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Friday, August 29, 2008

Hindi literature - Black Hole CH-21 ब्लॅकहोलके अंदर ब्लॅकहोल!

जाकोब और स्टेला अब उस अंधेरी गुंफामें अपने टॉर्चकी रोशनीमें धीरे धीरे आगे बढ रहे थे. अबभी उस हिंस्त्र जानवरके अस्तित्वका अहसास उनके मनमें घर बनाये हूए था.

'' लेकिन हम यहां कहां है ?'' स्टेलाने पुछा.

जाकोबने अपने टॉर्चकी रोशनी एक पत्थरपर डाली. उस पत्थरपर बडे अक्षरोंमें 'A' ऐसा खुदा हूवा था.

'' अब हम एक पुरी तरह अलग दुनियामें पहूंच गए है ... बहुत साल पहले एक भौतिकशास्त्रके वैज्ञानिकने यह दुनिया बनाई है ...'' जाकोबने कहा.

स्टेला आश्चर्यसे और अविश्वासके साथ उसकी तरफ देख रही थी.

'' अलग दुनिया ? ... लेकिन कैसे ?'' स्टेलाने पुछा.

अब वे बाते करते हूए उस गुंफामें उपस्थित उस हिंस्त्र जानवरके बारेमें भूल गए हो ऐसा लग रहा था.

'' उसका जिस चिजपर विश्वास था ... उसने वह बनाया '' जाकोबने कहा.

'' सचमुछ ... कितना अविश्वसनिय लग रहा है सब '' स्टेलाके मुंहसे उस गुंफामें इधर उधर नजरे दौडाते हूए आश्चर्यसे निकल गया.

जाकोबने उसके टॉर्चकी रोशनी उस गुंफामें फिरसे चारो ओर घुमाई. रोशनीमें उनको औरभी कुछ कुंए दिखाई दिए. उसने उनमेंसे एक कुंएके बगलमें स्थित एक पत्थरपर अपने टॉर्चकी रोशनी डाली. उस पत्थरपर बडे अक्षरोंमें 'A1' ऐसा खुदा हूवा था. दुसरे एक कुंएके पास रखे पत्थरपर 'A2' तो और एक कुंएके पास रखे पत्थरपर 'A3' ऐसा लिखा हूवा था.

"" यहांतो काफी कुंए दिख रहे है..'' स्टेलाने कहा.

'' वे सिर्फ कुंए नही है ... तो वे और दुसरी दुनियामें प्रवेश करनेके रास्ते है... मतलब वे और दुसरे ब्लॅक होल्स है ...'' जाकोबने कहा.

'' ब्लॅकहोल्स... बापरे! मतलब ब्लॅकहोलके अंदर ब्लॅकहोल!...'' स्टेलाने आश्चर्यसे कहा.

'' हां बराबर है तुम्हारा... ब्लॅकहोलके अंदर ब्लॅक होल!'' जाकोबने हामी भरी.

'' और उन ब्लॅकहोल्सके अंदर ? '' स्टेलाने उत्सुकतावश और आश्चर्यसे पुछा.

'' उन ब्लॅकहोल्सके अंदर और ब्लॅक होल्स'' जाकोबने जवाब दिया.

'' उन ब्लॅकहोलके अंदरभी ब्लॅकहोल्स ! ... सचमुछ कितना अविश्वसनिय!'' स्टेलाके मुंहसे निकल गया.

'' बाहरके ब्लॅकहोलके अंदर यह सब ब्लॅकहोल्स... और उनके अंदर और ब्लॅकहोल्स... और उनकेभी अंदर ब्लॅकहोल्स ... लेकिन ऐसा कितनी बार ?... उसे कोई तो अंत होगा ?'' स्टेलाने पुछा.

'' है ना... ऐसा लगता है की उस वैज्ञानिकने A B C D और E ऐसी पांच लेव्हल्स बनाई हूई है ... मतलब A ब्लॅकहोलके अंदर B ब्लॅकहोल, B ब्लॅकहोल के अंदर C, C के अंदर D और D ब्लॅकहोल्सके अंदर E ब्लॅकहोल्स ऐसा ...'' जाकोबने उसे विस्तृत जानकारी दी.

'' पांच लेव्हल्स? ... मेरा तो विश्वासही नही हो रहा है ... सच कहूं तो किसीकाभी नही होगा.'' स्टेलाने आश्चर्यसे कहा.

जाकोब अब ब्लॅकहोल 'A3' की तरफ जाने लगा. स्टेलाभी उसके पिछे पिछे जाने लगी.

'' तुम्हे पता है ? ... इस ब्लॅकहोलके अंदर एक जादू है ... तुम्हे देखना है ?'' जाकोबने पुछा.

'' जादू... यह सबकुछ क्या कोई जादूसे कम है ?'' स्टेला अबभी चारो तरफ आश्चर्यसे देखते हूए बोली.

जाकोब उसे उसका हाथ पकडकर 'A3' कुंएके पास ले जाते हूए बोला,

'' वह तो कुछभी नही ... तुम्हे मै इससेभी बडी एक जादू दिखाता हूं ''

'A3' कुंएके पास आनेके बाद जाकोब रुक गया और स्टेलाकी तरफ मुडकर बोला, '' जरा तुम्हारे हाथमें बंधी घडी दोगी ?''

स्टेलाने जाकोबकी तरफ संभ्रमसे देखा.

'' तुम्हे मै जादू दिखानेही वाला हूं... पहले तुम्हारे पासकी वह घडी तो दोगी '' जाकोबने उसे गडबडाया हूवा देखकर कहा.

स्टेलाने अपने कलाईपर बंधी घडी निकालकर जाकोबके हाथमें थमा दी.

जाकोबने वह अपने कलाईपर बंधे घडीके साथ मिलाई और स्टेलाकी घडी ऍडजेस्ट करते हूए बोला, '' देखो अब दोनोभी घडीमे बराबर शामके 7 बज चूके है ''

स्टेला दोनो घडीकी तरफ एकके बाद एक देखकर मजाक करती हूई बोली, '' इसमें ऐसी कौनसी बडी जादू है ?''

'' थोडा सब्र तो करोगी .. अभी असली जादू शुरुही होनेकी है '' जाकोब उसकी तरफ देखकर मुस्कुराते हूए बोला.

वहभी उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी.

'' ठिक है ... '' स्टेला गंभीर होनेकी चेष्टा करती हूए बोली.

जाकोब फिरसे उसकी तरफ देखकर मुस्कुराया और वहभी अपनी गंभीर होनेकी चेष्टा छोडते हूए खुलकर मुस्कुराने लगी.


क्रमश:...


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Thursday, August 28, 2008

Hindi books - Black Hole CH-20 मृत शरीर

Quote of the day

It is in your moments of decision that your destiny is shaped.

--- Anonymous


स्टेला कुंएके किनारे खडी होकर डरी सहमीसी कुंएमें झांककर देख रही थी. अंदर कुछभी नही दिखाई दे रहा था, ना कुछ आवाज आ रहा था ना जाकोब अंदर होनेका कोई चिन्ह दिख रहा था.

जाकोबने कुंएमे छलांग तो लगाई ...

लेकिन वह गया कहा ?...

स्टेला कुंएके किनारेसे अंदर झांककर देखते हूए अचानक उसके पिछेसे किसीने धीरेसे उसके कंधेपर हाथ रख दिया. स्टेला एकदम घबराकर जोरसे चिल्लाई. उसने पलटकर, डरके मारे आंखे मुंदते हूए, वह हाथ अपने शरीरसे जितना दूर हो सकता है उतना झटक दिया.

'' डरो मत ... मै ही हूं '' उसे जाकोबका आवाज सुनाई दिया. तब कहा स्टेलाने अपनी आंखे खोली. आंखे फाड फाडकर आश्चर्यसे वह उसकी तरफ देखने लगी. जाकोब उसके सामने खडा था और उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा रहा था.

'' ओह माय गॉड!... मै कितनी डर गई... मेरा तो हृदयही लगभग रुकनेको आया था....'' स्टेला राहत की सांस लेते हूए बोली.

'' देखो मै पुरी तरह सुरक्षीत हूं ... एकभी जख्म नही की कही खरोचभी नही ...'' जाकोब उसकी तरफ देखते हूए, मुस्कुराते हूए बोला.

'' हां ना... सचमुछ ... '' स्टेला अबभी आश्चर्यचकीत थी.

'' अब तो कुंएमें छलांग लगाने के लिए तैयार हो ना ?'' जाकोबने पुछा.

'' लेकिन... तुम कैसे... कहांसे बाहर आगए ? '' स्टेलाने अविश्वासभरे स्वरमें पुछा.

'' वह एक जादू है ...'' जाकोबभी अब भाव खाने जैसा अविर्भाव करके बोला.

'' सिर्फ मेरे साथ कुंएमें छलांग लगावो... सबकुछ तुम्हे अपने आप समझमें आयेगा '' उसने कहा.

जाकोबने आखिर उसे छलांग लगानेके लिए मानसिक तौरपर तैयार किया और वह उसे उसका हाथ पकडकर कुंएके किनारे और पास ले आया. उसमें अबभी थोडी हिचकिचाहट बाकी थी.

स्टेलाने आंखे मुंदकर उसके साथ कुंएमें छलांग लगाई. उसकी चिखका आवाज वह जैसे जैसे निचे जा रही थी वैसे वैसे कम होते हूए एक जगह एकदमसे पुरी तरह बंद हो गया.

कुंएमें छलांग लगानेके बाद थोडीही देरमें स्टेला और गिब्सनको वे अंधेरेमें कही निचे जमीनपर पडे हूए है ऐसा मालूम पडा. जाकोबने और स्टेलाने तुरंत अपने अपने टॉर्चेस शुरु किए. तब उनके खयालमें आगया की वे एक पथरीले गुंफामें निचे जमिनपर पडे हूए है . जाकोबने अपने टॉर्चकी रोशनी उस गुंफामें चारो ओर घुमाई. चारो ओर, आसपास पथरीली दिवारें, उपरका छतभी पथरीला, और आसपास सब तरफ उस गुंफामें पत्थरके ढेर इधर उधर फैले हूए थे. .

जैसे स्टेलाने अपने टॉर्चकी रोशनी इधर उधर दौडाई वैसे वह एकदमसे जोरसे चिल्लाई. वह डरके मारे जाकोबसे किसी लताकी तरह चिपक गई और अपना चेहरा जितना हो सके उतना जाकोबके सिनेमें छूपानेका प्रयास करने लगी. जाकोबने उसे बाहोंमें भरकर वह जिधर देखकर इतना डर गई थी उधर अपने टॉर्चकी रोशनी डाली. वहभी एक पलके लिए घबरा गया. वहा आंशिक रुपसे सडा हूवा एक मानवी मृत शरीर पडा हूवा था. जाकोब उसका और अपना डर दूर करनेके लिए लंबी सांस भरते हूए बोला, '' वह सडा हूवा सिर्फ एक मुर्दा है ... यह उस पासवाले गांवके गायब हूए और फिरसे कभी वापस नही जा पाये ऐसे लोग है ... ''

स्टेला अब काफी संभलकर सामान्य होगई थी लेकिन वह अबभी जाकोबको चिपकी हूई थी. जाकोब अपना हाथ उसके बालोंमें फेरकर उसे हिम्मत बटानेकी कोशीश कर रहा था. वह जब होशमें आ गई तब वह शरमा गई और खुदको जाकोबसे अलग करते हूए उठकर खडी हो गई. जैसेही वह खडी हो गई वैसे चिखते हूए फिरसे जाकोबसे चिपक गई.

