उपन्यास - अद्-भूत (संपूर्ण)
The horror, suspense, thriller online Hindi Novel based on my english screenplay 'Latched' registered with FWA.
आप यह उपन्यास अपने दोस्तोंको ईमेलभी कर सकते है.
उपन्यास - शून्य (संपूर्ण)
The suspense, thriller online Hindi Novel based on my published book.
You can also Email this Hindi Novel to your friends!

Wednesday, January 9, 2008

Ch-11: गद्दार ... (शून्य-उपन्यास)

रात काफी हो चूकी थी. और उसमें जिस्मको चूभती हूई ठंड. पुलसे गाडीयोंके आने जानेकी चहलपहल अभीभी जारी थी. एक गाडी पुलसे किनारे आकर रुकी. उसमेंसे एक साया बाहर आया, उसने ठंडसे बचनेके लिये अच्छा खासा जाडा उलन कोट पहना हूवा था. ठंडके वजहसे या फिर कोई पहचान नही पाए इसलिए उसने सरपरभी उलनका कुछ पहना हूवा था. वह साया धीरे धीरे पुलके निचे उतरने लगा. पुलके निचे एक जगह रुककर उस सायेने फिरसे इधर उधर अपनी नजर दौडाई. फिर निचे झूककर जमीनसे कुछ पत्थर हटाकर कुछ ढुंढा. एक बडासा पत्थर हटाकर वह साया स्तब्ध हुवा. शायद पत्थरके निचे उसे कुछ दिखाई दिया था. उस सायेने वह क्या है यह टटोलकर देखा. उसने वह चिज उठाकर अपने कोट के जेबमें रखी और उस चिजकी जगह अपने कोटके जेबसे कपडेमें लिपटा हूवा कुछ निकालकर रख दिया. फिरसे हटाया हूवा वह बडासा पत्थर अपने जगहपर रख दिया. फिरसे वह साया इधर उधर देखते हूये अपने गाडीके पास जाने लगा. वह साया अपने गाडीके पास जाकर पहूचता नही की सामनेसे एक तेज दौडती हूई गाडी वहां से गुजर गई और उस गाडी के हेडलाईटकी रोशनी उस सायेके चेहरे पर पडी. वह साया दुसरा तिसरा कोई ना होकर जॉनका नजदिकी साथीदार डॅन था.


आज सुबह आयेबराबर आफिसके लोगोंको हॉलमें इकठ्ठा होनेका आदेश मिला. ऐसा बहूतही कम बार होता था. ऐसा क्या हूवा होगा की जॉनने अपने सारे साथीदारोंको हॉलमें इकठ्ठा होनेका आदेश दिया होगा? सॅम सोचमें पड गया. शायद हालहीमें शुरु सिरीयल किलरके सिलसिलेमेंही कुछ जरुरी होगा. सॅम जॉनका एकदम करीबी माना जाता था. ऐसा कुछ रहा तो उसे उसकी पहलेसेही जानकारी रहती थी. लेकिन आज वैसा नही हूवा था. बाकी लोगोंकी तरह आज सॅमभी मिटींगके उद्देशके बारेमे अनजान था.


सॅम जब हॉलमे आया तब वह वहां अकेलाही था. धीरे धीरे सबलोग आपसमें खुसुर फुसुर करते हूए आने लगे. बहुतोंने सॅमको पुछाभी. सॅमभी मिटींगके बारेमे अनभिज्ञ होनेका सबको आश्चर्य हो रहा था. अभी जॉन हॉलमें नही आया था. सबसे आखरी डॅन चोरोंकी तरह हलके पांवसे हॉलमें आया और एक कोनेमें जाकर बैठ गया. उसका चेहरा चिंताग्रस्त लग रहा था. जॉनको अपने कारनामेके बारेमें पतातो नही चला. लेकिन पता चलनेका कोई चान्स नही था. वह खुदको तसल्ली देने लगा. मैने किसका काम किया यह मुझेही पता नही तो फिर जॉनको पता होनेका कोई सवालही पैदा नही होता. मुझे किसी अज्ञात आदमीका फोन आया... उसने मुझे एक काम सौपा और उसके बदलेमे ढेर सारे पैसे दिये. पैसे भी मुझे किसी आदमीसे नही दिए गये थे, वे एक जगह रखे गए थे. डॅन अब थोडा रिलॅक्स हुवा. उसके चेहरेपरसे चिंताके बादल हटने लगे थे. इतनेमें अपने लंबे लंबे तेज कदमोंसे जॉनने हॉलमें प्रवेश किया. सिधे पोडीयमपर जाकर उसने उसके हाथमेंकी फाईल टेबलपर रख दी. आम तौर पर उसकी फाईल उसके पिछे पिछे कोई पियून लाता था. लेकिन आज उसके पिछे कोई नही था. उसकी फाइल उसने खुदही लाई थी. .

