की अब उसके कारकी रास्तेके किनारे खडे एक बडे पेढके तनेसे टक्कर होने वाली है . कारमें बैठे सब लोक एकदम जोरसे चिल्लाये. सुझानने जितने जल्दी, जितने जोरसे हो सकता है उतने जोरसे अपने कारके ब्रेक दबाये. सुझानकी कार अब बेकाबू होकर तेडेमेडे रास्तेसे मुडने लगी. और आगे रास्तेके किनारे खडे एक दुसरे बडे पेढके तनेसे जा टकराई.


क्रमश:...


Quote of the day -

No man or woman who tries to pursue an ideal in his or her own way is without enemies.

---Daisy Bates (1863-1951)


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Friday, November 7, 2008

Hindi Books - Black Hole CH-50 वह कहा गई ?

Famous quotes -

No person can be a great leader unless he takes genuine joy in the successes of those under him.

---W. A. Nance


डॅनियल अपने बेडरुममें सोया हूवा था लेकिन उसे ठिकसे निंद नही आ रही थी. वह निंदमें रह रहकर अपनी करवट बदल रहा था. अचानक वह चौंककर निंदसे जाग गया. उसने वैसेही पडे हूए स्थितीमें अपने बेडरुमके खिडकीसे बाहर झांका. लगभग आधी रात हो गई थी. उसने बेडपर उसके बगलमें सुझानके लिए देखा. लेकिन वह वहां नही थी. उसकी रही सही निंदभी चली गई. वह झटसे उठकर बैठ गया और उसने बेडरुममें अपनी ढूंढती हूई नजरें चारों तरफ घुमाई. सुझान बेडरुममें कही नही थी. अटॅच्ड बाथरुमका दरवाजाभी बाहरसे बंद था. वह तुरंत बेडसे निचे उतर गया और बेडरुमके बाहर चला गया. पहले उसने सुझानको किचनमें ढूढा. वह वहांभी नही थी.

कहां गई होगी ?...

और इतने रात गए ...

वह बादमें ड्रॉईंगरुममें गया. वह वहाभी नही थी.

अब उसे चिंता होने लगी थी.

वह घरसे बाहर तो नही गई होगी ?...

वह सामनेके दरवाजेके पास गया. सामनेका दरवाजा अंदरसे खुलाही था.

मतलब वह बाहरही गई होगी....

वह तुरंत उसे ढूंढनेके लिए घरके बाहर निकल गया. बाहर आंगनमें उसने उसे ढूंढा. वह आंगनमेंभी नही थी. दूर कहीसे कुतोंके रोनेकी आवाज आ रही थी. सुझानभी दिख नही रही थी और उस दर्दभरे आवाजने उसे और ही बेचैन कर दिया. वह आंगन लांघकर कंपाऊंड गेटके पास गया. गेट खोलकर उसने बाहर झांककर देखा. उसे इतनीभी सुध नही थी की गेट अंदरसे बंद था मतलब वह बाहर नही गई होगी. फिरभी उसने गेट खोलकर बाहर झांककर देखा. बाहर रस्तेपर अंधेरेके सिवा कुछ नजर नही आ रहा था. अचानक उसे अहसास होगया की उसके मकानके छतपर कुछ है. उसने पलटकर देखा. उसे छतपर सुझान अकेली बैठी हूई दिखाई दी. उपर आंसमानमें पुरा चांद दिख रहा था और उस चांदकी रोशनीमें उसे उधर मुंह करके बैठी हूई सुझानकी आकृती दिखाई दि. वह एकदम स्तब्ध अपने हाथकी तरफ या हाथमें पकडे किसी वस्तूकी तरफ अपना होशो हवास खोकर एकटक देख रही थी ऐसा प्रतित हो रहा था.

डॉनियल हल्के पैरसे, कोई आवाज ना हो इसका ध्यान रखते हूए, धीरे धीरे उपर छतपर जानेके लिए सिढीयां चढने लगा. सिढीयां चढकर छतपर पहूंचनेके बाद वह एक जगह निश्चल खडा हो गया.

इतनी रात गए वह अकेली यहां क्या कर रही होगी ?...

उसे उसको मालूम ना होते हूए देखना था की वह क्या कर रही है. फिरसे वह धीरे धीरे अपने चलनेका आवाज ना हो इसका ध्यान रखते हूए उसकी तरफ जाने लगा. अबभी सुझानका पिछला हिस्साही उसे दिख रहा था. और आगे जानेके बाद उसे उसका सामनेका हिस्साभी दिखने लगा. वैसेतो वह अपने विचारोंमें खोई हूई दिख रही थी. लेकिन उसके हाथमें कोई छोटी चिज थी, जिसके साथ वह खेल रही थी ऐसा उसे अहसास हो गया. उसने और नजदिक जाकर देखा. वह जिस वस्तूके साथ खेल रही थी वह 'वह' चमकिला पत्थर था, जो उसे हवेलीके सामने जमिनपर पडा हूवा मिला था. वह देखतेही डॅनियलके चेहरेपर उसके बारेमे घोर चिंता के भाव उभरने लगे.


क्रमश:...


Famous quotes -

No person can be a great leader unless he takes genuine joy in the successes of those under him.

---W. A. Nance


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Wednesday, November 5, 2008

Hindi litearature - Black Hole CH-49 बुक स्टोअर

Famous saying -

The man who never makes a mistake always takes orders from one who does.