जाकोबने उसे पकडते हूए पुछा, '' अब क्या हो गया ?''

स्टेलाने अपने कांपते हूए उंगलीसे एक तरफ निर्देश किया. जाकोबने उधर टॉर्चकी रोशनी डालते हूए देखा तो उसकेभी शरीरसे एक डर भरी सिरहन दौड गई. उस सडे हूए मुर्देके जांघका हिस्सा किसी हिंस्त्र पशूने खाया हो ऐसे काटा हूवा दिख रहा था.


क्रमश:..


Quote of the day

It is in your moments of decision that your destiny is shaped.

--- Anonymous


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Wednesday, August 27, 2008

Hindi Novels - Black Hole CH-19 कुंएमें छलांग

Encouraging thoughts -

Never worry about the size of your Christmas tree. In the eyes of children, they are all 30 feet tall.

----- Larry Wilde, The Merry Book of Christmas


स्टेला जब फिरसे उसके भूतकालसे वर्तमानमें आगई तब जाकोबने कारकी गती एकदम कम की थी. उनकी कार अब एक हवेलीके तरफ धीरे धीरे चल रही थी. स्टेला किसी सपनेमें खोईसी उस हवेलीकी तरफ देखने लगी.

अरे यहतो वही हवेली है जो सपनेमें आई थी...

उसके आंखोके सामनेसे गिब्सन उस हवेलीसे बाहर आ रहा है ऐसा एक सपने का चित्र गुजर गया.

'' यह तो वही हवेली है ...'' स्टेलाके मुंहसे यकायक निकल गया.

स्टेलाने चारो तरफ नजरे घुमाकर देखा. हवेलीके इर्दगीर्द खेतोंमे सब तरफ घने पेढ और घास बढ चूकी थी. .

'' ... और जगहभी वही '' स्टेलाने आगे कहा.

जाकोबने हवेलीके सामने रास्तेपर एक किनारे अपनी कार खडी की. स्टेला और जाकोब दोनों कारसे उतर गए. जाकोबने उतरे बराबर कारसे अपने साथ दो टॉर्च लिए. एक उसने खुदके पास रखा और दुसरा स्टेलाके पास देते हूए कहा, '' यह लो... अंदर जरुरत पडेगी .''

जाकोब हवेलीकी तरफ जाने लगा. स्टेला संभ्रमसी अवस्थामें अपने हाथमेंका टॉर्च उलट पुलटकर देखते हूए उसके पिछे पिछे चलने लगी.

'' तूम यहां पहलेभी आये हो शायद ?'' स्टेलाने वह जिस आत्मविश्वाससे हवेलीकी तरफ जा रहा था उससे अंदाजा लगाते हूए पुछा.

'' हां ... एकबार .. गिब्सनके साथ..'' जाकोबने चलते हूए जवाब दिया.

'' कब?'' स्टेलाने आश्चर्यसे पुछा.

'' लगभग 15 दिन पहले... '' जाकोबने सिधा हवेलीकी तरफ ना जाते हूए दाई तरफ मुडते हूए कहा, '' इधरसे आवो ... ऐसे''

वह उसे हवेलीसे सटकर जो एक कुंआ था उसके पास ले गया. कुंएके पास आतेही स्टेला फिरसे अचरजमें पड गई. फिरसे उसकी आंखोके सामनेसे उसके सपनेका एक एक प्रसंग किसी चलचित्रकी भांती गुजरने लगा जिसमें वह कुंएके किनारे खडी थी. स्टेलाको गिब्सनकी फाईलमें रखा हुवा कुंएका चित्रभी याद आया.

जाकोब उसे कुंएके और पास ले गया.

'' यह कुंआ काफी दिनोंसे कोई इस्तेमाल नही करता ऐसा दिख रहा है ..'' स्टेलाने कहा.

'' यह कुंआ नही है .... '' जाकोबने बिचमेंही टोका.

'' इधर आकर अंदर झांककर तो देखो ..'' जाकोबने उसे और आगे ले जाते हूए कहा.

स्टेला डरती सहमती कुंएके किनारेतक गई. जॉकोब निचे झुंककर कुंएके अंदर झांकते हूए उसेभी निचे अंदर देखनेमें मदद करने लगा.

'' तुम जरा टॉर्च शुरु कर अंदर रोशनी डालोगे ?'' स्टेलाने उसे सुझाया.

जॉकोबने टॉर्च शुरु कर कुंएके अंदर रोशनी डाली. स्टेला और झुककर अंदर देखने लगी.

'' तुम्हे अंदर अंधेरेके सिवा कुछ नही दिखेगा .. यहां आसपासके लोग इस कुंएको 'ब्लॅक होल' कहते है '' जाकोबने कहा.

स्टेलाने उसकी तरफ आश्चर्यसे देखते हूए पुछा, '' ब्लॅक होल?... मतलब?... ऐसा क्या है इस कुंएमें ?''

जॉकोब कुछभी जवाब ना देते हूए दो कदम पिछे हट गया. स्टेलाभी उसके साथ पिछे हट गई.

'' अब तैयार हो जावो ... हमें इस कुंएमें कुदना है '' जाकोबने कहा.

'' क्या ? ... कुदना है ?... कुछभी मत बोलो '' स्टेला वह जैसे मजाक कर रहा हो इस अंदाजमें बोली.

जाकोब उसके पास खडा होकर उसके सहमतीकी राह देखते हूए एकटक उसकी तरफ देखने लगा.

'' मजाक मत करो ...'' उसने कहा.

'' नही मै मजाक नही कर रहा हूं ... सचमुछ हमें अंदर छलांग लगानी है .. चलो जल्दी करो... मेरे साथ अंदर छलांग लगानेके लिए तैयार हो जावो '' जाकोब गंभीरतासे बोला.

जाकोबने हलकेही उसका हाथ पकडकर उसे कुंएके पास ले जानेका प्रयास किया. स्टेला झटसे अपना हाथ छूडाते हूए पिछे हट गई.

'' नही .. नही मै नही आऊंगी '' वह घबराकर बोली.

जाकोबने अपना सर खुजाते हूए कुछ सोचा और कहा, '' ठिक है ... एक काम करो ... तुम यही रुको .. मै तुम्हे छलांग लगाकर दिखाता हूं ...''

जाकोब कुंएकी तरफ एक एक कदम बढाता हूवा जाने लगा. स्टेला अविश्वासके साथ उसकी तरफ देखने लगी. जाकोबने एकबार मुडकर उसकी तरफ देखा, उसकी तरफ देखकर वह मुस्कुराया और अचानक उसने कुंएमें छलांग लगा दी.


क्रमश:...

Encouraging thoughts -

Never worry about the size of your Christmas tree. In the eyes of children, they are all 30 feet tall.

----- Larry Wilde, The Merry Book of Christmas


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Tuesday, August 26, 2008

Hindi book - Black Hole CH - 18 सागर किनारे

Favorite Famous Quotes -

I made this letter longer than usual because I lack the time to make it short.

-------- Blaise Pascal


शामका समय था और सागरके किनारे, बीचपर ठंडी हवा चल रही थी. काफी प्रेमी युगल सागरके किनारे मस्त समांका आनंद लेते हूए इकठ्ठा हूए थे. सुझान और डॅनियल एक दूसरेका हाथ हाथमें लेकर बीचपर फैले रेतपर धीरे धीरे चल रहे थे. चलते हूए दोनोंभी कुछ ना बोलते हूए सामने दूरतक देख रहे थे, मानो अपने भविष्यमे आनेवाले जिवनमें झांक रहे हो.

'' अब लगभग पंधरा दिन हो चूके है ... मेरे भाईका अबभी कोई अता पता नही लग रहा है ...'' सुझान गंभिरतासे बोली.

डॅनियल उसकी तरफ देखने लगा, मानो उसकी भावनाएं समझते हूए उसे 'मैभी तुम्हारे दुखमें तुम्हारे साथ हूं' ऐसा कह रहा हो.

'' सुझान... तूम इतनी चिंता क्यों करती हो? ... हम पुरी कोशीश तो करही रहे है... '' डॅनियल उसे दिलासा देते हूए बोला.

'' भलेही स्टेला उपरसे नॉर्मल दिखती हो... वह अंदरसे पुरी तरह टूट चूकी है ... मै उसे इस हालमें देख नही सकता... कभी कभी तो रातमें कभीभी उठकर वह पागलोंकी तरह रोने लगती है ... '' सुझानने कहा.

'' मै तुम्हे पहलेसेही बता रहा था ...''

सुझानने डॅनियलकी तरफ प्रश्नार्थक मुद्रामें देखा.

''.... की उसे कोई अच्छे मनोचिकित्सकके पास ले जावो,... उसे काऊंन्सीलींगकी बहुत आवश्यकता है...'' डॅनियलने अपना अधूरा वाक्य पुर्ण किया.

इतनेमें वही बाजुमें बैठे एक आदमीने सुझानका ध्यान आकर्षीत किया. वह आदमी एक बेंचपर बैठकर न्यूजपेपर पढनेमें व्यस्त दिख रहा था. लेकिन वह न्यूजपेपर पढनेके बहाने सुझान और डॅनियलपर अपना ध्यान गडाए था ऐसा उन्हे एहसास हूवा.

'' डॅनियल देख... उस आदमीकी तरफ तो देख ''

डॅनियलने उस आदमीकी तरफ देखा. उन दोनोंकी नजरे मिलनेपर वह आदमी झटसे फिरसे पेपर पढनेकी चेष्टा करने लगा.

'' देख वह पेपर पढनेकी चेष्टा तो कर रहा है ... लेकिन उसका पुरा ध्यान अपनी तरफ है '' सुझानने कहा.

'' लंडनके प्लेनमें बैठकर न्यूयार्क जानेकी चेष्टा कर रहा है साला '' डॅनियलने व्यंगसे कहा.

यह दोनों लगातार उसकी तरफ देखकर कुछ चर्चा कर रहे है यह ध्यानमें आते ही वह आदमी वहांसे उठ गया और कुछभी नही हूवा इस अविर्भावमें वहांसे चला गया. वह आदमी दुसरा तिसरा कोई ना होकर जाकोब था.

सुर्यास्त हो चूका था और बिचपर और अंधेरा छाने लगा था. आकाशमें सागरके उस पार सुर्यास्तकी लाली अबभी बाकी थी. बिचपर एक जगह सुझान और डॅनियलके दो साए आलींगनबद्ध होकर सागरके लहरोंका आनंद ले रहे थे.

डॅनियलने सुझानकी तरफ एकटक देखते हूए कहा, '' हनी... मुझे लगता है की यही सही मौका है ?''

'' किसलिए ?'' सुझानने पुछा.

उसने उसकी आंखोमें देखते हूए पुछा, '' हम शादी कब करने वाले है ?''

सुझान बिना कुछ जताने की चेष्टा करते हूए सरलतासे बोली , '' मुझे सोचने दो ...''

डॅनियल आश्चर्यसे उससे अलग होते हूए बोला, '' क्या ? ... मतलब ?''

'' मतलब मुझे सोचने दो की कितने जल्दसे जल्द हम विवाहबद्ध हो सकते है ...'' सुझान मुस्कुराते हूए बोली.

'' ओह माय स्वीट सुझी'' उसे खुशीसे अपनी बाहोंमें खिंचते हूए डॅनियलने कहा. वह अब उसपर आवेगयुक्त चुंबनोका वर्षाव करने लगा था.


क्रमश:...


Favorite Famous Quotes -

I made this letter longer than usual because I lack the time to make it short.

