उपन्यास - अद्-भूत (संपूर्ण) The horror, suspense, thriller [Email this] English Version-> [Aghast]
उपन्यास - शून्य (संपूर्ण) The suspense, thriller [Email this] English Version->[Zero]
उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण) The Mystery, horror, suspense Email this English Version->[Black Hole]
उपन्यास - ई लव्ह (संपूर्ण) The suspense, thriller Email this English Version->[eLove]
उपन्यास -मधुराणी (संपूर्ण) Story of a femine power [Email this] English Version-> [Honey]
उपन्यास -मधुराणी (Current Novel)
Story of a femine power
English Version->[Honey]
Yes! You can Publish your Novel on this Blog! --> Details Here.

Ch-65 : पेपर रोल (शून्य-उपन्यास) Hindi

Next Chapter Previous Chapter

This Novel in English

विनय पुरी तैयारीके साथ रात एक बजेके बाद डॉ. कयूम खानके बंगलेके पास आया. बंगला बाकीके मकानोंसे अलग थलग बंसा हूवा था. इसलिए बंगलेमे पिछेसे प्रवेश करना शायद मुमकीन था. विनयने अंदाजा लगाया. एक बार फिर इधर उधर देखते हूए वह बंगलेके पिछवाडेकी तरफ जाने लगा.

विनयकी नजर पहुचेगी नही ऐसी एक जगह काली कार पार्क की हूई थी. अंदर जॉन और सॅम दुर्बिणसे विनयके हर हरकतको बारकाईसे देख रहे थे. .

" मुझे लगता है अब उसे जाकर पकडनेमें कुछ हर्ज नही होना चाहिए... नहीतो देर हो जाएगी." सॅम ने कहा.

" नही अभी नही ... मुझे पुरा यकिन है की वह अंदर खुनी श्रृंखला आगे बढानेके लिए नही जा रहा है. ' जॉनने कहा.

" फिर किसलिए जा रहा होगा ?" सॅमने पुछा.

"वहीतो हमे पता करना है " जॉनने कहा.

विनय जब बंगलेके पिछेकी तरफ जाने लगा तब अंदर बैठे हूए जॉन और सॅम एकदम अलर्ट हो गए. विनय नजरोंसे ओझल होतेही वे कारसे बाहर निकल आये.


विनय बंगलेके हॉलमें खडा था. हॉलमें अंधेरा था. सामने एक कमरा खुला दिख रहा था और उस कमरेसे धुंधली रोशनी बाहर आ रही थी. बंदूक तानकर धीरे धीरे विनय उस कमरेके दरवाजेके दिशामें चलने लगा. उसको सामने एक कुर्सीपर बैठा हूवा एक आदमीका साया दिखाई दिया. उस सायेका मुंह उस तरफ था. वह साया अंधेरेमें बैठा होनेसे वह कौन है यह पहचानना मुमकीन नही था. वह साया पैर फैलाकर कुर्सीपर आरामसे बैठा हूवा था. विनय उस सायेकी दिशामें चलने लगा. उतनेमें अचानक -

" हॅन्ड्स अप... थ्रो द गन" एक कडा आवाज हॉलमें गुंजा.

जॉन और सॅम विनयके पिछे बंदूक ताने हूए खडे थे. उन्हे वह कुर्सीपर बैठा हूवा साया भी दिख रहा था. इस अचानक हूए अप्रत्याशीत घटनासे विनय घबरा गया और गडबडा गया. उसने अपनी बंदूक जमीनपर फेंक दी और अपने दोनो हाथ उपर हवामें उठाए. सामने धुंधले रोशनीमें बैठे आदमीने अपनी पहियेवाली कुर्सी आवाजकी तरफ घुमाई. विनय अब संभलकर धीरे धीरे मुडने लगा था. सामने धुंधले रोशनीमें बैठा सायाभी उठकर खडा होनेका प्रयास करने लगा.

" डोन्ट मूव्ह" जॉनका कडा स्वर गुंजा.

विनय किसी बूत की तरह अपने जगह बिना हिले खडा हो गया. वह कुर्सीपर बैठा सायाभी अपने जगहपर बैठा रहा.

लेकिन यह क्या ?...

उस सायेके हाथमें शायद बंदूक थी.....

उसके हाथमें बंदूक दिखतेही सॅमने अपने बंदूकसे उस सायेपर गोलीयां की बरसात शुरु कर दी.

" नो...." जॉनने सॅमके हाथसे बंदूक दुसरे तरफ करनेकी कोशीश की.

उनके सामने 'धप' 'धप' ऐसे दो आवाज आये. एक वह साया गिरनेका और दुसरा विनय निचे गिरनेका. सॅमकी बंदूक बाजु हटानेके चक्करमें विनयके मस्तकमें एक गोली घुस गई थी.

" व्हॉट हॅपन्ड टू यू" जॉनने चिढकर सॅमसे कहा.

" अगर मैने बंदूक नही चलायी होती तो उसने चलाई होती " सॅमने कहा.

सॅम उस काले सायेके निचे पडे शरीरकी तरफ दौडा. और जॉन विनयके निचे पडे शरीरकी तरफ दौडा. सॅमने स्टडी रूमका बडा बल्ब जलाया. निचे एक वयस्कर सफेद दाढी रखा हूवा और पुरी मुंछ मुंडाया हूवा एक शख्स पडा हूवा था. वही डॉ. कयूम था. डॉ. कयूमका शरीर एक राखके ढेरपर गिरकर राख इधर उधर बिखर गई थी. वह राख शायद कुछ कागजाद या कोई पुस्तक जलानेसे बनी हूई थी. डॉ. कयूमके हाथमें एक कागजका रोल था. उस रोलकोही अंधेरेमे बंदूक समझकर सॅमने बंदूक चलाई थी.