---Daisy Bates (1863-1951)


एक बुक स्टोअरमें डॅनिययलने रॅकपर रखी हूई एक किताब उठाई और वह उस किताबके पन्ने पलटने लगा. उसके बगलमेंही सुझान खडी थी. लेकिन वह अपनेही सोचमें डूबी हूई लग रही थी.

'' देखो ... यह किताब इंडियन रेसीपीजके बारेमें है ...'' डॅनियलने किताबके पन्ने पलटते हूए सुझानसे कहा.

'' यह देखो .. यहां इंडीयन करी बनानेका विधी बताया है ... तुम्हे करी पसंद है ना ?'' डॅनियलने आगे कहा.

डॅनियल अबभी उस किताबके पन्ने पलट रहा था. जब उसने किताबसे अपनी नजर हटाकर बगलमें सुझानकी तरफ देखा, तब उसके खयालमें आया की सुझान वहा खडी नही थी.

उसने वह किताब रॅकपर वापस रख दि और ढूंढती हूई नजरोंसे बुक स्टोअरमें सुझानको ढूंढने लगा. उस हॉलमेंतो वह दिख नही रही थी. इसलिए वह बगलके हॉलमें उसे ढूंढनेके लिए गया. वह वहांभी नही थी.

अभीतो मेरे बगलमें खडी थी....

अभीके अभी कहा गई होगी ?...

बगलमेंही एक छोटी मॅगझीनकी रुम थी. वहा उसने झांककर देखा. वह वहांभी नही थी.

हालहीमें वह वैसेभी अजिबसा बर्ताव करने लगी है ...

भाईभी नही मिला और भाभीभी गायब होनेसे होगा शायद...

मुझे यहां अकेला छोडकर घर तो नही चली गई ?...

उसके दिमागमें एक सवाल झांककर गया.

वह जल्दी जल्दी दुकानके बाहर चला गया. बाहर इधर उधर देखा. वह कहीभी नही दिख रही थी.

गाडीकी चाबी उसके पासही थी....

गाडी लेकर तो नही गई होगी ?...

वह दौडते हूए पार्कीग लॉटकी तरफ गया. पार्कींग लॉटमें पहूंचकर देखता है तो गाडी अपनी जगहपरही थी.

गाडी तो जगहपरही है ...

मतलब वह यही कहीं होना चाहिए ...

स्टोअरके बाहर तो नही है ...

फिर एकबार दुकानमेंही ठिकसे देखना चाहिए ...

वह फिरसे बुक स्टोअरमें घुस गया. एक एक रुम , एक एक हॉल ठिकसे देखने लगा. वह कहीं नही दिख रही थी. तभी उसके खयालमें आगया की बुकस्टोअरको और एक फ्लोअर है.

शायद वह पहले मालेपर गई हो ...

वह पहले मालेपर गया. पहले मालेपर तिन चार हॉल होंगे. वह एक एक हॉलमें जाकर ढूंढने लगा. वैसे पहले मालेपर ग्राहक बहुतही कम थे. चारो हॉलमें उसने झांककर देखा. वह वहां नही थी.

कहां गई होगी वह ?...

अब डॅनियलको चिंता होने लगी थी. पहले मालेसे निचे उतरनेसे पहले उसने वहीं बगलमें एक किताबोंकी छोटी रुम थी उसमें झांककर देखा. उसे वह वहीं एक कोनेमें उधरकी तरफ मुंह करके खडी दिखाई दी. उसने राहतकी सांस ली. उसने उसके करीब जाकर देखा. उसके हाथमें एक काले कव्हरवाली किताब थी. और वह उस किताबमें पुरी तरह मानो डूबकर उस किताबके पन्ने पलट रही थी.

'' हनी... तूम यहां क्या कर रही हो ?'' उसने उसके पास जाकर पुछा.

'' मै कितना घबरा गया था ... '' उसने आगे कहा.

उसने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नही की. अबभी वह उस किताबमें डूबी हूई दिख रही थी.

'' सुझान ...'' डॅनियल उसके कंधेपर हाथ रखकर उसका कंधा हिलाते हूए बोला.

सुझानने आरामसे वह किताब बंद की, सामने रॅकपर वापस रख दी और डॅनियल की तरफ एक अजनबी नजर डालते हूए वह आगेकी रॅककी तरफ बढ गई. डॅनियल आश्चर्यसे उसकी तरफ देख रहा था. डॅनियलने उसने रॅकपर रखी हूई किताब बाहर निकाली. उसने उस किताब का टायटल पढा. टायटल था - ' ब्लॅक होल'


क्रमश:...


Famous saying -

The man who never makes a mistake always takes orders from one who does.

---Daisy Bates (1863-1951)


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About Hindi

Hindi is the name given to an Indo-Aryan language, or a dialect continuum of languages, spoken in northern and central India (the "Hindi belt")Native speakers of Hindi dialects between them account for 41% of the Indian population (2001 Indian census). That is the reason because of which the entertainment industry in India mainly use Hindi. And the idustry which is also called as bollywood is the second largest industry producing movies in the world. As defined in the Constitution, Hindi is the official language of India and is one of the 22 scheduled languages specified in the Eighth Schedule to the Constitution. Official Hindi is often described as Modern Standard Hindi, which is used, along with English, for administration of the central government. Standard Hindi is a sanskritised register derived from the khari boli dialect. Urdu is a different, persianised, register of the same dialect. Taken together, these registers are historically also known as Hindustani.