-------- Blaise Pascal


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Monday, August 25, 2008

Hindi Book - Black Hole CH-17 दरवाजा खटखटानेका आवाज

Famous quotes -

Great works are performed, not by strength, but by perseverance.

----Samuel Johnson


सुझान अचानक गहरी निंदसे जागकर, उठकर बेडपर बैठ गई. उसे जोर जोरसे दरवाजा खटखटानेका आवाज आ रहा था.

शायद इसी आवाजकी वजहसे वह जाग गई थी...

वह एकदम उठकर बेडसे निचे उतरकर खडी होगई.

इस वक्त कौन होगा ?...

देखनेके लिए वह उसके बेडरुमके दरवाजेके पास गई. अबभी उसपर निंद का थोडा थोडा असर था. दरवाजा खोलकर अपनी आधी अधूरी खुली आंखोसे उसने बाहर देखा. बाहर कोई नही था. फिरभी दरवाजा खटखटानेका आवाज अबभी आ रहा था. अब सुझानकी निंद पुरी तरहसे खुल गई थी. वह जिस दिशासे आवाज आ रहा था उस दिशामें जाने लगी.

स्टेलाके बेडरुमके पास जातेही उसके खयालमें आ गया की स्टेलाका दरवाजा अंदरसे खटखटाया जा रहा है. उसने स्टेलाके बेडरुमका दरवाजा ठिकसे देखा तो उसे बाहरसे कुंडी लगी नही थी.

तो फिर वह दरवाजा अंदरसे क्यों खटखटा रही है ?...

कही दरवाजा जाम तो नही हूवा ?...

उसने दरवाजा अंदर धकेलकर देखा. लेकिन उसके खयालमें आया की स्टेलाभी दरवाजा अंदरसे धकेल रही है. जब सुझानने दरवाजा जोरसे धकेला, वह खुल गया. दरवाजा खुलतेही स्टेला डरी-सहमी स्थितीमें बाहर आ गई. वह पसिनेसे पुरी तरह भीग गई थी. बाहर आतेही वह सुझानसे चिपक गई.

'' क्या हूवा ?'' सुझान उसे शांत करनेका प्रयास करते हूए बोली.

'' कोई मेरी खिडकीसे अंदर झांक रहा था... और दरवाजाभी खुल नही रहा था. '' स्टेला किसी तरह बोली.

वह अबभी डरी हूई थी.

सुझान स्टेलाके बेडरुमके दरवाजेकी तरफ देखते हूए बोली, '' स्टेला तूम पागल तो नही हो?''

स्टेलाने आश्चर्यसे सुझानकी तरफ देखा, उसे सुझानका ऐसा बोलना अपेक्षीत नही था.

'' तुम्हारे बेडरुमका दरवाजा अंदरकी तरफ खुलता है ... तूम उसे बाहर धकेल रही थी... तो वह कैसे खुलेगा?'' सुझानने उसे पुछा.

संभ्रमकी स्थितीमें स्टेलाने खुले दरवाजेकी तरफ देखा. स्टेला फिरसे सुझानसे चिपक गई और फुटफूटकर रोने लगी. सुझान उसे सहलाकर समझानेका प्रयास कर रही थी.

'' जब मै आठ सालकी थी तब मेरी मां मुझे अकेली छोडकर चल बसी... बादमें मेरे पिताजी भी गए .... तब मै तेरा सालकी थी. .. और अब गिब्सनभी मुझे अकेली छोडकर चला गया ..'' स्टेला रोते हूए बोल रही थी.

सुझान उसे समझा बुझानेका प्रयास कर रही थी. '' शांत हो जावो... शांत हो जावो... चिंता मत करो... हम उसे जरुर ढूंढ लेंगे ...''


... स्टेला जब फिरसे अपनी सोचकी दुनियासे बाहर आ गई तब जाकोब अबभी कार चला रहा था. कार अब शहरसे काफी दूर आगई थी. दोनोंकी फिरसे नजरें मिली.

'' कहां जा रहे है हम ?'' स्टेलाने पुछा.

जाकोबने सीर्फ स्माईल देते हूए उसकी तरफ देखा. .

'' कहा है गिब्सन ?... तुम्हे पता है ?'' स्टेलाने आगे पुछा.

'' फिलहाल वह जिंदा है या मर गया ... मै कुछ बता नही सकता..'' जाकोबने कहा.

स्टेलाके चेहरेपर एक दुखभरी छटा छा गई .

'' लेकिन अगर वह जिंदा है ... तो हमे उसे ढूंढना होगा... और हम उसे ढूंढनेके लिएही जा रहे है ...'' जाकोबने कहा.


क्रमश:...


Famous quotes -

Great works are performed, not by strength, but by perseverance.

----Samuel Johnson


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Friday, August 22, 2008

Books collection - Black Hole CH-16 एक साया

precious thought -

Keep away from people who try to belittle your ambitions. Small people always do that, but the really great make you feel that you, too, can become great.

---- Mark Twain


.... स्टेला रास्तेपर अकेलीही चल रही थी. उसने रास्तेपर सामने देखा. आगे दूर दूर तक कोई नही दिख रहा था. उसने पलटकर पिछेभी देखा, पिछेभी दूर दूरतक रास्तेपर कोई नही दिख रहा था. फिरभी वह वैसीही सामने चलती रही. अचानक उसे रास्तेके किनारे एक खेतमें एक पुरानी हवेली दिखाई दी. अपने आपही उसके कदम उस हवेलीकी तरफ मुडे.

हवेलीके अंदर दिवारपर उसे बडे बडे पोर्ट्रेटस लगाये दिखाई दिए. हर पोर्ट्रेट मानो कुछ गुढ बतानेकी कोशीश कर रहा हो ऐसा उसे लग रहा था. एक दिवारपर उसे एक प्रिझमजैसा कुछ तराशा हूवा दिखाई दिया. उसने उस तराशे हूए प्रिझमको हात लगाकर छूकर देखा. काफी देर तक वह उस प्रिझमको छूकर देखती रही. मानो उस एहसासको वह अपने दिलमें समाना चाहती हो.

अचानक हवेलीमें उसे किसीके उपस्थितीका एहसास हूवा. उसने आसपास देखा. उसे हवेलीमें एक कोनेपर एक साया दिखाई दिया और उसने देखतेही वह साया आगे निकल गया. वह उस सायेका पिछा करने लगी. उसे दिलमें अंदर कही लग रहा था की हो न हो व साया गिब्सनकाही होगा.

'' गिब्सन '' स्टेलाने आवाज दिया.

अचानक वह साया अंधेरेमे गायब हो गया.

'' गिब्सन '' स्टेलाने और जोरसे आवाज दिया.

आवाज देते हूए उसने उसे पुरे पॅसेजमें ढूंढा लेकिन ना वह साया मिला ना गिब्सन.

अचानक दुरसे उसे हवेलीके मुख्य द्वारमें कुछ हरकत दिखाई दी. वह मुख्य द्वारकी तरफ दौड पडी. दरवाजेके पास पहूंचकर वह हवेलीके बाहरकी तरफ आसपास देखने लगी. हवेलीके सामने झाडीमें उसे कुछ हरकत दिखाई दी. इसलिए वह उस झाडीकी तरफ दौड पडी. अचानक उसे अहसास हूवा की वह एक कुंएके पाससे गुजर रही है. उसने कुंएकी तरफ देखा. उस कुंए को एक काले पत्थरोके ढेरने घेरा था. इतनेमें उसे उसके पिछे कुछ हरकत महसूस हूई. उसने पलटकर देखा तो गिब्सन हवेलीसे बाहर आ रहा था. वहभी धीरे धीरे उसकी तरफ बढने लगी. अचानक उपरसे कौंधती हूई रोशनी गिब्सनके उपर गिर गई. उस रोशनीके वजहसे गिब्सनका साया जमीनपर दिख रहा था. लेकिन धीरे धीरे वह जमीनपर पडा साया अदृष्य हो गया. स्टेला और जोरसे... लगभग उसकी तरफ दौडही पडी. लेकिन जबतक वह उसकेपास पहूंचती तबतक गिब्सनभी धीरे धीरे गायब हो चूका था. वह जहां खडा था वहां वह पहूंच गई और देखती है तो जहां गिब्सन खडा था वहां जमीनपर एक पारदर्शक पत्थर पडा हूवा था. उसने वह पत्थर उठाया और उस पत्थरकी तरफ देखकर वह फुटफूटकर जोर जोरसे रोने लगी.


... जब अपनी हथेलीकी तरफ देखते हूए स्टेला निंदसे जागी तब उसे पता चला की वह जो देख रही थी वह एक सपना था. उसने फिरसे अपने हाथेलीकी तरफ देखा. हाथमें कुछभी नही था. उसने डरके मारे अपने आसपास देखा, तब उसके खयालमें आया की वह अपने बेडरुममें बेडपर सोई हूई थी.

वह बेडसे निचे उतर गई. अचानक उसे अहसास हो गया की उसके बेडरुमके खिडकीसे झांककर कोई अंदर देख रहा है. उसने खिडकीकी तरफ देखा तो उसे कोई एकदमसे निचे बैठते हूए छूपता हूवा नजर आया. वह जैसीही खिडकीके पास पहूंच गई एक साया वहांसे झटसे उठते हूए भाग गया. वह अब घबरा गई थी. तुरंत वह अपने बेडरुमके दरवाजेकी तरफ लपक गई.


क्रमश:...

Precous thought -

Keep away from people who try to belittle your ambitions. Small people always do that, but the really great make you feel that you, too, can become great.

---- Mark Twain


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Thursday, August 21, 2008

Free Books - Black Hole CH-15 दुनियामें सबसे बडा कलाकार कौन होता है ?...

Thought of the day

You can have everything in life that you want if you just give enough other people what they want.

--- Zig Ziglar


सुझान पुलिस ऑफीसर ब्रॅटको घरके बाहरतक छोडनेके लिए आगई. लेकिन बाहर आनेके बाद वह फिरसे दरवाजेके पास इधर उधर करता रहा. शायद उसे और कुछ बोलना था, इसलिए सुझान वही रुक गई.

इतनेमें घरके गेटके सामने एक बाईक आकर रुक गई. गाडीस्वारने अपनी हेलमेट निकाली. वह सुझानका दोस्त डॅनियल था. दरवाजेमें ब्रॅट और सुझानको देखकर वह वही रुक गया और गाडीपर वैसाही बैठा रहा. ब्रॅटने फिरसे अपनी शकभरी निगाहोसे डॅनियलकी तरफ देखते हूए पुछा,

'' वह कौन है?''

'' मेरा दोस्त .. डॅनियल'' सुझानने जवाब दिया.

ब्रॅटने डॅनियलकी तरफ थोडे अजिब ढंगसे देखते हूए दबे स्वरमें कहा,

'' आय सी... प्यासा बराबर कुंएपर आया लगता है ''

'' क्या ? .. आपने कुछ कहा ?'' सुझानने उसकी अस्पष्ट बडबड सुनते हूए कहा.

'' नही ... कुछ नही '' ब्रॅटने फिरसे सुझानकी तरफ देखते हूए कहा.

फिरसे ब्रॅटने वहांसे जानेके लिए मुडते हूए कहा,

'' स्टेलाका खयाल रखो ... वह एक बडे आघातसे गुजर रही है ... मतलब कमसे कम उपरसे वैसा 'लग रहा है' ...''

ब्रॅटका 'लग रहा है ' इन शब्दोंपर जरुरतसे जादा दबाव दिया हूवा स्वर सुझानको अपशब्दसा लगा.