'" आज एक बुरी और उतनी ही सनसनीखेज खबर देनेके लिए मैने आपको यहां बुलाया है'' जॉन आये बराबर बोला.

इधर डॅनके दिलकी धडकन बढने लगी. जॉनने अपनी पैनी नजर हॉलमें सब तरफ घुमाई. मानो वह सबके चेहरेके भाव जानने की कोशीश कर रहा था.

उसने उसके फाईलमेंसे दो तस्वीरे निकाली और सामने बैठे उसके एक साथीके हाथमें देकर पुरे हॉलमें घुमानेके लिए कहा. तस्वीरे एकसे दुसरेके पास जाने लगी. किसीके चेहरेपर असंमजससे भ्रमभरे भाव थे तो किसीके चेहरेपर आश्चर्यके भाव छाने लगे थे.

'"दोनोभी तस्वीरे ध्यान देकर देखो'' जॉनने हिदायत दी.

हॉलमें खुसुरफुसुर होने लगी थी.

'"... दोनो तस्वीरोंमे एक टी पॉय है ... एक फोटोमें टीपॉयके उपर पेपरवेट रखा हूवा है ... तो दुसरे फोटोमें वह वहांसे गायब है... हमें सबको वारदात की जगह कोईभी वस्तू ना हिलानेकी हिदायत रहती है......" जॉनने फिरसे एकबार अपनी पैनी नजर हॉलमें घुमाई.

'" फिर वह पेपरवेट गया कहा? .... पेपरवेट गायब होता है इसका मतलब क्या?... की उस पेपरवेटमें ऐसी कोई बात थी की जिसकी वजहसे वह खुनी पकडा जाने की संभावना थी.... जैसे उसके उंगलियोंके निशान... खुनका अंश ... या ऐसाही कुछ ...'' जॉन का आवाज अब कडा हूवा था.

इधर डॅन अपने भाव छिपानेका भरसक प्रयास करने लगा.

'" तो पेपरवेट गायब होता है इसका मतलब क्या ?...की अपनेमेसेही कोई... गद्दार है और वह खुनीसे मिला हूवा है... ." जॉनने कहा.

हॉलमें स्मशानवत सन्नाटा फैला. डॅनकी आखोमें गद्दारीके भाव तैरने लगे थे. लेकिन क्या वे जॉनने पकडे थे?

... to be contd..

0 comments:

Enter your email address to SUBSCRIBE the Hindi Novels:

आप HindiNovels.Net इस अंतर्जाल पर आनेवाले वे आगंतुक है

Next Hindi Novels - Comedy, Suspense, Thriller, Romance, Horror, Mystery

1. करने गया कुछ कट गयी साली मुछ (कॉमेडी)
2. मधूराणी (the story of femine power)
3. सायबर लव्ह (लव्ह, सस्पेन्स)
4. अद-भूत (हॉरर, सस्पेंन्स थ्रीलर)
5. मृगजल (लव्ह ड्रामा, सायकॉलॉजीकल थ्रीलर)
6. फेराफेरी (कॉमेडी)
7. लव्ह लाईन (लव्ह, कॉमेडी, सस्पेन्स)
8. ब्लॅकहोल (हॉरर, मिस्ट्री, सस्पेन्स)

About Hindi

Hindi is the name given to an Indo-Aryan language, or a dialect continuum of languages, spoken in northern and central India (the "Hindi belt")Native speakers of Hindi dialects between them account for 41% of the Indian population (2001 Indian census). That is the reason because of which the entertainment industry in India mainly use Hindi. And the idustry which is also called as bollywood is the second largest industry producing movies in the world. As defined in the Constitution, Hindi is the official language of India and is one of the 22 scheduled languages specified in the Eighth Schedule to the Constitution. Official Hindi is often described as Modern Standard Hindi, which is used, along with English, for administration of the central government. Standard Hindi is a sanskritised register derived from the khari boli dialect. Urdu is a different, persianised, register of the same dialect. Taken together, these registers are historically also known as Hindustani.