जॉन और सॅम कॉर्पोरेशनके ऑफीसमें बैठे थे. जॉनने अपने हातमे जो नक्षा था वह एक ऑफिसरके सामने खोलकर टेबलपर फैलाया. वह शहरका नक्षा था और उसपर पांच क्रास निकालकर उसमेंसे एक गोल चक्र निकाला था. जॉनने पांचवे क्रॉसकी तरफ इशारा कर ऑफीसरसे कहा,
" मि. पिटरसन हमें इस एरियामें रह रहे और जिनके नाम 'वाय' (Y) इस अक्षरसे शुरु होते हो ऐसे लोगोंकी लिस्ट चाहिए "
" इस एरियाके और 'वाय' (Y) इस अक्षरसे शुरु होनेवाले निवासी? मुझे लगता है हमें उसके लिए कॉम्प्यूटरकी सहायता लेनी पडेगी "
फिर पीटरसन खडा होते हूए बोला,
" आवो मेरे साथ "
पिटरसनन उन्हे एक कॉम्प्यूटर सेंटरमें ले गया. अंदर चार पाच क्यूबीकल्स थे. और क्यूबीकल्समें कॉम्प्यूटरपर काम करनेमें व्यस्त स्टाफ बैठा हूवा था. कॉम्प्यूटरपर काम कर रहा स्टाफ खासकर लडकियांही थी. पिटरसन उन्हे एक क्यूबीकलके पास ले गया. वहां एक बॉबकटवाली युवा लडकी कॉम्प्यूटरपर बैठी हूई थी. वह अपने काममें व्यस्त थी. उसकी आंखोपर ऐनक लगा हूवा था.
पिटरसनने उस लडकीसे कहा,
" मेरी, इन लोगोंको कुछ निवासी लोगोंकी लिस्ट चाहिए"
जॉनने अपने हाथमें था व नक्शा फिरसे उसके सामने फैलाकर कहा,
" इस एरियामें रहनेवाले... " जॉन नक्शेपर किये क्रॉसकी तरफ निर्देश करते हूए बोला.
"... और जिनके नाम 'वाय' अक्षरसे शुरु होते हो ऐसे "
उस लडकीने पहले जॉन और फिर सॅमकी तरफ एक दृष्टीक्षेप डाला. नक्शेमें बताये हूए जगहपर देखकर वह बोली,
" शुअर सर... जस्ट अ मिनट"
उसने उस क्रॉसकी तरफ देखकर तिनचार कॉलनीके नाम उसके सामने रखे एक कागज के टूकडे पर लिखे. फिर उसने कॉम्प्यूटरके डेस्कटॉपपर एक आयकॉन ढूंढा और उसपर डबल क्लीक किया.
सामने एक सॉफ्टवेअर खुल गया था. उसमें अलग अलग मेनू थे और उन मेनूमें अलग अलग आप्शन्स दिख रहे थे. आंखे छोटी करते हूए उसने एका मेनूके निचेका एक ऑप्शन सिलेक्ट किया.
सामने टेक्स्ट बॉक्समें उसने 'वाय स्टार' (Y*) टाईप किया और दुसरे सिलेक्शन बॉक्समें उसने कागज के टूकडे पर लिखी सब कॉलनी और एरियाके नाम बिचमें कॉमा देकर एकके बाद एक ऐसे लाईनमें लिखे.
वह क्या टाईप कर रही है या कहां कहां माऊस क्लीक कर रही है यह देखनेसे उसकी सफाईसे चल रही हाथोकी और उंगलीयोकी गतिविधीयां मजेदार लग रही थी.
बस अब एक बटन क्लीक करनेकीही देरी थी !..
आखीर उसने 'फाईन्ड' बटनपर माऊस क्लीक किया.
मॉनिटरपर 'फाईन्डीग' ऐसा मेसेज दिखने लगा.
अगर कॉम्प्यूटर नही होता तो यह सब जानकारी ढूंढना बडाही मुष्कील काम था. ....
जॉन सोच रहा था.
और कॉम्प्यूटर भी क्या है तो सब 'शून्य' और 'एक' का खेल. यह 'शून्य' यहांभी आ गया!...
एकदम मॉनिटरपर 29 निवासी लोगोंके नाम उनके पत्तो के सहित दिखने लगे.
" उनतीस लोग !" सॅमके मुंहसे निकल गया.
" अच्छा अब इनमेंके कौन कौन दसवे मालेपर रहते है यह पता चल सकता है क्या?" जॉनने मेरीको पुछा.
" दसवे मालेपर ? कॉम्प्यूटरके मदतसे पता चल सकता है ... लेकिन मुझे लगता है ... अगर हम उनके पते पढकर पता करे तो जादा सुविधाजनक रहेगा. " मेरीने कहा.
उसने अपने उंगलीयोंकी सफाईदार हरकतोंसे प्रिंट कमांड देकर उनतीस लोगोंके नाम उनके पतेके साथ बगलकेही प्रिंटरपर प्रिंट किए.
मेरीने वह प्रिंट हाथमें लेतेही सॅम और जॉन अपना सर बिचमें घुसाकर उस प्रिंटकी तरफ देखने लगे. वे उस प्रिंटके निवासीयोंके अॅड्रेसके रकानेसे अपनी नजर दौडाने लगे. अॅड्रेसमें फ्लोअर का जिक्र कही फ्लॅटके नंबरमें था तो कही अलगसे था. कही कही तो फ्लोअरका जिक्र रोमन नंबरमें किया हूवा था. उनके अब खयालमें आया था की दसवे मालेके निवासी कॉम्प्यूटरके मदतसे ढूंढना सचमुछ कितना मुष्कील हूवा होता.
जॉनने वह प्रिंट अपने हाथमें लेकर उसमेंके तिन लोगोंके नामपर 'टीक' किया.
जॉनने मेरीसे और पिटरसनसे हाथ मिलाया.
" थँक यू मेरी... थँक यू पिटरसन... यू हॅव रिअली मेड अवर जॉब इझी... थँकस्"
" यू आर वेलकम"
जॉन और सॅम प्रिंट लेकर वहासे जल्दी जल्दी निकल गए.
क्रमश:...
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Tuesday, March 11, 2008
Ch-53: वाय स्टार (शून्य-उपन्यास)
Posted by
Sunil Doiphode
at
9:05 AM
Labels: hindi creations, hindi jobs, hindi kitab, hindi novel, hindi on line novel, hindi on line upanyas, hindi pustak, hindi sahitya, kitabe, kitaben, on line upanyas, Sahitya akadami
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