"''लग रहा है '... मतलब आप क्या कहना चाहते है ?'' सुझानने पलट वार करके पुछा. .

ब्रॅट गेटकी तरफ निकल गया था, वह फिरसे ब्रेक लगे जैसा रुका और अजिब ढंगसे हंसते हूए सुझानकी तरफ पलटते हूए बोला,

'' वह क्या है ना की ... दुनियामें सबसे बडा कलाकार कौन होता है ?... पता है ?'' ब्रॅटने पुछा.

सुझानने संभ्रममें उसकी तरफ प्रश्नार्थक मुद्रामें देखा.

अब यह और क्या बडबडा रहा है ?...

उसे कुछ समझ नही आ रहा था.

वह कुछ कदम गेटकी तरफ चलते हूए फिरसे रुका और और उसकी तरफ मुडते हूए बोला,

'' गुनाहगार... गुनाहगार दुनियामें सबसे बडा कलाकार होता है ..''

वह कुछ बोलनेके पहलेही वह तेजीसे अपने कदम बढाते हूए गेटके बाहरभी पहूंच गया था.

गेटके बाहर जानेके बाद वह फिरसे बाईकपर बैठकर वहीं रुके डॅनियलके पास रुक गया. उसके एकदम पास जाकर उसने उसके कंधेपर थपथपाने जैसा किया और उसकी कॉलर बराबर की.

जो चल रहा था वह डॅनियलके समझ के बाहर था. वह सिर्फ संभ्रममे उसकी तरफ देख रहा था.

अचानक फिरसे मुडकर ब्रॅट तेजीसे कदम बढाते हूए अपनी जिपकी तरफ निकल पडा. डॅनियल अबभी गडबडाए हूए स्थितीमें ब्रॅटको जिपकी तरफ जाता हूवा देख रहा था.


ब्रॅटकी जिप शुरु होगई और तेजीसे वहांसे निकल गई. डॅनियल अपने चेहरेके सामने उडी धुल और धुंएको अपने हाथसे हटानेकी कोशीश करते हूए उस जा रही जिपको देख रहा था.


क्रमश:...


Thought of the day

You can have everything in life that you want if you just give enough other people what they want.

--- Zig Ziglar


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Wednesday, August 20, 2008

Online Entertainment - Novel - Black Hole CH-14 सुझानका जाब जवाब

Today's quote -

Neither a lofty degree of intelligence nor imagination nor both together go to the making of genius. Love, love, love, that is the soul of genius.

----Wolfgang Amadeus Mozart


ड्रॉईंग रुममें सुझान और पुलिस अधिकारी ब्रॅट आमने सामने बैठे थे.

'' तुम्हे क्या लगता है ?'' अचानक कुछभी संदर्भ ना देते हूए ब्रॅटने सुझानसे सवाल पुछा.

गडबडाकर सुझानने उसकी तरफ देखा.

'' मतलब ... गिब्सन कहां गया होगा ?'' ब्रॅटने और स्पष्ट करते हूए पुछा.

'' नही ... मुझे तो कुछभी अंदाजा नही है ... वैसे देखा जाए तो वह हमेशा बहुत प्रॉम्ट रहता था.... दो तिन घंटेके लिएभी अगर उसे देर होती हो तो वह फोन कर बताता था... '' सुझानने कहा.

'' तुमभी वही बोल रही हो जो तुम्हारे भाभीने कहां '' ब्रॅटने व्यंगात्मक ढंगसे कहा.

'' सच कहूं ... तो ऐसा कभी पहले हूवा ही नही ...'' सुझानने कहा.

'' उसकी किडन्यपींगकी संभावनाके बारेमे तुम्हारा क्या खयाल है ? ब्रॅटने पुछा.

'' उसे कौन किडन्यप कर सकता है ?'' सुझानने मानो खुदसेही सवाल पुछा.

'' कोई उसका शत्रु... कोई दुष्मन...'' ब्रॅटने सुझाया.

'' नही ... मुझे नही लगता... दुष्मन तो छोडो उसे जादा दोस्त भी नही है ... उसका स्वभावही वैसा है ... थोडा शर्मीला थोडा अंतर्मुखी ...'' सुझानने कहा.

ब्रॅट अपना सर खुजाने लगा, शायद कुछ सोच रहा हो.

'' उसका वैवाहीक जिवन कैसा था ?... आय मीन ... वह अपने वैवाहीक जिवनसे खुश था ?'' ब्रट अपनी तहकिकात का रुख अब दुसरी संभावनाकी तरफ ले गया.

'' ऍब्सुलेटली... '' सुझानने एक पलभी ना सोचते हूए जवाब दिया.

'' स्टेलाका दृष्टीकोण उसके बारेमें कैसा है ?'' ब्रॅटने आगे पुछा.

'' अच्छा है ... मतलब वह हमेशा उसके साथ किसी दोस्त की तरह बर्ताव करती है '' सुझानने कहा.

'' स्टेलाके बारेमें कुछ संदेहास्पद? '' ब्रॅटने पुछा.

'' संदेहास्पद? ... यानी आप कही उसपरतो शक नही कर रहे हो?... वह एकदम सरल है ... आप जो उसके बारेंमे शक कर रहे हो वैसा करने का तो छोड दो ... वैसा वह सोचभी नही सकती '' सुझानने एकदम स्पष्टतासे स्टेलाके बारेंमे अपनी राय रखी. .

'' नही, वैसा नही ... मेरा शक थोडा अलग है '' ब्रॅट अपना कहना और स्पष्ट करनेकी कोशीश करने लगा.

'' अलग... मतलब... आप क्या कहना चाहते है ?'' सुझानने आश्चर्य व्यक्त करते हूए कहा.

'' मतलब... मेरा मतलब है ... कुछ एक्स्ट्रामॅरायटल अफेअर ... या वैसाही कुछ...'' ब्रॅटको अपना शक जाहिर करना कठीन जा रहा था. .

'' नही .. नही ... वैसा मुमकीनही नही ..'' सुझानने दृढतासे कहा.

सुझानको ब्रॅटने अपने भाभीके बारेमें ऐसा कहना शायद अच्छा नही लगा था.

'' मुझे माफ करो ऑफीसर ... लेकिन मुझे लगता है आप अपनी मर्यादा लांघ रहे हो ...'' सुझान गुस्सेसे लाल लाल होते हूए बोली.

लेकिन बादमें अपने गुस्सेपर काबू करनेकी कोशीश करते हूए बोली, '' .. मतलब ... मुझे लगता है आप अपनी तफ्तीश गलत दिशामें कर रहे हो ... उसकी तरफ जरा देखो... और सोचो... वह ऐसा कुछ कर सकती है ?''

ब्रॅट अजिब तरहसे मुस्कुराते हूए बोला, '' तुम्हे पता है ... दिखानेके और चबानेके दात हमेशा अलग अलग होते है ''

'' हरा चष्मा पहने आदमीको सब तरफ हरीयालीही नजर आती है '' सुझानभी गुस्सेसे बोल पडी.

'' देखो... मिस ..?'' ब्रॅट मानो उसे उसका नाम याद नही आ रहा है ऐसा अविर्भाव करते हूए बोला.

'' सुझान .. मिस सुझान..'' सुझानने बिचमें टोकते हूए उसे अपना नाम याद दिलाया.

'' हां... मिस सुझान... मै आपकी भावनाएं समझ सकता हूं ... लेकिन मै विवश हूं ... यह मेरे हमेशाकी तफ्तीशका हिस्सा है ...'' ब्रॅटने कहा.

सुझान खिडकीसे बाहर देखते हूए दातोंसे अपने नाखून काटते हूए अपना गुस्सा काबूमें करनेका प्रयास कर रही थी.

'' तुम जरा शांत हो जावो ... जस्ट रिलॅक्स '' ब्रॅटने उसका गुस्सेसे लाल लाल हूवा चेहरा देखकर उसे शांत करनेका प्रयत्न किया.

साथही वह ऐसे नाजुक मौकेपर कुछ महत्वपुर्ण बोल सकती है यह संभावना भी उसके दिमागमें थी.

लेकिन उसके अपेक्षा अनुरुप सुझान कुछ नही बोली.

ब्रॅट जानेके लिए उठ खडा हूवा.

'' ठिक है तो फिर ... मै चलता हूं ... तुम्हे कुछ महत्वपुर्ण, मुझे बताने लायक ... '' ब्रॅटने अंदर दरवाजेके पडदेकी तरफ अर्थपुर्ण नजरसे देखते हूए आगे कहा, '' ... या कुछ छिपानेलायक मिला तो मुझे फोन करना ना भूलीएगा ''

'' हां जरुर '' सुझानभी उठकर खडी होते हूए बोली.

ब्रॅट दरवाजेकी तरफ जाने लगा और जाते हूए अचानक एकदम रुक गया, फिरसे उसने घरके अंदर झांककर देखा. उसने इधर उधर अपनी नजर दौडाई और अंदर दरवाजेका हिला हूवा पडदा उसकी पैनी नजरसे छूट नही सका.

वह फिरसे मुड गया और तेजीसे लंबे लंबे कदम भरते हूए वहांसे चला गया. सुझान उसके साथ उसे बाहरतक छोडने गई.


क्रमश:...


Today's quote -

Neither a lofty degree of intelligence nor imagination nor both together go to the making of genius. Love, love, love, that is the soul of genius.

----Wolfgang Amadeus Mozart


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Monday, August 18, 2008

Wish me a best luck please!

Indeed its great pleasure to inform you know that my movie concept "Honey" / "Madhurani" is been selected for the first round of the Movie screenplay talent hunt contest "Sankalan", conducted by Mahindra and Manhindra group and Baiscope entertainment combinely. In the first round 24 entries are selected from 174 movie concepts. subsequently in the second round it will remain to 12, in third to 6 and in the last round only 3 entries will be selected.
Just pray for me that I could make those last 3!


Thanks!
Sunil Doiphdoe


http://www.baiscopeent.com/sankalan

Thursday, August 14, 2008

Hindi Book online - Black Hole CH-13 इन्व्हेस्टीगेश्न

Favorite Famous Quotes -

Whatever the mind can conceive and believe, the mind can achieve.

---Dr. Napoleon Hill


...जब स्टेला अपने विचारोंके श्रुंखलासे बाहर निकली तब उसके खयालमें आगया की जाकोब कार ड्राईव्ह कर रहा है और वह उसके बगलके सिटपर बैठी हूई है. वह फिरसे सामने रास्तेपर देखने लगी. जाकोबने एक शरारतभरा कटाक्ष उसकी तरफ डाला.

'' कुछ दिन पहलेही गिब्सन मेरे पास आया था '' जाकोबने कहा.

'' तुम्हारे पास?... वह तुमसे मिला ?'' स्टेलाने सिधे बैठते हूए, उत्सुकतावश पुछा. .

उसने सिर्फ सर हिलाकर 'हां' कहा.

'' किस सिलसिलेमें ?'' उसने पुछा.

लेकिन जाकोबने कोई जवाब नही दिया. मानो उसे कुछ सुनाई दियाही ना हो.

स्टेलाने सोचा की उसे ड्राईव्ह करते हूए पुछताछ करना उचीत नही होगा. इसलिए वह फिरसे सामने रास्तेपर देखने लगी. और देखते हूए फिरसे अपने विचारोंके विश्वमें खो गई ....