" उसके हाथमें कागजका रोल देखकर अपने आपपर चिढकर सॅमके मुंहसे निकल गया, " शिट ... व्हाट अ फूल आय अॅम ... यह तो सिर्फ रोल किया हूवा पेपर है.."

सॅमने निचे घुटनेपर बैठकर उस निचे गिरे आदमीकी नब्ज टटोली. उसकी नब्ज पुरी तरहसे बंद हो चूकी थी. " हि इज डेड" सॅमके मुंहसे निकल गया.

जॉनने निचे पडे हूए विनयके शरीरकी तरफ देखा. वह अबभी दर्दसे कराह रहा था. उसने निचे झुककर उसे कहां गोली लगी यह देखा और वह उसके बचनेकी कितनी संभावना है यह देखने लगा.

" इसे किसीभी हालातमें हमें बचाना पडेगा" जॉनने कहा.

उसने वैसेही वहा घुटनेपर बैठकर जेबसे मोबाईल निकाला और एक नंबर डायल करने लगा.

उधर सॅमने निचे गिरे डॉ. कयूम खानके शवके हाथसे कागजका रोल खिंच लिया. वह कागजका रोल उसने खोलकर देखा. उस कागजपर अलग अलग तारख और समय लिखा हूवा था. कही 'लाभदायक समय' तो कही 'अति लाभदायक समय' ऐसा लिखा हूवा था. कही कही 'धोकादायक समय' ऐसाभी लिखा हूवा था. उसमें डॉ. कयूमकी लगभग सब कुंडलीही लिखी हूई थी. पढते पढते सॅमका ध्यान कागजके एकदम आखिरमें गया. .

" माय गॉड !" सॅमके मुंहसे निकल गया.

" जॉन " सॅम आवाज देते हूए जॉनके पास गया.

जॉनने अभी अभी हॉस्पिटलको फोन लगाकर तुरंत यहा आनेके लिए कहा था.

"जॉन यह तो देखो " सॅमने वह कागज जॉनके सामने पकडा.

जॉनने उस कागजको हाथमें लेकर एक नजर दौडाई और वह कागज निचे फेंकते हूए कहा -

" अरे आजकल ज्योतिष्य यह एक फॅशनही हो गया है."

सॅमने वह कागज उठाया और उस कागजके आखिरमें लिखा हूवा जॉनको दिखाकर कहा-

" यह इधर देखो... यहां ... तारीख 17 रातके बारा से आगे 3 दिन 'धोकादायक समय' और यह देखो यहां रातके 12 से 2 तक 'अति धोकादायक समय' "

जॉनने वह कागद अपने हाथमें लेकर ठिकसे देखा. उसने घडीमें देखा 1 बजकर 5 मिनट हो चूके थे. और आज तारीख बराबर 17 थी. जॉन स्तब्ध होकर उस कागजकी तरफ देखने लगा. उसके चेहरेपर एक गूढतापुर्ण आश्चर्य फैल गया था. जॉन जहा खडा था वही निचे जमिनपर विनय कराह रहा था. उसने सॅमने जॉनको पढाकर सुनाया सुना था. उसे बॉसके पास रहे ज्ञानकी पुरी तरह तसल्ली हूई थी. आखिर एक दीर्घ सांस लेते हूए विनयकी गर्दन एक तरफ ढूलक गई. लेकिन उसकी वह ज्ञान हथीयानेकी इच्छा पुरी नही हो सकी थी...

क्रमश:...

This Novel in English

Next Chapter Previous Chapter

No comments:

Post a Comment

Enter your email address to SUBSCRIBE the Hindi Novels:

आप HindiNovels.Net इस अंतर्जाल पर आनेवाले

वे आगंतुक है

Marathi Subscribers

English Subscribers

Hindi Subscribers

Social Network

Next Hindi Novels - Comedy, Suspense, Thriller, Romance, Horror, Mystery

1. करने गया कुछ कट गयी साली मुछ (कॉमेडी)
2. मधूराणी (the story of femine power)
3. सायबर लव्ह (लव्ह, सस्पेन्स)
4. अद-भूत (हॉरर, सस्पेंन्स थ्रीलर)
5. मृगजल (लव्ह ड्रामा, सायकॉलॉजीकल थ्रीलर)
6. फेराफेरी (कॉमेडी)
7. लव्ह लाईन (लव्ह, कॉमेडी, सस्पेन्स)
8. ब्लॅकहोल (हॉरर, मिस्ट्री, सस्पेन्स)

About Hindi

Hindi is defined as the official language in the Indian constitution and considered to be a dialect continuum of languages spoken or the name of an Indo-Aryan language. It is spoken mainly in in northern and central parts of India (also called "Hindi belt") The Native speakers of Hindi amounts to around 41% of the overall Indian population. Which is the reason why the entertainment industry in India mainly uses Hindi. The entertainment industry using Hindi is also called as bollywood. Bollywood is the second largest entertainment industry producing movies in the world after Hollywood. Hindi or Modern Standard Hindi is also used along with English as a language of administration of the central government of India. Urdu and Hindi taken together historically also called as Hindustani.