.... स्टेला ड्राईंगरुममें बैठी हूई थी और उसके सामने सोफेपर एक पुलिस अधिकारी ब्रॅट बैठा था. ब्रॅट लगभग सैतीसके आसपास, जाडा, उंचाई कम लेकीन पुलिसमें भरती होनेके लिए काफी हो इतनी, ऐसा पुलिस अधिकारी था. स्टेला अबभी शुन्यमें देखते हूए अपने खयालोंमे खोई हूई थी. वह पुलिस अधिकारी ध्यानपुर्वक उसकी हर हरकत निहार रहा था.

'' हां तो आप क्या बोल रही थी ?'' ब्रॅटने अपने नोटबूकमें कुछ महत्वपुर्ण बाते दर्ज की और ग्लाससे पाणीका एक घूंट लेते हूए उसे आगे पुछा.

स्टेलाने अपने खयालोंसे बाहर आते हूए एक ठंडी आह भरी और आगेकी जानकारी बताने लगी, '' वह तो गाडीसे चला गया ... और मै उसके गाडीके पिछे उसे आवाज देती हूई दौडती रही... लेकिन उसने पिछे मुडकर भी नही देखा ... एक बार भी नही ... आज लगभग एक सप्ताह होनेको आया है ... वह तो आयाही नही लेकिन उसका कुछ संदेशा या फोनभी नही आया ...''

ब्रॅट अपने हाथमें थमा पाणीका ग्लास वापस रखनेके सोचमें था, उसने वह ग्लास वैसेही हवामें, अपने हाथमें रखते हूए पुछा, '' तबसे किसीने उसके फोन वैगेरे कुछ किया ?''

'' नही'' स्टेलाने कहा.

ब्रॅटने उसकी तरफ देखते हूए अपने हाथमें थमा पाणीका ग्लास वापस टेबलपर रख दिया. अब वह कमरेंमे रखी एक एक चिज ध्यानसे निहारने लगा. कमरेमें एक दिवारपर लगे एक कॉलेजमें जाती युवतीके फोटोने उसका ध्यान आकर्षीत किया.

'' वह कौन है ?'' ब्रॅटने पुछा.

'' सुझान ... मेरे पतीकी बहन '' स्टेलाने जवाब दिया.

'' वह क्या करती है ?'' ब्रॅटने उस फोटोकी तरफ एकटक देखते हूए पुछा.

'' एम. बी. ए. लास्ट इयर '' स्टेलाने जवाब दिया. .

'' क्या मै उससे बात कर सकता हूं?'' ब्रॅटने अपना माथा खुजाते हूए पुछा.

'' सुझान...'' स्टेलाने अंदर जोरसे आवाज दिया.

'' मतलब... अकेलेमें '' ब्रॅटने बिचमें टोका.

उसके कहनेका मतलब समझकर स्टेला अपने जगहसे उठ गई और भारी कदमोंसे अंदर जाने लगी.

'' दो मिनीट... मै उसे भेजती हू .'' बोलते हूए स्टेला अंदर जाने लगी.

ब्रॅट स्टेलाको धीरे धीरे अंदर जाता हूवा देखने लगा.


क्रमश:...


Favorite Famous Quotes -

Whatever the mind can conceive and believe, the mind can achieve.

---Dr. Napoleon Hill


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Wednesday, August 13, 2008

Hindi Book online - Black hole CH-12 साया कहा गया ?

Famous quotes -

An eye for eye only ends up making the whole world blind.

--- Mahatma Gandhi


स्टेलाके घरकी बेल बज गई. उसने सामने जाकर दरवाजा खोला तो दरवाजेमें गिब्सन खडा था. वह दरवाजा खोलनेके बाद उसकी तरफ कोई खास ध्यान ना देते हूए सिधा घरमें घुस गया. स्टेला उसकी तरफ लगातार देख रही थी. उसका चेहरा मलिन और दाढी के बाल दो चार दिनके बढे हूए दिख रहे थे.

'' कहां थे ?'' स्टेलाने पुछा.

गिब्सन कुछ नही बोला.

'' ना फोन ना कोई संदेशा '' वह आगे बोली.

फिरभी गिब्सन उससे कुछ ना बोलते हूए घरमें जा रहा था.

'' मै आपसे बात कर रही हूं ... दिवारोंसे नही '' वह चिढकर बोली.

फिरभी वह कुछ बोला नही.

'' गिब्सन प्लीज... मै तुमसे बात कर रही हूं '' वह उसके रास्तेमें खडी होते हूए बोली.

वह रुक गया, लेकिन उसकी तरफ ना देखते हूए बोला, '' मुझे लगता है हम इस बारेंमें बादमें कभी बात करें तो अच्छा होगा.... फिलहाल मै जल्दीमें हूं ''

गिब्सन बेडरुममें घुस गया. स्टेला वह बेडरूममें जानेतक उसे घूरती रही.

स्टेलाको उसके इस तरहके बर्तावका आश्चर्य लग रहा था. वह इससे पहले कभी ऐसा किसी अजनबीकी तरह पेश नही आया था.

स्टेला किचनमें ब्रेकफास्ट बनानेमें व्यस्त थी. उसने पॅनके किनारे हलकेही एक अंडा टकराकर तोडा और अंदरके बलकको पॅनपर उंडेलते हूए पॅनपर फैलाया. इतनेमें उसे सामनेके दरवाजेका आवाज आ गया. उसने अपना ऑम्लेट बनाना रोका.

गिब्सन बाहर तो नही गया ?...

लेकिन वह ऐसे कैसे बिना बोले बाहर जा सकता है ?..

वह किचनका काम वैसाही आधा अधूरा छोडकर सामनेके दरवाजेके तरफ लपकी.

जाते हूए उसे बेडरुमका दरवाजा खुला दिखा और बेडरुममें निचे जमीनपर एक कोयलेसे निकाला हूवा चित्र पडा हूवा दिखाई दिया. उसने जाकर वह चित्र उठा लिया. जैसेही वह वह कागज लेकर खडी हो गई, बेडरुममें टेबलपर रखे किसी चिजने उसका ध्यान आकर्षीत किया. एक बडी चिख उसके मुंहसे निकल गई. किसी जानवरकी खोपडी टेबलपर रखी हूई थी. वह तुरंत बाहर आगई और सामने दरवाजेकी तरफ लपक पडी. उसे गिब्सन अपने कारकी तरफ जाता हूवा दिखाई दिया. स्टेला लगभग दौडते हूएही उसके पास पहूंच गई.

'' कहां जा रहे हो ? ... और बेडरुममें वह टेबलपर क्या रखा हूवा है ?...'' उसने सांस फुले हालमें पुछा.

फिरभी गिब्सन कारकी तरफ कुछ ना बोलते हूए चलता रहा.

'' गिब्सन ... कुछ तो बोलो '' वह चिढकर बोली.

गिब्सन एकदम रुक गया.

'' मै अभी आया...'' वह उसकी तरफ मुडकर बोला और फिरसे अपनी कारकी तरफ चलने लगा.

अचानक जब स्टेलाका जमिनकी तरफ ध्यान गया उसका मुंह आश्चर्यसे खुलाकी खुलाही रह गया.

उसने देखा की सुबहके धूपमें आंगनमें कारका साया तो दिख रहा था लेकिन... लेकिन... गिब्सनका साया नही दिख रहा था. उसके शरीरसे एक डरकी सिरहन दौड गई. ऐसा तो वह पहली बार देख रही थी. उसे बोलना था लेकिन उसकी जुबान नही चल रही थी. अचानक कुछ पलमेंही उसका पुरा बदन पसिना पसिना हो गया. उसने फिरसे एकबार उसकी तरफ देखा और फिरसे जमीनकी तरफ देखा. सचमुछ उसका साया नही दिख रहा था.

इतनी देरमें गिब्सन कारमें घुस गया, कारका दरवाजा जोरसे अंदर खिंचकर बंद कर लिया और कार शुरु की.

जब स्टेला उसे लगे हादसे उभर गई, उसने आवाज दिया, '' गिब्सन''

लेकिन उसका ध्यान उसकी तरफ कहा था. वह तो अपनेही विचारोंमे खोया था. वह दौडते हूए उसके पास जाने लगी इतनेमें उसकी कार दौडने लगी.

'' गिब्सन सुन ...'' वह जा रहे कारके पिछे दौडते हूए पिछेसे आवाज दे रही थी.

लेकिन उसकी कार अब तेजीसे दौडने लगी.

'' गिब्सन '' उसने जोरसे एकबार आवाज दिया और वह रास्तेपरही रुक गई.

थोडीही देरमें कार उसकी नजरोंसे ओझल हो गई.

आज आधी रातको फिरसे गिब्सन उस कुंएके पास आ गया. कुंएके किनारे खडे होकर उसने उसके टॉर्चकी रोशनी कुंएमें डाली. सब कुछ कैसा काला काला अंधकारमय था. ...अंत तक... लेकिन हां ... अगर उसे कोई अंत हो तो! दो कदम वह कुंएसे पिछे हट गया और अचानक उसने कुंएमें छलांग लगाई. ना आवाज .. ना कुछ... सिर्फ सन्नाटा... काले कुंएमें अंधेरेको चिरता हूवा भयानक सन्नाटा...


क्रमश:...


Famous quotes -

An eye for eye only ends up making the whole world blind.

--- Mahatma Gandhi


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Tuesday, August 12, 2008

Hindi Books - Black Hole CH-11 टाईम इज मनी ऍन्ड स्पेस इज ऍन ऍसेट

Inspirational thoughts -

There is only one success--to be able to spend your life in your own way.

--- Christopher Morley


वह हवेली गिब्सनको चैनसे बैठने नही दे रही थी. क्योंकी आज रात फिरसे गिब्सन उस हवेलीमें आया था. हवेलीके अंदर उसे एक जगह एक बडा पत्थर दिखाई दिया. उसने कुछ क्षण उस पत्थरकी तरफ और उस पत्थरके इर्द गिर्द देखा और पुरी ताकदके साथ वह उस पत्थरको वहांसे हटानेमें जुट गया. जैसेही वह पत्थर वहांसे थोडा खिसक गया उसे पत्थरके पिछे कुछ खाली जगह दिखाई दी और उसका चेहरा खुशीसे दमकने लगा. उसका अंदाजा सही निकला था. वह पत्थर वहांसे पुरी तरह हटातेही उसे वहां अंदर जाता हूवा एक काला अंधेरेसे भरा संकरा रास्ता दिखाई दिया. उसने अपने पासके टॉर्चसे अंदर रोशनी डाली. अंदर एक गुढ और पुरानी गुफा दिखने लगी. अपने टॉर्चकी रोशनी डालते हूए वह अंदर उस गुंफामें जाने लगा.

गुंफाके अंदर जातेही उसने अपने टॉर्चकी रोशनी इधर उधर घुमाई. उस गुंफामें उसे अलग अलग भौतिकशास्त्रके औजार और उपकरण इधर उधर फैले हूए दिखाई दिये. सारे उपकरण और औजारोंपर धुल जमी हूई थी. गुंफामें सब तरफ कागजके टूकडे और कोयलेसे निकाले हूए चित्र इधर उधर फैले हूए थे. गुफांमे एक कोनेमें रखी हूई उसे एक रेतकी घडी दिखई दी, जिसमें रेत बहुत धीमेसे अबभी बह रही थी. वहां रखे उपकरणोंपर जमें धुलसे साफ था की वे काफी दिनोसे इस्तेमाल नही किये गए थे और ना छुए गए थे. गिब्सन उस गुफामें रखी चिजोंको टालता हूवा सावधानीपुर्वक एक तरफसे दुसरी तरफ पहूंच गया.

गिब्सन उस गुंफाकी एक दिवारपर टार्चके रोशनीमें गौरसे देखने लगा. उसे उस धुलसे मलिन दिवारपर अस्पष्टसा कुछ लिखा दिखाई दिया. धुलकी वजहसे क्या लिखा था यह पहचानमें नही आ रहा था. इसलिए गिब्सनने वहांकी धुल साफ की. दिवारपर कुछ अक्षर दिखने लगे, लिखा था, '' टाईम इज मनी..'. उसके सामनेभी कुछ अस्पष्टसा लिखा दिखाई दे रहा था इसलिए गिब्सनने दिवारपर आगे जमीभी धुल साफ कर दी. सामने लिखा था, ''... ऍन्ड स्पेस इज ऍन ऍसेट ''

'' टाईम इज मनी ऍन्ड स्पेस इज ऍन ऍसेट'' गिब्सको पुरे वाक्यमें कुछ अर्थ छिपा दिखाई देने लगा.

गिब्सन वह दिवारपर लिखा पढनेके बाद दुसरी तरफ मुडा. इतनेमें उसके सरपर कुछ गिर गया. घबराकर वह दो कदम पिछे हट गया. टॉर्चके रोशनीमें उसने देखा तो पुराने, कही कही फटे कागजोंका एक बडासा बंडल निचे जमिनपर गिरा था. वे पुराने कागज जिर्ण होकर पिले पिले हो गए थे. उसने वह बंडल उठाया और वह एक एक कागज पलटकर देखने लगा. उन कागजोपर कुछ गणिती सुत्र लिखे हूए थे तो कही कही कुछ चित्र निकाले हूए थे. गिब्सन अब वह कागजाद गौरसे पढने लगा. धीरे धीरे उसके चेहरेपर कुछ मिलनेकी खुशी झलकने लगी. जैसे जैसे वह आगे पढने लगा, उसका चेहरा औरही खिलने लगा. धीरे धीरे उसका चेहरा इतना जादा खुश दिखने लगा की वह पागल तो नही हूवा ऐसा किसीको संदेह हो.

गिब्सन उस कुंएके एकदम किनारे खडा था. इतना नजदिक की उसे उस कुंएमें गिरनेकाभी डर नही लग रहा था. उसके हाथमें अबभी वह कागजाद थे. उसने और सामने जाकर एकबार कुंएमें झांककर देखा.

दो कदम पिछे आकर वह फिरसे टॉर्चके रोशनीमें वह कागजाद उलट पुलटने लगा. उसके चेहरेपर फिरसे वह पागलोंसी मुस्कुराहट फैलने लगी.


क्रमश:..


Inspirational thoughts -

There is only one success--to be able to spend your life in your own way.

--- Christopher Morley


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Monday, August 11, 2008

Online books - Black Hole CH-10 वह बॉल कहा मिला?

Quote of the day-

The thing always happens that you really believe in; and the belief in a thing makes it happen.

----Frank Loyd Wright


सुबहकी चाय लेते हूए गिब्सन ब्रायनके घर उसके सामने बैठा हूवा था. ब्रायनके सरको बंधे बॅन्डेजकी तरफ देखकर गिब्सनको रातकी घटना याद आ गई. उसे हसींभी आ रही थी और ब्रायनके सरको अच्छा खांसा जोरसे फटका बैठा था इसका दुखभी लग रहा था. अपनी हंसी चेहरेपर ना आए इसकी खबरदारी लेते हूए उसने गंभीर होकर ब्रायनको पुछा, '' अब ठिक है ना ?''

ब्रायनने सिर्फ हांमे सर हिलाया.

थोडी देर कोई कुछ नही बोला.

'' तुमने कभी किसीको उस हवेलीमें वास्तव्य करते हूए देखा ?'' गिब्सनने पुछा.

उसके दिमागमें अबभी उस हवेलीकेही विचार घुम रहे थे.

'' नही... लेकिन लोगोंका कहना है की एक बुढा आदमी उस हवेलीमे रहता था.... मतलब काफी साल पहलेकी बात है ...'' ब्रायन बोल रहा था.

'' उनके अनुसार गांवमें किसीसेभी वह बात नही करता था... कोई कहता था की वह शहरसे आया... लेकिन पक्का किसीकोभी कुछ मालूम नही था... '' ब्रायनने आगेकी जानकारी बताई.

'' फिर अब कहां है वह ?'' गिब्सनने पुछा.

'' नही ... किसीकोभी मालूम नही ... मेरे पिताजी कहतेथे की वह भूत होगा... क्योंकी वह गायब होनेके बाद किसीकोभी उसकी लाश या कुछभी नही मिला... '' ब्रायनने कहा.

'' भूत? ... तुम्हारा भूतोंपर विश्वास है?'' गिब्सनने पुछा.

'' मुझे लगता है वहभी ऐसेही उस ब्लॅकहोलमें गायब हुवा होगा '' ब्रायनने कहा.

गिब्सन फिरसे अपने विचारोंकी दुनियामें चला गया और एकदम कुछतो खयालमें आये जैसे उसने पुछा, '' वह कुंआ कब खोदा होगा इसका कोई अनुमान?''

'' लोक कहते है की वह आया और उसने खुद अकेलेही वह कुंआ खोदा ... उसके सनकी और अनोखे व्यवहारकी वजहसे लोग उसे घबराते थे....'' ब्रायनने कहा.

इतनेमें ब्रायनका लगभग सात-आठ सालका लडका फ्रॅंक बाहरसे दौडते हुए वहा आ गया. लडकेका रंग भलेही काला हो लेकिन वह चेहरेसे एकदम क्यूट था. गिब्सनने बिचमें खडे होकर उसे रोका,

'' हॅलो क्यूटी ... क्या नाम है तुम्हारा ?''

उस लडकेने अपने पिताकी तरफ देखा. उसके पिताने इशारेसेही हामी भर दी. उस लडकेने शरमाते हूए इधर उधर देखते हूए धीमें स्वरमें अपना नाम बताया, '' फ्रॅंक ''

'' अरे वा... अच्छा नाम है '' गिब्सन उसका गाल थपथपाते हूए बोला. .

अब गिब्सनने अपने पॅंन्टके जेबसे 'वह' टेनिस बॉल निकाला और फ्रॅंकको दिखाया.

'' फ्रॅंक ... यह बॉल तुम्हे कहा मिला ?'' गिब्सनने पुछा.

अचानक उस लडकेके चेहरेपर डर दिखने लगा. उसने घबराकर अपने पिताकी तरफ देखा.

'' डरो नही ...तुम्हारे पिताजी कुछ नही करेंगे '' गिब्सनने उसका डर मिटानेकी कोशीश की.

'' बोलना ... वह अंकल क्या पुछ रहे है .... कहा मिला वह बॉल?'' ब्रायनने उसे गुस्सेसे, कडे स्वरमें पुछा.

गिब्सनने इशारेसेही ब्रायनको शांत रहनेके लिए कहा. वह फ्रॅंकके पास गया और उसके सामने खडा होगया. हलकेही फ्रॅंकके कंधेपर हाथ रखकर वह उसके सामने घूटने टेककर बैठ गया. गिब्सनने उसकी मासूम आंखोमे देखा, उसके छोटे छोटे हाथ अपने हाथमें लेकर थपथपाते हूए पुछा,

'' तूम मुझे उस जगहपर ले जाओगे ?''

फ्रॅंक भलेही डरा हूवा था फिरभी उसके चेहरेपर हामी दिख रही थी.


क्रमश:..


Quote of the day-

The thing always happens that you really believe in; and the belief in a thing makes it happen.

----Frank Loyd Wright


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Friday, August 8, 2008

Hindi books - Black Hole CH-9 वह बॉल

Inspirational thoughts-

We are all motivated by a keen desire for praise, and the better a man is, the more he is inspired to glory.

---Cicero


रातका वक्त था. सब तरफ अंधेरा ही अंधेरा फैला हूवा था. और ऐसे वक्त गिब्सन उस पुराने हवेलीके पास आकर पहूंचा. आसपास एकदम सन्नाटा था और आवाज आ रहा था वह सिर्फ 'किर्र .. किर्र ..' करते हूए झिंगुरोंका. गिब्सनने अपने टार्चकी रोशनी हवेलीके बगलमें जो कुंआ था उसपर डाली और धीरे धीरे मानो अपने होश हवास खोकर वह कुंएकी तरफ बढने लगा. कुंएके किनारेपर पहूंचतेही उसने उसके टॉर्चकी रोशनी कुंएमें डाली और अंदर झांककर देखने लगा.

कुंएके किनारेसे गिब्सन दो कदम पिछे हट गया और उसने अपने टॉर्चकी रोशनी आसपासके इलाकेपर डाली. इर्दगिर्द फैले घने अंधेरेमें हवेलीकी पुरानी दिवारें और आसपास बढ चूके घने पेढ औरही भयानक लग रहे थे. कुतोंका कही दूरसे आ रहा रोनेका स्वर इस भयानक वातावरणको औरही भयावह बना रहा था. कुंएके बगलमें जो पुरानी हवेली थी उस तरफ अब गिब्सनके कदम धीरे धीरे बढने लगे.

हवेली के अंदर गिब्सन चारो तरफ टार्चकी रोशनी डालते हूए बडी सावधानीसे एक एक कदम आगे बढा रहा था. इतनेमें उसके खयालमें आया की कुछ बडी कालीसी चिज उसपर हमला करनेकेलिए उसकी तरफ झपट पडी है . डरके मारे पिछे हटकर वह झटसे निचे झूक गया. बादमें उसके खयालमें आ गया की वह एक चमगादडोंका बडासा झुंड था. वह झुंड कुछ देरके लिए उसके सरके इर्दगिर्द मंडराता रहा और फिर कही दूर चला गया. गिब्सनने राहत की सांस ली.

हवेलीके अंदर दिवारोंपर लिओनार्दो दा व्हिन्सीके काफी पोर्ट्रेटस लगाए हूए थे. गिब्सनने उन पोस्टरोंको धीरेसे एक एक करके छुवा. इससे उसका लिओनार्दो दा व्हिन्सी और उनके आर्टके प्रति एक आदर, एक प्रेम झलक रहा था.

अचानक गिब्सनको हवेलीके बाहर किसीके उपस्थितीकी आहट होगई. गिब्सन एकदम स्थिर और स्तब्ध होकर फिरसे ध्यान लगाकर सुनने लगा. बाहर जोभी कोई होगा उसे वह दिखना नही चाहिए इसलिए उसने अपना टॉर्च बंद किया. वह जैसेही स्तब्ध और स्थिर हूवा, बाहेरका आवाजभी रुक गया. उसने अपने चेहरेपर आ रही लंबे घुंगराले बालकी लटें पिछे ली और अंधेरेमें झांककर देखा.

बाहर उसे एक साया हाथमें लालटेन लेकर उसकी तरफही आता दिखाई दिया.

कौन होगा वह साया ?...

उस भयानक वातावरणमें वह काला साया औरभी भयानक दिख रहा था.

गिब्सन जहांसे झांककर देख रहा था वही एक दिवारके पिछे छिप गया और बिच बिचमें झांककर बाहरके स्थितीका जायजा लेने लगा. उसे इस बातका आश्चर्य लग रहा था की वह जहां छिपा था, उस तरफ वह सायाभी आ रहा था.

जब वह साया गिब्सनके एकदम करीब आ गया, गिब्सनने बगलमेंही पडा हूवा एक लकडीका टूकडा उठाया. जैसे जैसे वह साया उसके नजदिक आता उसकी उस लकडीपर पकड और मजबूत हो जाती. वह साया उसकी पहूंचमें आतेही, एक पलकाभी समय ना गवांते हूए उसने उस लकडीके टूकडेसे उस सायेपर एक जबर प्रहार किया. वह साया निचे गिर गया और कराहने लगा.

आवाज तो पहचानका लग रहा है ...

गिब्सनने अपना टॉर्च चलाकर रोशनी उस सायेपर डाली. वह साया दुसरा तिसरा कोई ना होकर बगलकेही गांवका ब्रायन था. उम्रसे लगभग पैतिसके आसपास, काला रंग, चमकती हूई त्वचा और कसा हूवा शरीर ऐसा ब्रायन हुलिया था. उन दोनोंकी पहलेही उस नजदिकके बस्तीमें पहचान हो चूकी थी. उसने उसपर टॉर्चकी रोशनी डालतेही व डरके मारे अपने दोनो हाथसे अपने सरको ढंकते हूए चिल्लाने लगा, '' साहब ... मै ...मै ब्रायन हूं ... मै यहा आपके मददके लिए आया हूं ''

'' मददके लिए ? ... इतनी रात गए ?... और यह तरीका है ?'' गिब्सन चिढकर बोला.

ब्रायन अपना सर दोनो हाथसे पकडकर उठ गया. गिब्सनने उसके पास जाकर टॉर्चके रोशनीमें उसके सरपर पडे मारका जायजा लिया.

'' आय ऍम सो सॉरी.. सच कहूं तो... मुझे लगा..."' गिब्सन को बुरा लग रहा था.

'' मुझे आपको एक बात बतानी थी ...'' ब्रायन अब ठिकसे बैठते हूए बोला.

'' कौनसी ?'' गिब्सनने पुछा.

उठकर खडे होते हूए ब्रायनने उसके जेबसे एक टेनिसका बॉल निकाला और गिब्सनको दिखाया.

'' यह क्या है ?'' गिब्सनने पुछा.

'' यह वही बॉल है जिसके साथ वह लडके खेल रहे थे और खेलते खेलते ब्लॅकहोलमें गिरा था. ...'' ब्रायनने कहा.

'' तुम्हे कहा मिला ?'' गिब्सन बॉल अपने हाथमें लेते हूए, उसे गौरसे देखते हूए आश्चर्यसे बोला.

'' मेरे बेटेको मिला '' ब्रायनने कहा.

गिब्सनने उस बॉलको उपर निचे घुमाकर गौरसे देखा. उस बॉलपर एक जगह उसे काले रंगसे आदमीके खोपडीका चित्र निकाला हूवा दिखाई दिया.

क्रमश:...


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---Cicero


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Thursday, August 7, 2008

Hindi Book - Black Hoel CH-8 सायमनकी तलाश

हवेलीके सामने कुंएके इर्दगिर्द अब सायमनके पिता, माता और बाकी दुसरे गाववाले लोग इकठ्ठा हूए थे. लडकेके पिताने और बाकी लोगोंने साथमें बडेबडे रस्से लाये थे. वे अब अंदर उतरनेके लिए रस्सा कुंवेमें छोडने लगे. इतनेमें वहा एक बुढा आदमी आगया. पता नही कहांसे आया? वह लडकेके पिताके पास गया और उसके कंधे जोरजोरसे झंझोरकर उसे चेतावनी देते हूए बोला, '' ऐसा पागलोंकी तरह कुछ मत करो... तुम्हे पता नही... अबतक इस कुंवेमें उतरा हूवा कोईभी अबतक वापस आया नही है ...''

सायमनके पिताने उस बुढेकी तरफ एक नजर डाली और उसको अनदेखा करते हूए अपना रस्सा अंदर छोडनेका काम जारी रखा. बुढा अपना कोई नही सुन रहा है यह देखकर वहांसे चला गया.

उस कुंएके इर्दगिर्द जमा हूए लोगोंने कुएमें रस्सा छोडा और सायमनके पिता वह रस्सा पकडकर कुंएमें उतरने लगे. वे उतरते समय रस्सेका एक सिरा कुंएके बाहर, बाकी लोगोंने पक्का पकडा हूवा था और जैसे जैसे सायमनके पिता कुंएमें निचे उतर रहे थे वे रस्सा धीरे धीरे निचे छोडने लगे.

पहला रस्सा खतम हूवा इसलिए कुंएके बाहर खडे लोगोंने अंदर छोडे रस्सेको और एक रस्सा जोडकर बांध दिया और फिरसे थोडा थोडा रस्सा अंदर छोडने लगे. धीरे धीरे दुसरा, तिसरा, चौथा और पांचवा ऐसा करते हूए सारे रस्से खतम हूए. अब उनके पास बांधनेके लिए और रस्सा नही बचा था.

अचानक रस्सा निचे छोडते हूए उस रस्सेको एक झटका लगा और रस्सेकी तन्यता एकदम खत्म होगई. जो लोग जोर लगाकर रस्सेको पकडकर थे वे पिछे पत्थरोंके ढेरके पास निचे गिर गए. वे तुरंत, झटसे खडे होगए और डर और आश्चर्यके भावसे एकदूसरेकी तरफ देखने लगे.

'' क्या हूवा ?''

'' रस्सा टूट तो नही गया ?''

उनमेंसे एकने कुंएमें छोडा रस्सा हिलाकर अंदर सायमनके पिताको इशारा करनेकी कोशीश की. लेकिन अंदरसे कोई प्रतिसाद नही था.

धीरे धीरे कुंएके इर्द गिर्द गांवके और लोग जमा हो गए. कुछ लोग अबभी अंदर कुंएमें छोडा हूवा रस्सा हिलाकर सायमनके पिताके इशारेका इंतजार कर रहे थे तो कुछ लोग कुंएमें अंदर झुककर देख रहे थे. अंदर किसीके होनेका कोई चिन्ह नही दिख रहा था, सिर्फ काला काला अंतहीन खालीपन दिख रहा था. वहां जमे लोग संभ्रमसे एकदूसरेकी तरफ देख रहे थे. उन्हे अब आगे क्या किया जाए कुछ सुझ नही रहा था.

सायमनकी मां को अंदर कुंएमें क्या हूवा होगा इसका अंदाजा वहां आसपास जमे लोगोंके डरसे म्लान हूए चेहरे देखकर अच्छी तरह से हो गया था. इतनी देरसे धीरजसे काम लेनेवाली सायमनकी मां आखरी टूट गई और फुटफुटकर रोने लगी. कुछ गांवकी औरते, जो वहां जम गई थी, उसको समझा बुझानेकी कोशीश करने लगी.

सायमन और सायमनके पिता गुजर जानेसे गांवमें माहौल काफी दुखी था. सायमनके पिता गुजर गए थे और उनका पार्थीवभी नही मिला था और मिलनेके कोई आसारभी नजर नही आ रहे थे. लोगोंने सायमन और उसके पिता इनके शवके प्रतिकके तौर पर दो पत्थर उनके घरके सामने रखे थे. बडा पत्थर यानी सायमनके पिता और छोटा पत्थर मतलब सायमन. गांवके लोग उस दो पत्थरोंके इर्दगिर्द जमा हो गए थे. उन पत्थरोंकी उन्होने मट्टी और राख लगाकर पुजा की और पत्थरोंको दो छोटे छोटे कपडेके टूकडेसे ढक लिया. लडकेकी मां यानीकी उस आदमीकी पत्नी अब सिसक सिसककर रोने लगी थी.

भिडमेंसे चार लोग अब उन पत्थरोंके पास आगे गये. उन्होने मानो वे सायमन और उसके पिताका शव हो इस तरह बडी सावधानीसे उनको उठाकर कंधेपर लिया. उन पत्थरोंको कंधेपर लेतेही सायमनकी मां उठ खडी होगई और फिरसे जोर जोरसे रोने लगी. उसके आसपास जमी महिलाओंने उसे समाझा बुझाकर शांत करनेकी कोशीश की.

वे चार लोग अब उन पत्थरोंको कंधेपर उठाकर उनके अंत्यविधीके लिए जंगलकी तरफ रवाना हो गए. रोती हूई सायमनकी मां और गांवके बाकी जमा हूई भीड उन लोगोंके पिछे पिछे जाने लगी. सबसे पिछे भारी मनसे गिब्सनभी उस भिडके पिछे पिछे जंगलकी तरफ जाने लगा.


क्रमश:...

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Wednesday, August 6, 2008

Hindi Books - Black Hole CH-7 सायमन

थोडी देरमें वह हवेली, वह कुंआ और आसपासका इलाका देखनेके बाद गिब्सन अपने कारके पास वापस आ गया. कारके पास आनेके बाद फिरसे कुछ पलके लिए वह अपने विचारोंमे खोकर उस हवेलीकी तरफ देखने लगा. थोडी देरसे अपने विचारोंसे बाहर आते हूए उसने आसपास देखा. रास्तेके दोनों तरफ हवेलीसे दुर दुर तक कोई नही दिख रहा था. वहांसे दो चार मील दूर एक पहाडकी गोदमें एक बस्ती बंसी हूई देखकर गिब्सनको सुकुनसा महसूस हूवा.

गिब्सन कारमें बैठ गया और गाडी शूरु कर उसने अपनी गाडी उस बस्तीकी ओर दौडाई. जैसेही उसकी कार वहांसे चली गई, एक जगह झाडीके पिछे छूपे हूए चार लडके सायमन, रेयान, माल्कम और अब्राहम बाहर आ गए.

'' ए चलो वह चला गया '' अब्राहमने कहा.

'' कौन था वह ?'' सायमनने पुछा.

वे सब लडके उस पुराने हवेलीकी तरफ जाने लगे.

'' मुझे क्या मालूम? ... होगा कोई नया मुसाफीर ..'' माल्कमने कंधे उचकाकर कहा.

'' ए मेरी मां ने उस तरफ ना जानेकी हिदायत दी है '' उनमेंसे सायमन दुसरोंको सतर्क करनेके इरादेसे बोला.

'' अरे... बडे लोग हमेशा ऐसेही डराते है '' अब्राहमने बिनदास अंदाजमें उसकी चिंता दूर करनेके लिए उसकी पिठ थपथपाते हूए कहा.

'' नही ... मैने सुना है की ब्लॅक होलमें भूत है करके '' रेयान ने कहा.

'' अरे ... हम उस ब्लॅक होलकी तरफ नही जा रहे है '' माल्कमने उसे समझाते हूए कहा.

'' ब्लॅक होल?'' उनमेंसे सबसे छोटे सायमनने पुछा.

'' तुम्हे पता नही ?... लोग उस कुंएको ब्लॅक होल कहते है '' माल्कमने उसे आश्चर्यसे पुछा.

'' क्यो ? ... क्यो बोलते है ?'' सायमनने पुछा.

उनमेंसे सबसे बडे अब्राहमने सायमनके कमरके निचेवाले हिस्सेपर चांटा मारते हूए कहा, '' क्योंकी ... सारे 'होल' ब्लॅक नही होते है इसलिए ''

रेयान, माल्कम और अब्राहम उसकी मजाक उडाते हूए हंसने लगे. सायमनभी कुछ ना समझते हूए उनके साथ हसने लगा.

लडके अब हवेलीके सामने मैदानमे बॉल खेलने लगे. अब्राहमके हाथमें बॉल था, उसने वह दुसरे लडकोंको फेंककर मारनेसे पहले उस बॉलको गौरसे देखा. उस बॉलपर किसीने काले पेनसे मानवी खोपडीका भयानक चित्र निकाला हूवा था.

उनमेंसेही किसी लडके काम होगा यह ...

उसने सोचा. अब्राहम अब कौन लडका उसे सबसे नजदिक पडता है यह देखने लगा. रेयान उसे सबसे नजदिक लगा, इसलिए वह उसके पिछे तेजीसे दौडने लगा. दौडते हूए उसने जोरसे वह बॉल सामने दौड रहे रेयानके पिठमें मारा. वह रेयानके पिठमें बराबर बिचोबिच लगा.

'उं..क' रेयानके मुंहसे आवाज आया. चूंकी वह बॉल काफी कठीन था इसलिए उसे जोरसे लगा होगा.

वह बॉल उसके पिठमें लगकर एक तरफ उछल गया और उस दिशामें उछलता और लूढकता हूवा जाने लगा. उनके ग्रुपके दुसरे एक लडकेके पास, माल्कमके पास वह बॉल पहूंच गया. उसने दौडकर वह उठाया और वह अब कौन नजदिक पडेगा इसका अंदाजा लेने लगा. उसके पास, और पहूंचमे जो लडके थे वे अब उससे दूर भागने लगे. उनमेंसे एक, अब्राहिमका वह पिछा करने लगा. पिछा करते हूए उसने वह बॉल सामने दौड रहे अब्राहमके पिठमें जोरसे दे मारा. लेकिन अब्राहम चालाकीसे निचे झुक गया और बॉल लगनेसे बचनेमें कामयाब हो गया. बॉल अब दुसरे एक लडकेके, सायमनके सामनेसे उछलता हूवा, लूढकता हूवा, आगे आगे जाने लगा. इस बार चूंकी माल्कमका निशाना गलत हूवा था बॉलको काफी गती थी. सायमन उस बॉलके पिछे दौडने लगा. उस बॉलमें इतनी गती थी की वह बॉल उछलता हूवा उस ब्लॅकहोलके इर्दगिर्द जो एक पत्थरोंका ढेर था उसके उपर जाकर पहूंच गया और निचे कुंएकी दिशामें लुढकने लगा. सायमन उस बॉलको पकडनेके लिए जी तोड कोशीश करने लगा. लेकिन उसका कुछ फायदा नही हूवा. वह बॉल लूढकते हूए उस कुंएमें गिरही गया. लेकिन यह क्या ? उस पत्थरके ढेरसे सायमन फिसल गया और वहभी उस बॉलके पिछे कुंएमें लूढकने लगा.

बाकी लडके कुंएके इर्दगिर्द जमा हो गए और सायमनको मदद करनेकी कोशीश करने लगे. सायमन उस कुंएके किनारेपर एक पत्थरका आधार लेते हूए, एक पैर कुंएमें तो दूसरा पैर उपर किसी पत्थरका सहारा ढूंढता हूवा, इस हालमें लटक रहा था. लडके गडबडा गए, घबरा गए, उन्हे क्या किया जाए कुछ सुझ नही रहा था. वे एक दूसरेका हाथ पकडकर उसकी जंजीर बनाते हूए सायमनके पास पहूंचनेका प्रयास करने लगे. जंजीर बनाते हूए सबसे आखिर माल्कम सायमनके पास पहूंचनेही वाला था इतनेमें सायमनने जिस पत्थरको पकडा था वही पत्थर ढिला होकर बाहर आगया और वह पत्थर और सायमन दोनो कुंएमें गिर गए. गिरते हूए उसकी एक बडी चिख वातावरणमें गुंजी और वह किसी हैवानके मुंहमें गायब हूवा हो ऐसे एकदमसे बंद होगई.


क्रमश:...


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Tuesday, August 5, 2008

Hindi fiction Book - Black Hole : CH-6 गिब्सनकी यात्रा

Thought of the day -

Keep steadily before you the fact that all true success depends at last upon yourself.

----- Theodore T. Hunger


स्टेला अपने सोचकी दुनियासे जब बाहर आ गई तब उसके खयालमें आया की वह सामने जाकोबके पासवाले सीटपर कारमें बैठी हूई है और जाकोब कार चला रहा है. फिरसे उसका ध्यान उसके कलाईपर बंधे हूए चमकीले पत्थरकी तर्फ गया. इतना बडा पत्थर और इतना चमकिला इसका उसे आश्चर्य लग रहा था.

'' तुम्हे यह कहा मिला ?"'' आखिर वह अपने आपको रोक ना पाई और उसने उस पत्थरके बारेमें उससे पुछा. .जाकोबने ड्रायव्हींग करते हूए एक बार उसकी तरफ और फिर अपनी कलाईपर बंधे हूए पत्थरकी तरफ देखा.

'' तुम्हे ऐसे पत्थरोंकी काफी पहचान और लगाव दिखता है '' उसने कहा और फिरसे आगे रास्तेपर देखते हूए ड्रायव्हींग करने लगा.

'' गिब्सन... यह मुझे गिब्सनने दिया '' जाकोबने सामने देखते हूए आगे कहा.

स्टेलाने एक बार उसकी तरफ देखा और फिरसे उस पत्थरकी तरफ देखते हूए वह भूतकालमें खो गई...


... गिब्सनकी कार रास्तेपर तेजीसे दौड रही थी. कार चलाते हूए गिब्सनने चारो ओर एक नजर दौडाई. चारो तरफ सब हरे हरे खेत दिख रहे थे. इतेनेमें उसकी कार एक खेतकी बाजुसे गुजरने लगी जहा उंचे उंचे पेढ और उंची उंची घास उग चूकी थी. उस खेतमें बढे पेढ और घासके बिचमें एक पुरानी प्राचिन हवेली खडी थी. गिब्सनने अपनी कार रास्तेके किनारे लगाकर रोकी. वह हवेली और आसपासका इलाका देखकर मानो मंत्रमुग्ध हो गया था. वह अपने गाडीसे उतर गया और धीरे धीरे उस खेतकी तरफ बढने लग़ा, मानो कोई अज्ञात शक्ती उसे उस हवेलीकी तरफ खिंच रही हो.

उन खेतमें बढे पेढ और घासको लांघते हूए वह उस हवेलीकी तरफ जाने लगा. इतनेमें उसका ध्यान हवेलीसे सटकर काले पत्थरमें बने और काले पत्थरोसे घिरे हूए एक कुंएकी तरफ गया.

यह वहीतो कुंवा नही ?...

उसकी उत्सुकता बढने लगी. उत्सुकतावश वह उस कुंवेकी तरफ बढने लगा.

कुंवेके किनारे खडे होकर अब वह झुककर अंदर झांकने लगा. उसने बगलके पत्थरोके ढेरसे एक पत्थर उठाया और कुंवेमे उछाल दिया. कोई आवाज नही आई. उसने निचे कुंएके अंदर फिरसे गौरसे देखा. ना कुंवेका तल दिख रहा था ना पाणी, सिर्फ अवकाशकी तरह अमर्याद काला काला अंधेरा दिख रहा था.


क्रमश:...


Thought of the day -

Keep steadily before you the fact that all true success depends at last upon yourself.

----- Theodore T. Hunger


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Friday, August 1, 2008

Books online - Black Hole CH-5 ती फाईल

बॅग वगैरा लेकर गिब्सन कामपर जानेके लिए निकला था. जाते जाते वह दारवाजेके पास रुका और पिछे मुडकर देखने लगा. स्टेलाभी किचनसे बाहर आकर उसके पास गई. उसके एकदम पास जाकर उसने उसका टाय ठिक किया. दोनोंभी एकदूसरेकी तरफ देखकर मुस्कुराए. गिब्सन बाहर कामपर जानेके पहले यह उसका रोजका ही नियम रहा होगा ऐसा लग रहा था.

'' खानेपर मत रुकना... कामसे वक्त मिलेगा या नही यह मै अभी नही बता पाऊंगा. '' गिब्सनने कहा.

उन्होने एक दूसरेको किस किया और गिब्सन कामपर जानेके लिए घरसे बाहर निकल गया.

गिब्सन बाहर जानेके बाद स्टेला जब अंदर पलटी तब उसके खयालमें आ गया की उसका पती एक फाईल भूल गया है, जो डायनिंग टेबलपर रखी हूई थी. उसने वह फाईल उठाई और वह घरके बाहर जल्दीसे निकल पडी. गिब्सनके पास जाकर वह फाईल अपने पिठ के पिछे छूपाकर खडी हो गई.

''तूम कुछ भूले तो नही ?'' स्टेलाने पुछा.

गिब्सन चलते हूए रुक गया और उसने हडबडाकर पिछे मुडकर देखा. उसने झटसे अपने पिठके पिछेसे वह फाईल निकालकर उसके सामने की. उसने अपने भूलक्कडपण को कोसते हूए मजाकमें अपने सर में एक चपटी मारी. स्टेला अब यूंही उस फाईलके पन्ने पलटने लगी. फाईल के पन्ने पलटते हूए उसे उसमें एक कुंवेका काला स्केच दिखाई दिया. तबतक गिब्सन उसके पास आया था. उसे रह रहकर उस स्केचमें कुछ गुढ होनेका अहसास हो रहा था.

'' यह क्या है ?'' उसने पुछा.

जब गिब्सनके ध्यानमें आया की वह उस कुंवेका स्केच देख रही है वह एकदमसे गंभिर हो गया. लेकिन जल्दीही अपने आपको संभालते हूए वह एकदम नॉर्मल होनेके प्रयासमें बोला, '' कुछ नही ''

काफी देरतक दोनोंमे एक अर्थपूर्ण स्तब्धता और सन्नाटा था.

स्टेला जान गई थी की यह कोई महत्वपुर्ण स्केच है जो की गिब्सन उसे बताना नही चाहता.

और गिब्सनकोभी उसके दिमागमें क्या चल रहा होगा इसका अंदाजा हो गया था.

गिब्सन चतूराईसे और सामने आगया, उसने वह फाईल उसके हाथसे खिंच ली और कहा, '' दो जल्दी दो... मुझे पहलेही देर हो रही है...''

वह कुछ बोलनेके पहलेही गिब्सनने उसके माथेका चूंबन लिया और वह झटसे मुडते हूए वहांसे चला गया.

स्टेला उसको जाता हूवा देखती रह गई.

गिब्सनने अपने गाडीमें बैठकर गाडी शुरु की. उसने कारके खिडकीसे हाथ बाहर निकालकर स्टेलाको ' बाय ' किया.

'' बाय हनी... टेक केअर '' स्टेला जबतक बोलती तबतक उसकी गाडी तेजीसे दौड पडी थी.

गिब्सनकी गाडी नजरोंसे ओझल होनेके बाद स्टेला वापस अपने घरकी तरफ मुडी. घरमें आकर उसने दरवाजा अंदरसे बंद कर लिया, लेकिन उसके चेहरेपर अबभी घोर चिंताके भाव दिख रहे थे.


क्रमश:..


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About Hindi

Hindi is the name given to an Indo-Aryan language, or a dialect continuum of languages, spoken in northern and central India (the "Hindi belt")Native speakers of Hindi dialects between them account for 41% of the Indian population (2001 Indian census). That is the reason because of which the entertainment industry in India mainly use Hindi. And the idustry which is also called as bollywood is the second largest industry producing movies in the world. As defined in the Constitution, Hindi is the official language of India and is one of the 22 scheduled languages specified in the Eighth Schedule to the Constitution. Official Hindi is often described as Modern Standard Hindi, which is used, along with English, for administration of the central government. Standard Hindi is a sanskritised register derived from the khari boli dialect. Urdu is a different, persianised, register of the same dialect. Taken together, these registers are historically also known as Hindustani.